PMCH में 8 घंटे की OPD के आदेश से रोस्टर का पेच: सुबह 9 से शाम 5 बजे तक ड्यूटी, लेकिन रात की इमरजेंसी के लिए अलग व्यवस्था नहीं
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अतिरिक्त मैनपावर की कमी का मुद्दा; PMCH समेत कई अस्पतालों में ड्यूटी रोस्टर तैयार करने में परेशानी

पटना। सरकारी मेडिकल कॉलेजों की OPD में डॉक्टरों की ड्यूटी सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक करने के स्वास्थ्य विभाग के निर्देश के बाद रोस्टर को लेकर पेच फंस गया है। अस्पताल प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती 24 घंटे चलने वाली इमरजेंसी के लिए डॉक्टरों की उपलब्धता बनाए रखना है।
अस्पताल से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अभी दिन की OPD और वार्ड में काम करने वाले डॉक्टरों की ही ड्यूटी रात की इमरजेंसी में भी लगाई जाती है। ऐसे में बिना अतिरिक्त मैनपावर के OPD का समय शाम 5 बजे तक करने पर रात की इमरजेंसी के लिए अलग टीम उपलब्ध कराना चुनौती बन रहा है।
9 से 5 बजे तक डॉक्टरों की ड्यूटी का निर्देश
स्वास्थ्य सचिव ने हाल में PMCH के निरीक्षण के दौरान डॉक्टरों को सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक अस्पताल में मौजूद रहने का निर्देश दिया था। इसके बाद अस्पताल प्रशासन के सामने OPD, वार्ड और इमरजेंसी की ड्यूटी को एक साथ व्यवस्थित करने का सवाल खड़ा हुआ है।
अस्पताल से जुड़े लोगों का कहना है कि OPD का समय बढ़ाने के साथ इमरजेंसी के लिए अलग से डॉक्टरों की व्यवस्था नहीं होने पर मौजूदा स्टाफ पर अतिरिक्त दबाव पड़ सकता है।
सरकारी मेडिकल कॉलेजों में अलग इमरजेंसी मेडिसिन कैडर नहीं
राज्य के कई सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एम्स पटना और IGIMS की तरह इमरजेंसी मेडिसिन के लिए पूरी तरह अलग कैडर या समर्पित टीम की व्यवस्था नहीं है। ऐसे संस्थानों में नियमित क्लिनिकल ड्यूटी करने वाले डॉक्टरों को ही इमरजेंसी सेवाओं में भी लगाया जाता है।
यही वजह है कि अस्पताल प्रशासन के सामने OPD की आठ घंटे की ड्यूटी और 24 घंटे की इमरजेंसी सेवा के बीच संतुलन बनाने की चुनौती है।
पूर्व प्राचार्य बोले- मैनपावर का आकलन जरूरी
PMCH के पूर्व प्राचार्य डॉ. कौशल किशोर के अनुसार, अस्पताल के बुनियादी ढांचे और उपलब्ध मैनपावर का आकलन किए बिना केवल डॉक्टरों के ड्यूटी घंटे बढ़ाने से व्यवस्था में अपेक्षित सुधार नहीं होगा।
उनके मुताबिक, 24 घंटे की इमरजेंसी के लिए अलग डॉक्टरों की व्यवस्था होने पर ही OPD को नियमित रूप से शाम 5 बजे तक चलाना व्यावहारिक रूप से आसान होगा।
एम्स पटना में अलग इमरजेंसी मेडिसिन विभाग
एम्स पटना में इमरजेंसी मेडिसिन का अलग विभाग है। यहां इमरजेंसी के लिए अलग फैकल्टी और रेजिडेंट डॉक्टरों की टीम काम करती है। यह व्यवस्था OPD और नियमित वार्ड की ड्यूटी से अलग रखी गई है।
IGIMS में भी इमरजेंसी के लिए अलग टीम
IGIMS में भी इमरजेंसी के लिए अलग ढांचा उपलब्ध है। यहां अलग इमरजेंसी वार्ड, ICU, HDU और 24 घंटे संचालित इमरजेंसी OT की व्यवस्था है। इन सेवाओं के लिए अलग चिकित्सकीय टीम तैनात रहती है।
पुराने ड्यूटी फॉर्मूले का भी दिया जा रहा हवाला
PMCH के अधीक्षक डॉ. राजीव कुमार सिंह ने बताया कि पहले भी डॉक्टरों के ड्यूटी घंटों को लेकर स्थिति बनी थी। उस समय सरकार की ओर से हाईकोर्ट में दिए गए हलफनामे में क्लिनिकल डॉक्टरों के लिए सुबह 9 बजे से दोपहर 2 बजे तक नियमित ड्यूटी और बाकी तीन घंटे को रोटेशन के आधार पर इमरजेंसी ड्यूटी में समायोजित करने की व्यवस्था का उल्लेख किया गया था।
अब 9 बजे से शाम 5 बजे तक ड्यूटी के नए निर्देश के बाद अस्पताल प्रशासन को OPD, वार्ड और इमरजेंसी के बीच नया रोस्टर तैयार करना होगा। फिलहाल चुनौती यह है कि उपलब्ध डॉक्टरों से 24 घंटे की इमरजेंसी सेवा और आठ घंटे की नियमित OPD, दोनों को किस तरह सुचारु रखा जाए।




