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रांची की बिजली व्यवस्था पर संकट

9 जेई बने एईई, राजधानी अब जूनियर इंजीनियर विहीन

राजधानी रांची की बिजली व्यवस्था इस समय गंभीर संकट से गुजर रही है। झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड (जेबीवीएनएल) में जूनियर इंजीनियरों (जेई) की भारी कमी के कारण बिजली आपूर्ति और मेंटेनेंस व्यवस्था प्रभावित हो रही है। हालात यह हैं कि रांची सर्किल में कार्यरत सभी 9 जेई को प्रोन्नति देकर सहायक विद्युत अभियंता (एईई) बना दिया गया है, जिसके बाद राजधानी पूरी तरह जेई विहीन हो गई है।

पूरे राज्य के एरिया बोर्ड और सर्किल में पहले 66 जेई कार्यरत थे। इनमें से 56 जेई को प्रमोट कर एईई बना दिया गया। अब पूरे राज्य में केवल 10 जेई ही बचे हैं। ऐसे में बिजली वितरण, फॉल्ट सुधार और ऑपरेशन-मेंटेनेंस का काम प्रभावित होना तय माना जा रहा है।

2017 के बाद नहीं हुई बहाली

जेबीवीएनएल में वर्ष 2017 के बाद से जेई की एक भी नई बहाली नहीं हुई है। यही वजह है कि विभाग धीरे-धीरे तकनीकी कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है।

एक ओर ऊर्जा विकास निगम के सीएमडी अधिकारियों को जरूरी मैनपावर नियुक्त करने के निर्देश दे रहे हैं, वहीं मुख्यमंत्री भी बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर दे रहे हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर काम संभालने वाले जेई और लाइनमैन की कमी इस दिशा में बड़ी बाधा बन गई है।

एक जेई पर 600 ट्रांसफॉर्मरों का बोझ

विभागीय मानकों के अनुसार एक जेई के जिम्मे अधिकतम 200 ट्रांसफॉर्मर होने चाहिए। लेकिन वर्तमान में एक-एक जेई को करीब 600 ट्रांसफॉर्मरों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है।

इसके अलावा उन्हें नए और पुराने बिजली कार्यों की निगरानी भी करनी पड़ती है। जेबीवीएनएल के आंकड़ों के अनुसार पूरे एरिया बोर्ड और सर्किल में कुल 857 पद स्वीकृत हैं, लेकिन कर्मचारियों की भारी कमी के कारण व्यवस्था प्रभावित हो रही है।

राजधानी में बढ़ा पावर कट, लोग परेशान

रांची में लगातार बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। मोरहाबादी, बरियातू, कोकर, दीपा टोली और सरईटांड़ जैसे इलाकों में घंटों बिजली गुल रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि बिना किसी सूचना के हो रही कटौती से घरों में पानी की समस्या बढ़ गई है। इन्वर्टर जवाब दे रहे हैं और लोगों को जेनरेटर का सहारा लेना पड़ रहा है।

सरईटांड़ निवासी ममता देवी ने बताया कि मंगलवार को सुबह 7 बजे से शाम 6 बजे तक बिजली नहीं रही। वहीं दीपा टोली निवासी गीता कुमारी ने कहा कि बिजली आने-जाने का कोई तय समय नहीं रह गया है।

उद्योगों पर भी पड़ा असर

अनगड़ा प्रखंड के कई गांव पिछले एक सप्ताह से बिजली संकट झेल रहे हैं। गेतलसूद इंडस्ट्रियल एरिया की फैक्ट्रियों में भी उत्पादन प्रभावित हो रहा है।

बालाजी फूड प्रोडक्ट के संचालक अविनाश चंद्रा ने बताया कि बिजली की अनियमित आपूर्ति से उत्पादन रुक गया है और जेनरेटर चलाने से लागत बढ़ रही है।

वहीं विवेक गुप्ता ने कहा कि इंडस्ट्रियल एरिया बनने के बावजूद बिजली व्यवस्था बेहद खराब है, जिससे रोजगार और उत्पादन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।

विभाग ने मौसम को बताया वजह

बिजली विभाग के एसडीओ अशोक प्रिय के अनुसार लगातार आंधी, बारिश और वज्रपात के कारण इंसुलेटर क्षतिग्रस्त हो रहे हैं। कई जगह पेड़ और टहनियां तारों पर गिरने से लाइन ट्रिप हो रही है। विभाग लगातार मरम्मत कार्य में जुटा है और जल्द स्थिति सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।

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