महाकाल मंदिर में कर्मचारी पर चाकू से हमला करने वालों का जुलूस, मंदिर के सामने मांगी माफी
तीनों आरोपी गिरफ्तार; पुलिस ने मंदिर गेट के सामने कान पकड़वाकर लगवाई उठक-बैठक, कार्रवाई पर लोगों ने तालियां बजाकर किया पुलिस का अभिवादन

उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में सफाई कर्मचारी पर चाकू से हमला करने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर उनका जुलूस निकाला। पुलिस आरोपियों को महाकाल मंदिर के गेट के सामने लेकर पहुंची, जहां तीनों ने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई। इस दौरान मौके पर मौजूद लोगों की भीड़ ने पुलिस कार्रवाई का समर्थन करते हुए तालियां बजाईं। मामला शनिवार रात करीब 9:30 बजे शक्ति पथ और धनुष द्वार के बीच का है, जहां महाकाल मंदिर के नंदी हॉल में ड्यूटी पर जा रहे सफाई कर्मचारी उमेश टेटवाल को दो युवकों ने रास्ते में रोक लिया। साइड से चलने की बात को लेकर शुरू हुआ विवाद देखते ही देखते गाली-गलौज और मारपीट में बदल गया। आरोप है कि इसी दौरान चाकू से हमला कर उमेश को घायल कर दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही महाकाल थाना पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की और रोनक हरित, हर्ष उर्फ बाबू पंवार तथा अर्पित उर्फ काजू फतरोड़ को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने तीनों के खिलाफ अपराध क्रमांक 368/2026 में BNS की धारा 118(1), 115(2), 296, 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपियों को महाकाल मंदिर के सामने लेकर पहुंची, जहां उन्होंने हाथ जोड़कर माफी मांगी और कान पकड़कर उठक-बैठक लगाई। पुलिस की इस कार्रवाई को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए और तालियां बजाकर पुलिस का अभिवादन किया। मामले में पुलिस की सख्ती का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपियों के साथ पाइप से मारपीट किए जाने का दावा किया जा रहा है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। महाकाल मंदिर जैसे संवेदनशील और धार्मिक स्थल पर कर्मचारी पर चाकू से हमला होने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठे हैं। इस घटना के बीच पुलिस की कार्रवाई ने स्थानीय लोगों का ध्यान खींचा है, हालांकि आरोपियों के खिलाफ आगे की कार्रवाई न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगी।



