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जरूरत की खबर- बच्चे की लंबाई नहीं बढ़ रही: डॉक्टर से जानें कौन से न्यूट्रिएंट्स जरूरी, कैसी हो हेल्दी डाइट; ये 9 चीजें न दें

जेनेटिक्स के साथ पोषण, नींद और हेल्दी लाइफस्टाइल भी ग्रोथ में अहम; जानें प्रोटीन, कैल्शियम, विटामिन D और आयरन के स्रोत

नई दिल्ली। बच्चों की लंबाई को लेकर माता-पिता अक्सर चिंतित रहते हैं। कई लोगों को लगता है कि बच्चे की हाइट सिर्फ जेनेटिक्स पर निर्भर करती है, लेकिन बच्चे की ग्रोथ में पोषण, नींद, शारीरिक गतिविधि और स्वास्थ्य की भी अहम भूमिका होती है।

NFHS-5 के मुताबिक, भारत में 5 साल से कम उम्र के करीब 35.5% बच्चे स्टंटेड हैं। यानी उनकी लंबाई उम्र के हिसाब से कम है।

बच्चे की ग्रोथ को बेहतर तरीके से समझने के लिए हमने पीडियाट्रिक एंडोक्रिनोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. आकांक्षा पारिख से बात की।

बच्चों की लंबाई किन चीजों पर निर्भर करती है?

बच्चे की हाइट पर कई फैक्टर्स का असर पड़ता है। इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • जेनेटिक्स
  • संतुलित पोषण
  • पर्याप्त नींद
  • नियमित शारीरिक गतिविधि
  • हार्मोनल स्वास्थ्य
  • किसी बीमारी या स्वास्थ्य समस्या की मौजूदगी

इन सभी कारकों का मिलाजुला असर बच्चे की ग्रोथ पर पड़ता है।

हाइट में जेनेटिक्स की कितनी भूमिका है?

जेनेटिक्स बच्चे की अंतिम लंबाई तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। माता-पिता से मिले जीन हड्डियों की ग्रोथ, ग्रोथ प्लेट्स के सक्रिय रहने की अवधि और शरीर की विकास दर को प्रभावित करते हैं।

आमतौर पर लंबे माता-पिता के बच्चों की लंबाई अधिक और कम कद वाले माता-पिता के बच्चों की लंबाई अपेक्षाकृत कम हो सकती है। हालांकि, पोषण, वातावरण और लाइफस्टाइल भी बच्चे की ग्रोथ को प्रभावित करते हैं।

बच्चे की लंबाई सबसे तेजी से कब बढ़ती है?

बच्चे की लंबाई बचपन से किशोरावस्था तक बढ़ती रहती है। प्यूबर्टी यानी किशोरावस्था में ग्रोथ स्पर्ट के दौरान हाइट तेजी से बढ़ती है।

लड़कियों में यह दौर आमतौर पर लड़कों की तुलना में पहले शुरू होता है। हालांकि हर बच्चे में प्यूबर्टी और ग्रोथ की टाइमिंग अलग हो सकती है।

प्यूबर्टी के बाद हाइट क्यों रुक जाती है?

हड्डियों के सिरों पर मौजूद ग्रोथ प्लेट्स बचपन और किशोरावस्था में हड्डियों की लंबाई बढ़ाने में मदद करती हैं। प्यूबर्टी पूरी होने के बाद ये प्लेट्स धीरे-धीरे बंद हो जाती हैं।

एक बार ग्रोथ प्लेट्स बंद हो जाने के बाद प्राकृतिक रूप से हड्डियों की लंबाई बढ़ना लगभग बंद हो जाता है।

लड़कों और लड़कियों की ग्रोथ में क्या अंतर होता है?

लड़कियों में ग्रोथ स्पर्ट आमतौर पर पहले शुरू होता है, जबकि लड़कों में यह बाद में शुरू होकर कुछ ज्यादा समय तक जारी रह सकता है।

लड़कियों में पीरियड शुरू होने के बाद भी कुछ लंबाई बढ़ सकती है, लेकिन इसकी रफ्तार आमतौर पर कम हो जाती है।

हर बच्चे की ग्रोथ अलग होती है। इसलिए केवल उम्र देखकर यह तय नहीं किया जा सकता कि किसी बच्चे की हाइट सामान्य है या नहीं।

हाइट ग्रोथ के लिए कौन से न्यूट्रिएंट्स जरूरी हैं?

बच्चे की अच्छी ग्रोथ के लिए किसी एक खास फूड के बजाय संतुलित और विविध आहार जरूरी है।

1. प्रोटीन

प्रोटीन शरीर के नए टिश्यू और सेल्स बनाने के साथ-साथ मांसपेशियों और शरीर की मरम्मत में मदद करता है। बच्चों के विकास के दौरान पर्याप्त प्रोटीन लेना जरूरी है।

स्रोत: दाल, राजमा, चना, सोयाबीन, दूध, दही, पनीर, अंडा, मछली और मांस।

2. कैल्शियम

कैल्शियम हड्डियों और दांतों के विकास और मजबूती के लिए जरूरी है।

स्रोत: दूध, दही, पनीर, रागी और कैल्शियम से भरपूर अन्य खाद्य पदार्थ।

3. विटामिन D

विटामिन D शरीर में कैल्शियम के अवशोषण में मदद करता है और हड्डियों के स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है।

4. आयरन

आयरन हीमोग्लोबिन बनाने और शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। इसकी कमी से एनीमिया, थकान, कमजोरी और भूख कम लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

5. अन्य जरूरी पोषक तत्व

बच्चे की ग्रोथ के लिए जिंक, विटामिन A, विटामिन C, फोलेट और अन्य माइक्रोन्यूट्रिएंट्स भी संतुलित मात्रा में जरूरी होते हैं।

बच्चे की डाइट में क्या शामिल करें?

बच्चे की डाइट में अलग-अलग फूड ग्रुप को शामिल करना चाहिए।

  • दालें और फलियां
  • दूध और डेयरी उत्पाद
  • मौसमी फल
  • हरी पत्तेदार सब्जियां
  • साबुत अनाज
  • रागी और दूसरे पौष्टिक अनाज
  • ड्राई फ्रूट्स और नट्स
  • अंडा, मछली या अन्य प्रोटीन स्रोत

सिर्फ किसी एक चीज को ज्यादा खिलाने से बच्चे की हाइट बढ़ने की गारंटी नहीं होती।

शाकाहारी बच्चे क्या खाएं?

शाकाहारी बच्चों के लिए भी संतुलित डाइट के जरिए जरूरी पोषक तत्व हासिल किए जा सकते हैं।

डाइट में दाल, राजमा, चना, सोयाबीन, पनीर, दूध, दही, रागी, हरी सब्जियां, फल, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज शामिल किए जा सकते हैं।

अगर किसी बच्चे में किसी पोषक तत्व की कमी का संदेह हो तो सप्लीमेंट डॉक्टर की सलाह से ही देना चाहिए।

बच्चों को कौन सी 9 चीजें कम या बिल्कुल नहीं देनी चाहिए?

बच्चों की डाइट में पोषक भोजन को प्राथमिकता देनी चाहिए और इन चीजों को जितना संभव हो सीमित करना चाहिए:

  1. बहुत ज्यादा पैकेज्ड जंक फूड
  2. चिप्स और नमकीन
  3. बहुत ज्यादा मीठे बिस्किट
  4. शुगर वाले सीरियल
  5. मीठे पैकेज्ड ड्रिंक
  6. ज्यादा शुगर वाले जूस और शेक
  7. कैंडी और टॉफी
  8. बहुत ज्यादा तला हुआ फास्ट फूड
  9. अत्यधिक अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड

इन चीजों को बार-बार खाने से बच्चे की डाइट में पौष्टिक भोजन की जगह कम हो सकती है और अतिरिक्त कैलोरी, चीनी और नमक का सेवन बढ़ सकता है।

कौन सी एक्सरसाइज हाइट बढ़ाती है?

कोई भी एक्सरसाइज सीधे बच्चे की लंबाई बढ़ाने की गारंटी नहीं देती। हालांकि नियमित शारीरिक गतिविधि बच्चों के मांसपेशियों, हड्डियों और ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है।

बच्चों को उनकी उम्र और क्षमता के अनुसार ये गतिविधियां कराई जा सकती हैं:

  • रनिंग और जॉगिंग
  • साइकिलिंग
  • स्विमिंग
  • स्किपिंग
  • स्ट्रेचिंग
  • योग
  • आउटडोर गेम्स
  • बास्केटबॉल
  • अन्य खेल

बच्चे को सिर्फ हाइट बढ़ाने के लिए किसी एक्सरसाइज के लिए जबरदस्ती नहीं करना चाहिए।

हाइट को लेकर 4 बड़े मिथक

मिथक 1: हाइट सिर्फ जेनेटिक्स से तय होती है

सच्चाई: जेनेटिक्स महत्वपूर्ण है, लेकिन पोषण, स्वास्थ्य और लाइफस्टाइल भी बच्चे की ग्रोथ को प्रभावित करते हैं।

मिथक 2: हाइट बढ़ाने वाली दवा या पाउडर से लंबाई बढ़ जाएगी

सच्चाई: बाजार में मिलने वाले हाइट-बूस्टर प्रोडक्ट्स के दावों पर भरोसा करने से पहले डॉक्टर की सलाह जरूरी है। ग्रोथ प्लेट्स बंद होने के बाद कोई सामान्य सप्लीमेंट लंबाई बढ़ाने की गारंटी नहीं देता।

मिथक 3: लटकने से हाइट बढ़ती है

सच्चाई: हैंगिंग एक सामान्य शारीरिक गतिविधि हो सकती है, लेकिन इससे हड्डियों की वास्तविक लंबाई बढ़ने का प्रमाण नहीं है।

मिथक 4: ज्यादा खाना खिलाने से बच्चा लंबा होगा

सच्चाई: ज्यादा खाना नहीं, बल्कि उम्र के अनुसार पर्याप्त और संतुलित पोषण जरूरी है।

क्या मोटापे से बच्चे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है?

बच्चों में ज्यादा वजन स्वास्थ्य से जुड़ी कई समस्याओं का जोखिम बढ़ा सकता है। कुछ मामलों में मोटापे के साथ प्यूबर्टी अपेक्षाकृत जल्दी शुरू हो सकती है, जिससे ग्रोथ का पैटर्न प्रभावित हो सकता है।

इसलिए बच्चों के लिए संतुलित डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि जरूरी है।

किन संकेतों पर डॉक्टर को दिखाना चाहिए?

अगर बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से लगातार कम बढ़ रही है या उसकी ग्रोथ की रफ्तार दूसरे बच्चों की तुलना में काफी धीमी है, तो बाल रोग विशेषज्ञ से सलाह लेनी चाहिए।

खास तौर पर डॉक्टर से संपर्क करें अगर:

  • बच्चे की लंबाई लंबे समय तक नहीं बढ़ रही हो।
  • ग्रोथ चार्ट पर बच्चा लगातार नीचे जा रहा हो।
  • बच्चे की ग्रोथ अचानक धीमी हो गई हो।
  • प्यूबर्टी सामान्य उम्र से बहुत पहले या काफी देर से शुरू हो रही हो।
  • बच्चे में लंबे समय से कमजोरी, भूख की कमी या अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हों।

डॉक्टर जरूरत पड़ने पर बच्चे की ग्रोथ चार्ट, पारिवारिक हाइट, पोषण और अन्य स्वास्थ्य पहलुओं का मूल्यांकन कर सकते हैं।

क्या बाजार में मिलने वाली हाइट बढ़ाने की दवाएं काम करती हैं?

किसी भी हाइट-बढ़ाने वाले पाउडर, सप्लीमेंट या दवा को बिना डॉक्टर की सलाह के बच्चे को नहीं देना चाहिए।

बच्चे की लंबाई पर असर डालने वाली किसी मेडिकल समस्या का पता चलने पर डॉक्टर उसके अनुसार इलाज की सलाह दे सकते हैं। इसलिए केवल विज्ञापन देखकर हाइट बढ़ाने वाले प्रोडक्ट खरीदना सही तरीका नहीं है।

सबसे जरूरी बात

बच्चे की हाइट बढ़ाने के लिए कोई जादुई फूड, एक्सरसाइज या सप्लीमेंट नहीं है। अच्छी ग्रोथ के लिए उम्र के अनुसार पौष्टिक आहार, पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और समय-समय पर ग्रोथ की निगरानी सबसे महत्वपूर्ण हैं। अगर ग्रोथ सामान्य नहीं लग रही है तो बच्चे को खुद से सप्लीमेंट देने के बजाय डॉक्टर से सलाह लें।

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