चंडीगढ़ में पंजाब कांग्रेस का प्रदर्शन, वाटर कैनन से रोका
CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग; बैरिकेडिंग पर पुलिस से धक्कामुक्की के बाद कार्रवाई, राजा वड़िंग हिरासत से बचने के लिए बस की छत पर चढ़े

चंडीगढ़। पंजाब कांग्रेस ने शुक्रवार को मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे और मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर चंडीगढ़ में प्रदर्शन किया। पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सेक्टर-17 स्थित RBI कार्यालय से चुनाव आयोग के कार्यालय तक मार्च निकालने की कोशिश की। पुलिस ने रास्ते में बैरिकेडिंग कर प्रदर्शनकारियों को रोक दिया।
बैरिकेडिंग पर धक्कामुक्की, पुलिस ने चलाया वाटर कैनन
प्रदर्शनकारी बैरिकेडिंग पार करने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान पुलिस और कांग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच धक्कामुक्की हुई। इसके बाद पुलिस ने वाटर कैनन का इस्तेमाल कर प्रदर्शनकारियों को पीछे हटाया। प्रदर्शनकारियों को बसों में बैठाकर थाने ले जाने की कार्रवाई भी की गई।
हिरासत से बचने के लिए बस की छत पर चढ़े वड़िंग
पुलिस द्वारा हिरासत में लेने की कोशिश के दौरान राजा वड़िंग बस की छत पर चढ़ गए। प्रदर्शन में कांग्रेस के कई नेता और कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी ने CEC के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनके इस्तीफे और कार्रवाई की मांग की।
SIR को लेकर कांग्रेस ने उठाए सवाल
राजा वड़िंग ने पंजाब विधानसभा चुनाव तक SIR रोकने की मांग की। उनका कहना है कि मौजूदा प्रक्रिया के कारण पात्र मतदाताओं के नाम प्रभावित हो सकते हैं और नए मतदाताओं को नाम जुड़वाने में परेशानी हो रही है। ये कांग्रेस और वड़िंग द्वारा लगाए गए राजनीतिक आरोप और मांगें हैं।
चुनाव आयोग के भीतर आपत्तियों की रिपोर्ट
इंडियन एक्सप्रेस की 23 सितंबर की रिपोर्ट के अनुसार, चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने अक्टूबर 2025 से अगस्त 2026 के बीच चुनाव आयोग के कुछ फैसलों और प्रक्रियाओं पर कम से कम 14 बार लिखित आपत्ति दर्ज की। रिपोर्ट में इन आपत्तियों को नए मतदाताओं के पंजीकरण, मतदाता नाम हटाने और चुनावी डेटाबेस के संचालन जैसे मुद्दों से जोड़ा गया है।
रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों चुनाव आयुक्तों की आपत्तियों की प्रतियां CEC ज्ञानेश कुमार को भी भेजी गई थीं। वहीं चुनाव आयोग ने सार्वजनिक रूप से कहा है कि बहुसदस्यीय आयोग में अलग-अलग राय और सुझाव आना सामान्य है तथा उसके फैसले सर्वसम्मति से लिए गए हैं।
कांग्रेस ने CEC के खिलाफ कार्रवाई की मांग की
पंजाब कांग्रेस ने प्रदर्शन के दौरान ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने और उनके खिलाफ FIR दर्ज करने की मांग भी उठाई। पार्टी का कहना है कि SIR को आगामी विधानसभा चुनाव तक रोका जाना चाहिए और मतदाता सूची में बदलाव की प्रक्रिया पारदर्शी तरीके से की जानी चाहिए।
प्रदर्शन और SIR को लेकर कांग्रेस के आरोपों पर चुनाव आयोग का पक्ष भी इस विवाद का महत्वपूर्ण हिस्सा है। चुनाव आयोग ने SIR से जुड़े निर्णयों में किसी तरह की अनियमितता के आरोपों को स्वीकार नहीं किया है।




