उज्जैन

उज्जैन में किसान कांग्रेस नेता अशोक जाट जिला बदर, आदेश के विरोध में कलेक्ट्रेट पर अनिश्चितकालीन धरने का ऐलान

6 महीने के लिए जिला बदर किए जाने पर कांग्रेस का विरोध तेज

उज्जैन में किसान कांग्रेस के जिला अध्यक्ष अशोक जाट को छह महीने के लिए जिला बदर किए जाने के आदेश के बाद राजनीतिक विवाद गहरा गया है। प्रशासन के इस फैसले के विरोध में कांग्रेस नेताओं ने शुक्रवार से कलेक्टर कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरने पर बैठने की घोषणा की है।


किसान हितों की आवाज दबाने का आरोप

नगर निगम में नेता प्रतिपक्ष रवि राय ने आरोप लगाया कि अशोक जाट लगातार मंडी में किसानों की समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे थे, जिसके चलते उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कदम किसान हितों के खिलाफ और राजनीतिक दबाव में लिया गया फैसला है।

कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि जिला प्रशासन ने राज्य सुरक्षा अधिनियम के तहत यह आदेश भाजपा सरकार के इशारे पर जारी किया है।


कलेक्ट्रेट पर धरना, विधायक और शहर अध्यक्ष भी शामिल होंगे

कांग्रेस की ओर से घोषणा की गई है कि शुक्रवार सुबह 11 बजे से विधायक महेश परमार, शहर कांग्रेस अध्यक्ष मुकेश भाटी और अन्य नेता कलेक्टर कार्यालय पर धरने पर बैठेंगे। पार्टी का कहना है कि जब तक जिला बदर का आदेश वापस नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा।


आदेश के तहत छह जिलों से बाहर रहने के निर्देश

कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी रौशन कुमार सिंह ने बुधवार को आदेश जारी करते हुए अशोक जाट को उज्जैन समेत देवास, इंदौर, रतलाम, शाजापुर, मंदसौर, धार और आगर मालवा जिलों की सीमाओं से छह महीने के लिए बाहर रहने के निर्देश दिए हैं।

आदेश में यह भी कहा गया है कि यदि किसी अदालत में पेशी की आवश्यकता होती है तो संबंधित थाना प्रभारी को पूर्व सूचना देकर अनुमति लेनी होगी।


प्रशासनिक कार्रवाई और राजनीतिक टकराव

इस मामले के बाद उज्जैन में प्रशासन और कांग्रेस के बीच टकराव बढ़ गया है। एक ओर प्रशासन इसे कानून-व्यवस्था से जुड़ा निर्णय बता रहा है, वहीं कांग्रेस इसे राजनीतिक कार्रवाई करार दे रही है।

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