भारत विदेश में खेलेगा 300वां टेस्ट, जीत के मामले में वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ने का मौका; कुलदीप की जगह सारांश जैन के डेब्यू पर नजर
गॉल में 165 रन से जीत के बाद कोलंबो में सीरीज कब्जाने उतरेगी टीम इंडिया; कुलदीप की जगह सारांश जैन को डेब्यू का मौका मिलने की चर्चा, पिच के हिसाब से तय होगा प्लेइंग-11

कोलंबो। भारत और श्रीलंका के बीच दो टेस्ट मैचों की सीरीज का दूसरा और आखिरी मुकाबला 23 अगस्त से कोलंबो के सिंहली स्पोर्ट्स क्लब मैदान पर खेला जाएगा। गॉल में पहला टेस्ट 165 रन से जीतकर भारतीय टीम सीरीज में 1-0 की बढ़त बना चुकी है। अब टीम इंडिया की नजर सीरीज जीतने के साथ विदेश में अपने 300वें टेस्ट को यादगार बनाने पर है।
भारत के लिए यह मुकाबला कई मायनों में खास है। टीम के सामने जीत हासिल कर टेस्ट क्रिकेट में कुल जीत के आंकड़े में वेस्टइंडीज को पीछे छोड़ने का मौका है। दोनों टीमों के बीच जीत का अंतर फिलहाल बेहद करीबी है।
कुलदीप यादव या सारांश जैन?
दूसरे टेस्ट से पहले भारतीय टीम के सामने स्पिन विभाग को लेकर चयन का सवाल है। गॉल टेस्ट में कुलदीप यादव ने 25 ओवर गेंदबाजी की और एक विकेट लिया था। इसके बाद उनकी जगह ऑफ-स्पिन ऑलराउंडर सारांश जैन को मौका देने की चर्चा शुरू हुई है।
सारांश जैन को इस सीरीज के लिए पहली बार भारतीय टेस्ट टीम में शामिल किया गया है। रिपोर्टों के मुताबिक, कोलंबो की पिच और श्रीलंका की बल्लेबाजी में बाएं हाथ के बल्लेबाजों की संख्या को देखते हुए ऑफ-स्पिन विकल्प टीम मैनेजमेंट के लिए उपयोगी हो सकता है।
हालांकि, कुलदीप को सिर्फ एक टेस्ट के बाद बाहर करना तय नहीं माना जा सकता। भारतीय स्पिन गेंदबाजी कोच साईराज बहुतेले ने भी उनके प्रदर्शन का बचाव किया है और टीम में उनके महत्व पर भरोसा जताया है।
कोलंबो में पिच पर टिकी नजर
सिंहली स्पोर्ट्स क्लब की पिच को लेकर टीम मैनेजमेंट की नजर परिस्थितियों पर रहेगी। शुरुआती दौर में बल्लेबाजों को मदद मिल सकती है, जबकि मैच आगे बढ़ने के साथ स्पिन गेंदबाजों की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है।
इसी वजह से भारत के अंतिम प्लेइंग-11 में स्पिन विभाग का फैसला टॉस और पिच की वास्तविक स्थिति के आधार पर भी प्रभावित हो सकता है।
गॉल में भारत का शानदार प्रदर्शन
सीरीज के पहले टेस्ट में भारत ने श्रीलंका को 165 रन से हराया था। भारत की जीत में बल्लेबाजों के साथ स्पिन गेंदबाजों की भी अहम भूमिका रही। मैनव सुथार ने मैच में 10 विकेट लेकर शानदार प्रदर्शन किया।
अब भारतीय टीम की कोशिश दूसरे टेस्ट में भी इसी प्रदर्शन को दोहराकर सीरीज 2-0 से अपने नाम करने की होगी।
श्रीलंका के सामने चोटों की चुनौती
दूसरे टेस्ट से पहले श्रीलंका को अपने प्रमुख खिलाड़ियों की अनुपलब्धता से झटका लगा है। कुसल मेंडिस हैमस्ट्रिंग चोट के कारण बाहर हैं, जबकि दिनेश चांदीमल पहले टेस्ट के दौरान लगी चोट के कारण दूसरा टेस्ट नहीं खेल पाएंगे।
ऐसे में श्रीलंकाई टीम को अपनी बल्लेबाजी में बदलाव करने पड़ेंगे और नए खिलाड़ियों पर जिम्मेदारी बढ़ेगी।
शुभमन गिल के पास रिकॉर्ड बनाने का मौका
भारतीय कप्तान शुभमन गिल के पास भी दूसरे टेस्ट में व्यक्तिगत उपलब्धियां हासिल करने का मौका है। वह टेस्ट क्रिकेट में 3000 रन के आंकड़े के करीब हैं।
इसके अलावा गिल के पास टेस्ट क्रिकेट में 50 छक्के पूरे करने का भी मौका है। वहीं रवींद्र जडेजा के पास 400 टेस्ट चौके और 50 कैच पूरे करने का अवसर है।
भारत की नजर सीरीज क्लीन स्वीप पर
गॉल में बड़ी जीत के बाद भारतीय टीम आत्मविश्वास से भरी है। कोलंबो टेस्ट जीतने पर भारत दो मैचों की सीरीज 2-0 से अपने नाम कर लेगा।
दूसरी ओर, श्रीलंका के लिए यह मुकाबला सीरीज बचाने का आखिरी मौका होगा। चोटों और पहले टेस्ट की हार के बावजूद घरेलू परिस्थितियों में श्रीलंका से कड़ी चुनौती की उम्मीद है।
भारत बनाम श्रीलंका दूसरा टेस्ट 23 से 27 अगस्त तक कोलंबो में खेला जाएगा। अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि भारतीय टीम कुलदीप यादव पर भरोसा कायम रखती है या सारांश जैन को टेस्ट डेब्यू का मौका देती है।




