संघ की नजर परकोटे पर: कोठारी-कर्णावट के बीच विजय अग्रवाल की एंट्री, मेयर चयन में नए समीकरण
जयपुर नगर निगम में भाजपा के 78 और कांग्रेस के 53 पार्षद; सुनील कोठारी और पुनीत कर्णावट के साथ विजय अग्रवाल व सुभाष सिंगी के नाम भी चर्चा में

जयपुर नगर निगम के मेयर पद को लेकर भाजपा के भीतर मंथन तेज हो गया है। 150 वार्ड वाले निगम में अब तक 146 वार्डों के नतीजे घोषित हुए हैं। भाजपा ने 78 सीटें जीतकर बहुमत हासिल किया है, जबकि कांग्रेस को 53 और निर्दलीयों को 15 सीटें मिली हैं। चार वार्डों के पांच मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान के कारण अंतिम तस्वीर बाद में स्पष्ट होगी।
मेयर पद के लिए सुनील कोठारी और पुनीत कर्णावट के साथ अब विजय अग्रवाल और सुभाष सिंगी जैसे नामों की भी चर्चा सामने आ रही है। हालांकि इन नामों में से किसे अंतिम रूप दिया जाएगा, इसकी आधिकारिक घोषणा अभी नहीं हुई है।
कोठारी का नाम पहले से चर्चा में
वार्ड-112 से भाजपा के टिकट पर जीते सुनील कोठारी मेयर पद के संभावित दावेदारों में शामिल हैं। उनके नाम की चर्चा चुनाव से पहले भी होने की रिपोर्ट सामने आई थी।
उनके समर्थकों की ओर से संगठन में अनुभव, स्थानीय राजनीतिक संपर्क और सामाजिक समीकरण को उनके पक्ष में बताया जा रहा है।
कर्णावट के अनुभव का भी तर्क
वार्ड-76 से जीते पुनीत कर्णावट का नाम भी मेयर पद के लिए चर्चा में है। पूर्व डिप्टी मेयर रह चुके कर्णावट के समर्थक उनके निगम प्रशासन और पार्षदों के बीच काम करने के अनुभव को आधार बना रहे हैं।
मेयर पद के लिए कोठारी और कर्णावट समेत कई भाजपा नेताओं के नामों की चर्चा की पुष्टि अन्य मीडिया रिपोर्टों में भी हुई है।
विजय अग्रवाल का नाम आने से चर्चा तेज
वार्ड-31 से निर्वाचित सीए विजय अग्रवाल का नाम भी पिछले कुछ दिनों में चर्चा में आया है। रिपोर्ट में उनके पक्ष में संगठन के कुछ वरिष्ठ नेताओं के समर्थन की बात कही गई है। हालांकि इस दावे की स्वतंत्र आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
उनके नाम को युवा चेहरा और सामाजिक प्रतिनिधित्व जैसे पहलुओं से जोड़कर देखा जा रहा है।
सुभाष सिंगी का नाम भी चर्चा में
वार्ड-98 से भाजपा के सुभाष चंद्र सिंगी भी संभावित नामों में बताए जा रहे हैं। चुनावी रिकॉर्ड के मुताबिक सिंगी वार्ड-98 से भाजपा के उम्मीदवार रहे और निर्वाचित हुए।
उनका नाम माहेश्वरी समाज के प्रतिनिधित्व से जुड़े समीकरण के संदर्भ में भी चर्चा में है।
वैश्य समाज के प्रतिनिधित्व की मांग
जयपुर में वैश्य समाज के कई पार्षदों के निर्वाचित होने के बाद समाज की ओर से मेयर पद पर वैश्य प्रतिनिधित्व की मांग उठने की बात कही जा रही है। इसी वजह से कोठारी, अग्रवाल और अन्य वैश्य नेताओं के नामों को सामाजिक समीकरण से जोड़कर देखा जा रहा है।
हालांकि मेयर का चयन पार्टी नेतृत्व का निर्णय होगा और अभी किसी नाम पर आधिकारिक मुहर नहीं लगी है।
‘स्थानीय चेहरा’ बनाम अन्य समीकरण
मेयर चयन को लेकर अब कई तरह के समीकरण चर्चा में हैं—परकोटा और बाहरी जयपुर, सामाजिक प्रतिनिधित्व, संगठन का अनुभव, पूर्व निगम पद का अनुभव और स्थानीय स्तर पर स्वीकार्यता।
रिपोर्ट में यह दावा भी किया गया है कि कुछ विधायक अपने विधानसभा क्षेत्र के किसी पार्षद के मेयर बनने को लेकर सहज नहीं हैं, क्योंकि मेयर पद मिलने से उस नेता का राजनीतिक कद बढ़ सकता है। यह फिलहाल राजनीतिक हलकों में चल रही चर्चा है, आधिकारिक पार्टी नीति नहीं।
चार वार्डों के पुनर्मतदान के बाद बदलेगी अंतिम तस्वीर
जयपुर नगर निगम के चार वार्डों के पांच मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान कराया गया है। इसलिए अभी 146 वार्डों के घोषित परिणाम ही उपलब्ध हैं। इन सीटों के अंतिम परिणाम के बाद निगम की पूरी तस्वीर सामने आएगी।
मेयर चुनाव की तारीख भी पुनर्मतदान और आगे की चुनावी प्रक्रिया के कारण फिलहाल स्थगित है।



