सभापति का नामांकन भरने पहुंचे तो चली गई बिजली, बाड़ाबंदी में मनाई शादी की 50वीं सालगिरह
अलवर में हार के बाद पति-पत्नी के आरोप से मचा चर्चा का दौर; नीमकाथाना में होटल में प्रत्याशी की गोल्डन जुबली का जश्न, किशनगढ़ में मोबाइल टॉर्च की रोशनी में हुआ नामांकन

जयपुर। राजस्थान में हाल ही में हुए निकाय चुनावों के बीच राजनीतिक हलकों में कई दिलचस्प घटनाएं चर्चा का विषय बनी हुई हैं। अलवर में चुनाव हारने वाले पति-पत्नी की सोशल मीडिया पोस्ट, नीमकाथाना में चुनावी बाड़ाबंदी के दौरान प्रत्याशी की शादी की 50वीं सालगिरह का जश्न और किशनगढ़ में सभापति पद के नामांकन के दौरान बिजली गुल होने की घटना ने अलग-अलग वजहों से ध्यान खींचा।
अलवर में हार के बाद लगाया आरोप
अलवर में वार्ड 23 से सुमन चौधरी और वार्ड 28 से उनके पति सीताराम चौधरी चुनाव मैदान में थे। दोनों के चुनाव हारने के बाद सोशल मीडिया पर एक पोस्ट सामने आई, जिसमें आरोप लगाया गया कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को पारिवारिक कार्यक्रम में भोजन के लिए नहीं बुलाने के कारण उन्हें चुनाव में नुकसान उठाना पड़ा।
पोस्ट वायरल होने के बाद संबंधित पोस्ट को हटाते हुए इसे भावावेश में की गई पोस्ट बताया गया। इसके बाद सोशल मीडिया पर बहस भी हुई। हालांकि चुनाव परिणाम और हार के वास्तविक कारणों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले संबंधित पक्षों के आधिकारिक तथ्यों को देखना जरूरी है।
बाड़ाबंदी में मनाई गई शादी की 50वीं सालगिरह
नीमकाथाना में कांग्रेस की चुनावी बाड़ाबंदी के दौरान वार्ड 24 से विजयी प्रत्याशी रेवती देवी और उनके पति जगदीश सैनी की शादी की 50वीं सालगिरह मनाई गई।
पार्टी के प्रत्याशियों को होटल में ठहराया गया था। इसी दौरान साथियों को पता चला कि रेवती देवी और जगदीश सैनी की शादी की 50वीं वर्षगांठ है। इसके बाद होटल परिसर में केक काटने और गीत-संगीत का कार्यक्रम रखा गया।
दोनों ने एक-दूसरे को माला पहनाई और डांस भी किया। कार्यक्रम में विधायक सुरेश मोदी समेत अन्य पार्टी नेता और प्रत्याशी मौजूद रहे।
सभापति का पर्चा भरने पहुंचे, अचानक गुल हो गई बत्ती
अजमेर जिले के किशनगढ़ में सभापति पद के प्रत्याशी के नामांकन के दौरान अलग ही स्थिति देखने को मिली। विधायक विकास चौधरी अपने प्रत्याशी के नामांकन में पहुंचे थे। नामांकन प्रक्रिया के दौरान सभागार की बिजली चली गई और पूरा परिसर अंधेरे में डूब गया।
इसके बाद पत्रकारों ने कैमरों की लाइट और मोबाइल फोन की टॉर्च जलाकर रोशनी का इंतजाम किया। इसी रोशनी में अधिकारी ने नामांकन पत्र की जांच की और प्रक्रिया आगे बढ़ी।
बाहर निकलते समय विधायक विकास चौधरी ने बिजली व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब सभापति पद के नामांकन के दौरान बिजली चली जाती है और सभागार में जनरेटर की व्यवस्था नहीं है, तो आम लोगों को किन परिस्थितियों का सामना करना पड़ता होगा।
विधायक ने यह भी कहा कि उन्हें उम्मीद है कि दूसरे खेमे के असंतुष्ट पार्षद उनके पक्ष में आ सकते हैं और निर्दलीय पार्षदों से भी बातचीत चल रही है।
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