थानों में सीसीटीवी लगाने पर हाईकोर्ट सख्त
पुलिस हिरासत में पिटाई मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने मांगी विस्तृत रिपोर्ट

झारखंड हाईकोर्ट में मंगलवार को जेएलकेएम के पूर्व प्रत्याशी तरुण महतो की पुलिस हिरासत में पिटाई मामले की सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने पुलिस थानों में निगरानी व्यवस्था को लेकर सख्त रुख अपनाया।
चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की खंडपीठ ने सरायकेला-खरसावां के एसपी को निर्देश दिया कि जिले के सभी पुलिस थानों में सीसीटीवी कैमरे लगाने को लेकर अब तक की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत की जाए।
हिरासत में घटनाएं रोकने के लिए निगरानी जरूरी
सुनवाई के दौरान अदालत ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में होने वाली घटनाओं की रोकथाम के लिए थानों में प्रभावी निगरानी व्यवस्था बेहद जरूरी है। अदालत ने कहा कि सीसीटीवी कैमरे ऐसे मामलों को रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
मेडिकल अफसर पर कार्रवाई को लेकर भी मांगा जवाब
अदालत ने स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव से भी जवाब तलब किया है। कोर्ट ने पूछा है कि जिस मेडिकल अधिकारी ने तरुण महतो को कोर्ट में पेश करने से पहले “फिट फॉर कस्टडी” का प्रमाण पत्र दिया था, उसके खिलाफ अब तक क्या कार्रवाई की गई है।
हाईकोर्ट ने दोनों अधिकारियों को 18 जून तक शपथ पत्र के माध्यम से जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है।
राज्य सरकार ने दी मुआवजे की जानकारी
सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि पीड़ित तरुण महतो को अंतरिम राहत के तौर पर 1.50 लाख रुपए का मुआवजा दिया जा चुका है।
अब इस मामले में अगली सुनवाई के दौरान अदालत पुलिस थानों में सीसीटीवी व्यवस्था और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही पर आगे निर्णय ले सकती है।
#HamareMath #GiriReporter #MandiDabwali #BhagwaHindustan #BhagwaHindusthan



