करनाल में बड़ा गेहूं घोटाला: यूपी का अनाज हरियाणा किसानों के नाम पर बेचा गया, 5 फर्मों पर केस
ई-खरीद पोर्टल में अनियमितता का खुलासा

Karnal जिले की इंद्री नई अनाज मंडी और बियाना सब यार्ड में गेहूं खरीद प्रक्रिया के दौरान बड़ा घोटाला सामने आया है। जांच में पता चला कि उत्तर प्रदेश और अन्य राज्यों से लाया गया गेहूं हरियाणा के किसानों के नाम पर ई-खरीद पोर्टल में दर्ज किया गया।
सरकारी खरीद व्यवस्था पर बड़ा सवाल
इस फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी खरीद प्रणाली का दुरुपयोग किया गया और गलत तरीके से लाभ उठाया गया। जांच में यह भी सामने आया कि कई कमीशन एजेंटों ने सिस्टम में हेरफेर कर अनाज को स्थानीय उत्पादन दिखाया।
5 फर्मों के खिलाफ केस दर्ज
पुलिस ने इस मामले में पांच फर्मों के खिलाफ धोखाधड़ी और अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है, जिनमें जसमेर सिंह जरनैल सिंह, सरधा राम जय भगवान, राम सरूप रतन लाल, अमर सिंह राय सिंह और मूनक एंटरप्राइजेज शामिल हैं।
यूपी से गेहूं लाकर मंडी में खपाया गया
जांच में पाया गया कि गेहूं ट्रैक्टर-ट्रॉली और पिकअप वाहनों से लाकर मंडी में उतारा गया और उसे हरियाणा के किसानों की फसल बताकर रिकॉर्ड में दर्ज किया गया। इससे सरकारी खरीद प्रणाली में गंभीर गड़बड़ी हुई।
पैसों के लेनदेन और प्राथमिकता का खुलासा
रिपोर्ट के अनुसार कुछ ड्राइवरों को पैसे देकर गेहूं की बोरियों की लिफ्टिंग में प्राथमिकता दी गई। ट्रांसपोर्ट कंपनी के बयान में भी अवैध भुगतान और मिलीभगत की पुष्टि हुई है।
सरकारी सिस्टम की पारदर्शिता पर सवाल
इस पूरे मामले से सरकारी खरीद व्यवस्था की पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हो गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि इससे सरकार को आर्थिक नुकसान हुआ है और मामले की गहन जांच जारी है।
आगे की जांच जारी
Indri Market Committee और पुलिस विभाग मामले से जुड़े सभी दस्तावेजों, लाइसेंस और रिकॉर्ड की जांच कर रहे हैं। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।



