बेंगलुरु में इंदौर के अद्वैत की सातवें दिन भी तलाश, मोबाइल-ड्रोन मिलने के बाद पुलिस ने बढ़ाया जांच का दायरा
मोबाइल-ड्रोन मिलने के बाद पुलिस ने बढ़ाया जांच का दायरा

इंदौर: बेंगलुरु के नेलामंगला स्थित करीब 4500 फीट ऊंची शिवगंगे पहाड़ियों में ट्रेकिंग के दौरान लापता हुए इंदौर के 31 वर्षीय अद्वैत उपाध्याय की सातवें दिन भी तलाश जारी रही, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल सका है। पुलिस, SDRF और फायर ब्रिगेड की टीमें पहाड़ी के दुर्गम हिस्सों में लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं और ऐसे स्थानों की निगरानी के लिए ड्रोन का भी इस्तेमाल किया जा रहा है, जहां रेस्क्यू टीमों का सीधे पहुंचना मुश्किल है। शांताला ड्रॉप के पास अद्वैत का मोबाइल फोन और ड्रोन मिलने के बाद पुलिस ने रेस्क्यू ऑपरेशन के साथ तकनीकी जांच भी तेज कर दी है। पुलिस मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR), SIM कनेक्शन और डिजिटल गतिविधियों की जांच कर रही है तथा यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि 6 और 7 अगस्त को अद्वैत ने किन लोगों से बातचीत की थी। जांच में उसकी मंगेतर, महिला मित्रों और अन्य परिचितों से हुए संपर्कों की जानकारी भी जुटाई जा रही है, हालांकि पुलिस ने फिलहाल किसी व्यक्ति को संदिग्ध नहीं बताया है और किसी विवाद की पुष्टि भी नहीं हुई है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि अद्वैत के नाम पर मौजूदा SIM के अलावा कोई दूसरा नंबर जारी हुआ था या नहीं और क्या उसने किसी अन्य व्यक्ति के नाम से जारी SIM का इस्तेमाल किया था। ड्रोन मिलने के बाद उसकी खरीद से जुड़ी जानकारी भी खंगाली जा रही है और पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ड्रोन कब और कहां से खरीदा गया, भुगतान किस माध्यम से हुआ तथा उसकी आखिरी उड़ान कब हुई थी। ड्रोन के स्टोरेज में किसी फोटो या वीडियो की मौजूदगी की भी जांच की जा सकती है। जांच एजेंसियों को अद्वैत की डिजिटल गतिविधियों से 4 अगस्त को ही शिवगंगे पहाड़ी से जुड़े संकेत मिलने की जानकारी मिली है, जबकि उसकी मंगेतर के मुताबिक वह 7 अगस्त की सुबह ट्रेकिंग के लिए निकला था। इसके चलते पुलिस 4 से 7 अगस्त के बीच उसकी गतिविधियों की पूरी टाइमलाइन तैयार कर रही है। उसके लैपटॉप की सर्च हिस्ट्री में शिवगंगे पहाड़ी की ऊंचाई, शांताला ड्रॉप तक पहुंचने के रास्ते और ट्रैकिंग रूट से जुड़ी जानकारी मिलने की बात सामने आई है। पुलिस के अनुसार, AI टूल पर पहाड़ी से गिरने के बाद व्यक्ति के जीवित रहने की अवधि और शरीर पर पड़ने वाले प्रभाव से जुड़ी जानकारी भी सर्च की गई थी, लेकिन पुलिस का कहना है कि केवल सर्च हिस्ट्री के आधार पर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा और इसे अन्य तकनीकी तथा परिस्थितिजन्य साक्ष्यों से मिलाया जा रहा है। शिकायत के अनुसार अद्वैत ने 7 अगस्त की सुबह करीब 7:30 बजे अपनी मंगेतर को फोन कर शिवगंगे पहाड़ी पर ट्रेकिंग के लिए जाने की जानकारी दी थी और इसके बाद उससे संपर्क नहीं हो सका। उसी रात उसकी गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई गई, जिसके बाद मामला नेलामंगला पुलिस को भेजा गया। अद्वैत परिवार का इकलौता बेटा है और लंबे समय से बेंगलुरु में रहकर फाइनेंस कंपनी में काम कर रहा था। परिवार के मुताबिक उसके पिता की 2016 में हार्ट अटैक से मौत हो गई थी और उसकी मां फिलहाल इंदौर में रहती हैं। बेटे के लगातार लापता रहने से परिवार और रिश्तेदार बेहद चिंतित हैं। मामले को लेकर मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने भी परिवार से बात कर मदद और आवश्यक समन्वय का भरोसा दिया है, जबकि इंदौर क्राइम ब्रांच भी बेंगलुरु पुलिस के संपर्क में है। फिलहाल एक ओर 4500 फीट ऊंची शिवगंगे पहाड़ी के दुर्गम हिस्सों में ड्रोन और रेस्क्यू टीमों के जरिए अद्वैत की तलाश जारी है, वहीं दूसरी ओर पुलिस मोबाइल, SIM, CDR, डिजिटल सर्च, संपर्कों और ड्रोन की खरीद से जुड़ी कड़ियों को जोड़कर उसके लापता होने की पूरी परिस्थितियों का पता लगाने में जुटी है।




