हरियाणा में आज 12 जिलों में बूंदाबांदी के आसार, 2 सितंबर से मानसून पकड़ेगा रफ्तार
पंचकूला-अंबाला-यमुनानगर में भारी बारिश का यलो अलर्ट, 3-4 सितंबर को कई जिलों में तेज बारिश; हिसार 38.1°C के साथ सबसे गर्म

हरियाणा में पिछले कुछ दिनों से जारी उमस और तेज धूप के बीच मौसम विभाग ने बारिश को लेकर राहत भरा पूर्वानुमान जारी किया है। प्रदेश में 2 सितंबर से मानसून की सक्रियता बढ़ने की संभावना है। मौसम विभाग के अनुसार 1 सितंबर को पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल, पानीपत, सोनीपत, गुरुग्राम, फरीदाबाद, पलवल और नूंह समेत कई जिलों में छिटपुट बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है, जबकि हिसार, सिरसा, फतेहाबाद, जींद, भिवानी, चरखी दादरी, रोहतक, झज्जर, रेवाड़ी और महेंद्रगढ़ में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक मानसून टर्फ की उत्तरी सीमा अमृतसर, नजीबाबाद, हरदोई, सुल्तानपुर और डालटागंज से होते हुए उत्तर-पूर्वी बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है, जबकि पाकिस्तान के ऊपर एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन भी सक्रिय है। इन मौसमी परिस्थितियों के चलते हरियाणा में मानसून की गतिविधियां बढ़ सकती हैं। 2 सितंबर से प्रदेश में बारिश का दौर तेज होने की संभावना है, जबकि पंचकूला, अंबाला और यमुनानगर में भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया गया है। 3 और 4 सितंबर को मानसून के और अधिक सक्रिय रहने का अनुमान है। इन दिनों उत्तरी हरियाणा के पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र और करनाल के साथ पानीपत और सोनीपत में मध्यम से तेज बारिश हो सकती है। कुरुक्षेत्र, कैथल और आसपास के क्षेत्रों में भी भारी बारिश की संभावना को देखते हुए मौसम विभाग ने सतर्कता बरतने की सलाह दी है। बारिश के साथ तापमान में भी कुछ गिरावट देखने को मिल सकती है। प्रदेश के औसत अधिकतम तापमान में पिछले दिन के मुकाबले करीब 0.6 डिग्री सेल्सियस की कमी दर्ज की गई, हालांकि तापमान सामान्य के आसपास बना हुआ है। हिसार 38.1°C के साथ प्रदेश में सबसे गर्म रहा, जबकि बालसमंद में 37.1°C और फरीदाबाद में 36.1°C तापमान रिकॉर्ड किया गया। रात के तापमान में भी करीब 0.6°C की गिरावट दर्ज हुई। गुरुग्राम में न्यूनतम तापमान 23°C रहा, जो प्रदेश में सबसे कम था, जबकि भिवानी में रात का तापमान 24°C दर्ज किया गया। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिल सकती है, हालांकि भारी बारिश वाले जिलों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की स्थिति भी बन सकती है।




