Welcome to भगवा हिन्दुस्तान   Click to listen highlighted text! Welcome to भगवा हिन्दुस्तान
टॉप न्यूज़

वाराणसी के सभी 84 घाट डूबे, छतों पर आरती और अंतिम संस्कार; दिल्ली में अगस्त की बारिश सामान्य से ज्यादा, राजस्थान में कमजोर पड़ा मानसून

वाराणसी के 84 घाट जलमग्न, छतों पर आरती और अंतिम संस्कार; दिल्ली में अगस्त की बारिश सामान्य से पार, राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने से गर्मी-उमस बढ़ी

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मानसून का अलग-अलग असर देखने को मिल रहा है। उत्तर प्रदेश में लगातार बारिश के कारण गंगा और घाघरा समेत छह नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं। प्रदेश के 13 जिलों में बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। वहीं दिल्ली में अगस्त की बारिश सामान्य आंकड़े को पार कर चुकी है, जबकि राजस्थान में मानसून कमजोर पड़ने से गर्मी और उमस बढ़ गई है।

वाराणसी में सभी 84 घाट जलमग्न

वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से सभी 84 घाट पानी में डूब गए हैं। घाटों पर बने कई छोटे-बड़े मंदिर भी जलमग्न हो गए हैं।

मणिकर्णिका घाट पर पानी बढ़ने के बाद छत पर अंतिम संस्कार किए जा रहे हैं। वहीं दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती भी छत पर कराई जा रही है।

उत्तर प्रदेश के कई अन्य इलाकों में भी बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर से स्थिति चुनौतीपूर्ण बनी हुई है। लखनऊ और बाराबंकी समेत कई शहरों में शनिवार सुबह से रुक-रुककर बारिश हो रही है।

दिल्ली में अगस्त की बारिश सामान्य से ज्यादा

दिल्ली में शुक्रवार रात से रुक-रुककर बारिश जारी है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 1 से 21 अगस्त के बीच सफदरजंग मौसम केंद्र पर 235.3 मिमी बारिश दर्ज की गई।

अगस्त में दिल्ली की सामान्य बारिश 233.1 मिमी है। यानी महीने के समाप्त होने से पहले ही बारिश सामान्य आंकड़े को पार कर चुकी है।

मौसम विभाग के मुताबिक, वीकेंड के दौरान भी दिल्ली में बारिश का दौर जारी रह सकता है।

राजस्थान में मानसून कमजोर, गर्मी और उमस बढ़ी

राजस्थान में मानसून की गतिविधियां कमजोर पड़ गई हैं। शुक्रवार को 15 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया था, लेकिन 11 जिलों में मौसम साफ रहा और तेज धूप निकली।

बाकी चार जिलों में भी 10 मिमी से कम बारिश रिकॉर्ड की गई। बारिश कम होने के कारण कई इलाकों में गर्मी और उमस बढ़ गई है।

शुक्रवार को श्रीगंगानगर में अधिकतम तापमान 39.9 डिग्री और चूरू में 39 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मध्य प्रदेश में तीन मानसूनी सिस्टम एक्टिव

मध्य प्रदेश में एक साथ तीन मानसूनी सिस्टम सक्रिय बताए गए हैं। रीवा-सीधी के पास लो प्रेशर एरिया, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश से गुजर रही मानसून ट्रफ और दक्षिण-पश्चिमी मध्य प्रदेश में चक्रवाती परिसंचरण का असर देखने को मिल रहा है।

इसके चलते प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश की संभावना है। सिवनी और बालाघाट में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है, जबकि 14 जिलों में यलो अलर्ट जारी किया गया है।

हरियाणा में बारिश की गतिविधियां बढ़ने का अनुमान

हरियाणा में भी मानसून फिर सक्रिय होने के संकेत हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, उत्तर-पूर्वी हिस्सों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।

पंचकूला, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, कैथल, करनाल और पानीपत में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।

20 अगस्त तक राज्य में सामान्य से 17 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई थी।

पंजाब में कई जिलों में बारिश का अलर्ट

पंजाब के जालंधर और पठानकोट में शनिवार सुबह हल्की बारिश हुई। मौसम विभाग ने पठानकोट, गुरदासपुर, होशियारपुर और रूपनगर में भारी बारिश के साथ गरज-चमक और बिजली गिरने की आशंका जताई है।

राज्य के अन्य हिस्सों में भी हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। चंडीगढ़ में बादल छाए रहने का अनुमान है।

उत्तराखंड में भारी बारिश और लैंडस्लाइड की चुनौती

उत्तराखंड में पिछले कई दिनों से बारिश का दौर जारी है। देहरादून, टिहरी, पौड़ी, रुद्रप्रयाग, चमोली, बागेश्वर, चंपावत, पिथौरागढ़ और नैनीताल समेत नौ जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।

बारिश और भूस्खलन के कारण कई सड़कें बंद हैं। राज्य में प्राकृतिक आपदाओं के कारण जान-माल के नुकसान की भी सूचना है।

बिहार में गंगा खतरे के निशान के ऊपर

बिहार में भी नदियों का जलस्तर बढ़ रहा है। पटना के गांधी घाट पर गंगा का पानी खतरे के निशान से ऊपर पहुंच गया है।

राज्य के कई जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। कुछ स्थानों पर तेज हवाओं और बिजली गिरने की भी संभावना जताई गई है।

अगले दिनों में कई राज्यों में भारी बारिश की संभावना

मौसम पूर्वानुमान के अनुसार अगले कुछ दिनों में अरुणाचल प्रदेश, असम-मेघालय, बिहार, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, ओडिशा, उत्तराखंड, झारखंड, कर्नाटक और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में भारी बारिश हो सकती है।

कुछ राज्यों में तेज हवाओं, गरज-चमक और बिजली गिरने की भी आशंका है। राजस्थान, जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के कुछ हिस्सों में भी तेज हवाओं के साथ आंधी की संभावना जताई गई है।

देश के अलग-अलग हिस्सों में बारिश और बाढ़ की स्थिति लगातार बदल रही है। ऐसे में स्थानीय प्रशासन और मौसम विभाग की चेतावनियों पर ध्यान देना जरूरी है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!
Click to listen highlighted text!