देश

क्या शेख हसीना की बांग्लादेश वापसी की जमीन तैयार हो रही है? दो साल बाद फिर दिखने लगी अवामी लीग

पार्टी कार्यालयों पर बैनर और नेताओं की जमानत के बीच स्थानीय चुनाव को लेकर सक्रियता बढ़ी, शेख हसीना ने साल के अंत तक लौटने का किया दावा

ढाका, 16 अगस्त। बांग्लादेश की राजनीति में अवामी लीग की संभावित वापसी को लेकर चर्चाएं एक बार फिर तेज हो गई हैं। 5 अगस्त 2024 को शेख हसीना के सत्ता से हटने और भारत आने के बाद अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं पर कार्रवाई हुई थी, पार्टी की गतिविधियों पर रोक लगाई गई थी तथा कई कार्यालयों में तोड़फोड़ और आगजनी की घटनाएं सामने आई थीं। लेकिन अब करीब दो साल बाद देश के अलग-अलग हिस्सों में पार्टी के पुराने कार्यालयों के फिर खुलने, बैनर लगने, कार्यकर्ताओं के छोटे समूहों में सक्रिय होने और स्थानीय स्तर पर राजनीतिक गतिविधियां बढ़ने की खबरें सामने आ रही हैं। इसी बीच शेख हसीना ने भी साल के अंत तक बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताते हुए कहा है कि वह अपने लोगों के बीच वापस जाना चाहती हैं, हालांकि उनकी वापसी की कोई निश्चित तारीख सामने नहीं आई है। अवामी लीग की संभावित राजनीतिक वापसी के संकेतों में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को मिल रही जमानत भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार शेख हसीना सरकार में संसद की स्पीकर रहीं शिरीन शर्मिन चौधरी को अप्रैल 2026 में गिरफ्तार किया गया था, लेकिन कुछ ही दिनों बाद उन्हें जमानत मिल गई। इसके बाद नारायणगंज सिटी कॉरपोरेशन की पूर्व मेयर सेलिना हयात आइवी को भी जून में जमानत मिलने की जानकारी सामने आई। बांग्लादेश पुलिस और सरकारी सूत्रों के अनुसार सत्ता परिवर्तन के बाद बड़ी संख्या में पूर्व सांसदों, मंत्रियों और राज्य मंत्रियों को गिरफ्तार किया गया था, जिनमें कई लोगों को अब अदालतों से राहत मिल चुकी है। हालांकि सरकार का कहना है कि जमानत को अवामी लीग के लिए राजनीतिक रियायत के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए और प्रत्येक आरोपी को कानून के तहत अपने अधिकार मिलना जरूरी है। इसी बीच अवामी लीग से जुड़े नेताओं की नजर स्थानीय चुनावों पर भी है। फरवरी में हुए संसदीय चुनाव में पार्टी राजनीतिक गतिविधियों पर रोक के कारण हिस्सा नहीं ले सकी थी, लेकिन 2026 के अंत में संभावित यूनियन परिषद चुनावों को पार्टी के जमीनी संगठन के लिए महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। चूंकि इन स्थानीय चुनावों में पार्टी सिंबल का इस्तेमाल नहीं होता, इसलिए अवामी लीग से जुड़े नेता निर्दलीय उम्मीदवारों के रूप में चुनाव मैदान में उतर सकते हैं। इससे पार्टी के पुराने कार्यकर्ताओं को स्थानीय राजनीति में दोबारा सक्रिय होने का रास्ता मिल सकता है। जमालपुर के पूर्व यूनियन परिषद चेयरमैन कमाल हुसैन जैसे नेताओं के फिर चुनाव की तैयारी करने की बात सामने आई है, जबकि चटगांव के पटिया क्षेत्र में भी संभावित उम्मीदवारों के सक्रिय होने के संकेत मिल रहे हैं। अवामी लीग के नेताओं का दावा है कि पार्टी कार्यकर्ता फिलहाल ग्रामीण क्षेत्रों में शांत तरीके से संगठन को मजबूत कर रहे हैं और चुनाव का माहौल बनने पर खुलकर सामने आ सकते हैं। हालांकि इन घटनाओं को शेख हसीना की तत्काल राजनीतिक वापसी का प्रमाण मानना अभी जल्दबाजी होगी। बांग्लादेश की राजनीतिक परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं और अवामी लीग पर लगी राजनीतिक पाबंदियों, लंबित आपराधिक मामलों, आगामी चुनावों तथा शेख हसीना की कानूनी स्थिति का असर पार्टी के भविष्य पर निर्णायक होगा। फिलहाल इतना जरूर है कि जेल से कुछ वरिष्ठ नेताओं की रिहाई, स्थानीय स्तर पर पार्टी समर्थकों की सक्रियता और संभावित स्थानीय चुनावों को लेकर बढ़ती हलचल ने बांग्लादेश की राजनीति में यह सवाल फिर खड़ा कर दिया है कि क्या अवामी लीग धीरे-धीरे राजनीतिक जगह वापस हासिल करने की कोशिश कर रही है और क्या इससे शेख हसीना की भविष्य में बांग्लादेश वापसी का रास्ता भी तैयार हो सकता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
Click to listen highlighted text!
error: Content is protected !!