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5-डे बैंकिंग की मांग पर बैंक कर्मचारी हड़ताल की तैयारी में: सितंबर-अक्टूबर में आंदोलन, 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी

5-डे बैंकिंग की मंजूरी में देरी और नई PLI स्कीम के विरोध में UFBU का आंदोलन; मांगें नहीं मानी गईं तो 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी।

नई दिल्ली। देशभर के बैंक कर्मचारी और अधिकारी 5-डे बैंकिंग लागू करने और नई परफॉर्मेंस-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम वापस लेने की मांग को लेकर सितंबर और अक्टूबर में हड़ताल पर जा सकते हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) ने मांगें नहीं माने जाने की स्थिति में 26 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी दी है।

बैंक यूनियनों का कहना है कि 5-डे बैंकिंग का प्रस्ताव करीब दो साल से केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित है। इससे बैंकिंग सेवाएं प्रभावित होने की आशंका है।

5-डे बैंकिंग का प्रस्ताव क्या है?

वर्तमान व्यवस्था में बैंकों में दूसरे और चौथे शनिवार को छुट्टी रहती है। प्रस्ताव लागू होने के बाद हर शनिवार को बैंक बंद रहेंगे।

इसके बदले कर्मचारियों को सोमवार से शुक्रवार तक रोजाना करीब 40 मिनट अतिरिक्त काम करना होगा। UFBU के मुताबिक, 8 मार्च 2024 को IBA के साथ हुए 12वें द्विपक्षीय समझौते और 9वें जॉइंट नोट में इस व्यवस्था पर सहमति बनी थी।

PLI स्कीम को लेकर भी विरोध

बैंक यूनियनों ने वित्तीय सेवाएं विभाग की नई PLI गाइडलाइंस का भी विरोध किया है। यूनियनों का आरोप है कि इसमें अलग-अलग स्तर के कर्मचारियों के बीच बड़ा अंतर रखा गया है।

  • स्केल IV और उससे ऊपर: व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर 365 दिनों तक के बेसिक पे के बराबर PLI का प्रावधान।
  • वर्कमेन और स्केल I से III: अधिकतम 15 दिनों के बेसिक पे + DA तक इंसेंटिव।

UFBU का कहना है कि इंसेंटिव बैंक के समग्र प्रदर्शन के आधार पर होना चाहिए और कर्मचारियों के बीच भेदभाव नहीं होना चाहिए।

मामला श्रम आयुक्त और हाईकोर्ट तक पहुंचा

PLI स्कीम को लेकर विवाद मुख्य श्रम आयुक्त के सामने सुलह प्रक्रिया में लंबित है। इसके अलावा मामले को दिल्ली हाईकोर्ट में भी चुनौती दी गई है। यूनियनों की मांग है कि द्विपक्षीय बातचीत के जरिए इंसेंटिव स्कीम में बदलाव किया जाए।

पेंशन और OPS की मांग भी शामिल

बैंक यूनियनों ने हड़ताल की मांगों में पेंशन से जुड़े मुद्दों को भी शामिल किया है। इनमें पेंशन अपडेशन, सभी रिटायर कर्मचारियों के लिए समान महंगाई भत्ता फार्मूला और NPS कर्मचारियों को पुरानी पेंशन योजना (OPS) में जाने का विकल्प देने की मांग प्रमुख है।

बैंक ग्राहकों पर क्या असर पड़ेगा?

यदि प्रस्तावित हड़ताल होती है तो बैंक शाखाओं का कामकाज प्रभावित हो सकता है। हालांकि डिजिटल बैंकिंग, UPI और ATM जैसी सेवाओं की उपलब्धता अलग-अलग परिस्थितियों में जारी रह सकती है। हड़ताल की अंतिम तारीख और बैंकिंग सेवाओं पर असर संबंधित यूनियनों और बैंक प्रबंधन के अगले फैसलों पर निर्भर करेगा।

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