CM शुभेंदु अधिकारी के PA की मां नंदीग्राम से भाजपा उम्मीदवार: बंगाल चुनाव नतीजों के तीसरे दिन हुई थी चंद्रनाथ की हत्या; रेजीनगर से शाश्वर सरकार को टिकट
भाजपा ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को उतारा; TMC के दोनों गुट भी अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ मैदान में

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में होने वाले विधानसभा उपचुनाव के लिए भाजपा ने नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों पर अपने उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए हैं। पार्टी ने नंदीग्राम से हसीरानी रथ और रेजीनगर से शाश्वर सरकार को प्रत्याशी बनाया है।
हसीरानी रथ, पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी के PA चंद्रनाथ रथ की मां हैं। चंद्रनाथ की 6 मई की रात उत्तर 24 परगना के मध्यमग्राम में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। यह घटना विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के तीसरे दिन हुई थी।
हसीरानी रथ पहले TMC से जुड़ी रही हैं और पंचायत सदस्य भी रह चुकी हैं। भाजपा ने अब उन्हें नंदीग्राम से चुनाव मैदान में उतारा है।
चंद्रनाथ रथ की गोली मारकर हुई थी हत्या
चंद्रनाथ रथ की हत्या 6 मई की रात मध्यमग्राम में की गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, बाइक सवार हमलावरों ने उनकी कार को निशाना बनाया था और कार की खिड़की से पिस्टल सटाकर फायरिंग की थी।
हमले के बाद कार के शीशे पर गोलियों के निशान भी मिले थे। इस घटना के बाद इलाके में राजनीतिक तनाव बढ़ गया था।
नंदीग्राम में TMC के दो गुट आमने-सामने
उपचुनाव में तृणमूल कांग्रेस के दोनों गुट भी अलग-अलग उम्मीदवारों के साथ मैदान में हैं।
ऋतब्रत बनर्जी के नेतृत्व वाले बागी TMC गुट ने नंदीग्राम से मोहम्मद एतेशामुल हक और रेजीनगर से सफीउज्जमान शेख को उम्मीदवार बनाया है।
वहीं ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले गुट ने नंदीग्राम से संचिता प्रधान डे और रेजीनगर से पूर्व विधायक रबीउल आलम चौधरी को टिकट दिया है।
दोनों गुट खुद को असली TMC बताते हुए ‘जोड़ा घास फूल’ चुनाव चिह्न पर दावा कर रहे हैं। चुनाव आयोग ने दोनों पक्षों से अतिरिक्त दस्तावेज मांगे हैं और 16 सितंबर तक जवाब देने को कहा है।
अगर चुनाव से पहले आयोग इस विवाद पर फैसला नहीं करता है, तो TMC का मौजूदा चुनाव चिह्न अस्थायी रूप से फ्रीज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में दोनों गुटों को अलग नाम और चुनाव चिह्न के साथ चुनाव लड़ना पड़ सकता है।
नंदीग्राम में शुभेंदु अधिकारी ने ममता बनर्जी को हराया था
नंदीग्राम पश्चिम बंगाल की राजनीति में बेहद महत्वपूर्ण सीट रही है। 2007 के भूमि अधिग्रहण विरोधी आंदोलन ने इस क्षेत्र में ममता बनर्जी और TMC की राजनीतिक पकड़ मजबूत करने में अहम भूमिका निभाई थी।
2021 के विधानसभा चुनाव में ममता बनर्जी ने नंदीग्राम से शुभेंदु अधिकारी के खिलाफ चुनाव लड़ा था। हालांकि, उन्हें यहां हार का सामना करना पड़ा।
2026 के विधानसभा चुनाव में शुभेंदु अधिकारी ने नंदीग्राम के साथ भवानीपुर सीट से भी चुनाव लड़ा और दोनों सीटों पर जीत हासिल की।
भवानीपुर में उन्होंने ममता बनर्जी को 15,105 वोटों से हराया था। शुभेंदु अधिकारी को 73,917 वोट मिले, जबकि ममता बनर्जी को 58,812 वोट मिले।
बाद में शुभेंदु अधिकारी ने भवानीपुर सीट अपने पास रखी और नंदीग्राम विधानसभा सीट से इस्तीफा दे दिया। इसके बाद नंदीग्राम सीट खाली हो गई और यहां उपचुनाव की स्थिति बनी।
बंगाल समेत 4 राज्यों की 6 सीटों पर उपचुनाव
उपचुनाव के तहत चार राज्यों और केंद्रशासित प्रदेश पुडुचेरी की कुल 6 सीटें शामिल हैं।
तमिलनाडु की 2 सीटें
मदुरांतकम और धारापुरम विधानसभा सीटें विधायकों के इस्तीफे के बाद खाली हुई थीं। इन दोनों सीटों की अंतिम मतदाता सूची 23 फरवरी को जारी की गई थी।
पुडुचेरी की थट्टानचावड़ी सीट
थट्टानचावड़ी सीट एन. रंगासामी के इस्तीफे के बाद खाली हुई। यहां की मतदाता सूची 14 फरवरी को प्रकाशित की गई थी।
पश्चिम बंगाल की रेजीनगर और नंदीग्राम सीट
रेजीनगर सीट हुमायूं कबीर के इस्तीफे और नंदीग्राम सीट शुभेंदु अधिकारी के इस्तीफे के बाद खाली हुई। दोनों सीटों की अंतिम मतदाता सूची 28 फरवरी को जारी की गई थी।
असम की नगांव लोकसभा सीट
असम की नगांव लोकसभा सीट प्रद्युत बोरदोलोई के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी। इस सीट की अंतिम मतदाता सूची 10 फरवरी को जारी की गई थी।
ममता बनर्जी को नंदीग्राम से चुनाव लड़ने का ऑफर
इससे पहले TMC के बागी गुट के नेता ऋतब्रत बनर्जी ने ममता बनर्जी को नंदीग्राम से उपचुनाव लड़ने का प्रस्ताव दिया था।
उन्होंने कहा था कि अगर ममता बनर्जी नंदीग्राम से चुनाव लड़ती हैं तो उनका गुट अपना उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारेगा। ऋतब्रत ने कहा था कि वे ममता बनर्जी को विधानसभा में वापस देखना चाहते हैं।
नंदीग्राम वही सीट है जहां 2021 में ममता बनर्जी को शुभेंदु अधिकारी के हाथों हार का सामना करना पड़ा था।




