उज्जैन में लगेगा मध्यप्रदेश का पहला बड़ा पावर ट्रांसफार्मर प्लांट: सीमेंस एनर्जी करेगी 2053 करोड़ का निवेश
विक्रम उद्योगपुरी में 60.49 एकड़ जमीन आवंटित; 220, 440 और 765 केवी क्षमता के हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर बनाए जाएंगे, राष्ट्रीय ग्रिड और रिन्यूएबल एनर्जी नेटवर्क को मिलेगा फायदा

मध्यप्रदेश में ऊर्जा उपकरण विनिर्माण को बढ़ावा देने की दिशा में उज्जैन में एक बड़ा औद्योगिक प्रोजेक्ट स्थापित होने जा रहा है। जर्मनी की मल्टीनेशनल कंपनी सीमेंस एनर्जी इंडिया लिमिटेड उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में हाई-वोल्टेज पावर ट्रांसफार्मर प्लांट स्थापित करेगी।
कंपनी इस परियोजना में करीब 2053 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। इसके लिए राज्य सरकार की ओर से कंपनी को 60.49 एकड़ जमीन आवंटित की गई है।
765 केवी तक के ट्रांसफार्मर होंगे तैयार
प्रस्तावित प्लांट में अलग-अलग क्षमता के उच्च वोल्टेज पावर ट्रांसफार्मर तैयार किए जाएंगे। इनमें:
- 220 केवी
- 440 केवी
- 765 केवी
क्षमता वाले ट्रांसफार्मर शामिल होंगे।
इन उपकरणों का इस्तेमाल बड़े स्तर के विद्युत प्रसारण नेटवर्क में किया जाता है। परियोजना से मध्यप्रदेश में ऊर्जा उपकरण निर्माण की क्षमता बढ़ने की उम्मीद है।
राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड को मिलेगी मजबूती
पावर ट्रांसफार्मर बिजली के उत्पादन केंद्रों से लंबी दूरी तक विद्युत प्रसारण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। प्रस्तावित प्लांट में बनने वाले हाई-वोल्टेज ट्रांसफार्मर देश के राष्ट्रीय विद्युत ग्रिड के आधुनिकीकरण में उपयोग किए जा सकेंगे।
इसके अलावा सौर और पवन ऊर्जा से बनने वाली बिजली को ग्रिड तक पहुंचाने के लिए जरूरी ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर को भी इससे मदद मिलने की उम्मीद है।
रिन्यूएबल एनर्जी नेटवर्क के विस्तार में उपयोग
देश में सौर और पवन ऊर्जा परियोजनाओं का विस्तार होने के साथ हाई-वोल्टेज ट्रांसमिशन इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत भी बढ़ रही है। ऐसे में प्रस्तावित प्लांट से बनने वाले उपकरणों का इस्तेमाल रिन्यूएबल एनर्जी नेटवर्क और बड़े बिजली आपूर्ति ढांचे में किया जा सकेगा।
उज्जैन के विक्रम उद्योगपुरी में इस तरह की बड़ी औद्योगिक परियोजना से क्षेत्र में ऊर्जा उपकरण विनिर्माण से जुड़े औद्योगिक इकोसिस्टम को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है।




