खड़गे के ‘मोदी का बाप भी जाएगा’ बयान पर सियासी घमासान, भाजपा का देशभर में प्रदर्शन
पटना में दिए गए बयान पर भाजपा ने जताया विरोध, माफी की मांग के साथ पुलिस में शिकायत; कांग्रेस ने संदर्भ के आधार पर किया बचाव

नई दिल्ली/पटना,
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर दिए गए बयान पर भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। सोमवार को भाजपा ने खड़गे की टिप्पणी के विरोध में विभिन्न स्थानों पर प्रदर्शन किए। भाजपा नेताओं ने बयान को आपत्तिजनक बताते हुए माफी की मांग की।
पटना के कार्यक्रम में दिया था बयान
यह विवाद रविवार, 25 अक्टूबर को पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शुरू हुआ। यह कार्यक्रम बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के अवसर पर आयोजित किया गया था।
रिपोर्टों के मुताबिक, भाषण के दौरान एक व्यक्ति ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कहीं नहीं जाएंगे। इस पर खड़गे ने जवाब देते हुए कहा, “मोदी का बाप भी जाएगा।” उनकी इस टिप्पणी के बाद कार्यक्रम में हंगामे की स्थिति बन गई।
भाजपा ने देशभर में किया विरोध
खड़गे की टिप्पणी के बाद भाजपा ने देशभर में विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। पार्टी नेताओं ने आरोप लगाया कि सार्वजनिक मंच से इस तरह की भाषा का इस्तेमाल राजनीतिक मर्यादा के खिलाफ है।
भाजपा नेताओं ने कांग्रेस अध्यक्ष से बयान पर माफी मांगने की मांग की। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भी खड़गे की टिप्पणी की आलोचना की और इसे राजनीतिक संवाद की मर्यादा से जुड़ा मामला बताया।
पटना में पुलिस शिकायत दर्ज
खड़गे के बयान को लेकर भाजपा कार्यकर्ता कृष्ण कुमार सिंह ने पटना के कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। शिकायतकर्ता ने कांग्रेस अध्यक्ष से 24 घंटे के भीतर माफी मांगने की मांग की।
पुलिस अधिकारी के अनुसार, घटना गांधी मैदान थाना क्षेत्र से संबंधित होने के कारण शिकायत को संबंधित थाने में स्थानांतरित किए जाने की बात कही गई। शिकायत दर्ज होना अपने आप में किसी आरोप का कानूनी रूप से साबित होना नहीं है।
कांग्रेस की ओर से भी आई प्रतिक्रिया
विवाद के बीच कांग्रेस नेताओं ने खड़गे के बयान का संदर्भ सामने रखा। कांग्रेस का पक्ष है कि टिप्पणी एक व्यक्ति के बीच में बोलने और प्रधानमंत्री के पद से नहीं हटने संबंधी नारे के जवाब में की गई थी।
कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर भी राजनीतिक बहस में तीखी भाषा का इस्तेमाल करने के आरोप लगाए। इस तरह मामला केवल एक बयान तक सीमित न रहकर भाजपा और कांग्रेस के बीच व्यापक राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप का विषय बन गया है।
बयानबाजी के बीच राजनीतिक मर्यादा पर बहस
इस घटनाक्रम ने एक बार फिर राजनीतिक मंचों पर नेताओं की भाषा और सार्वजनिक संवाद की मर्यादा को लेकर बहस छेड़ दी है। जहां भाजपा बयान को लेकर माफी की मांग कर रही है, वहीं कांग्रेस समर्थक इसे कार्यक्रम में हुए घटनाक्रम के संदर्भ में देखने की बात कह रहे हैं।



