MP-राजस्थान में भारी बारिश से बाढ़ जैसे हालात, UP में गंगा-यमुना उफान पर; कई शहरों में सड़कें डूबीं
कई शहरों में सड़कें डूबीं

देश के कई हिस्सों में मानसून की तेज बारिश ने जनजीवन प्रभावित कर दिया है। मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में लगातार बारिश के कारण बाढ़ और जलभराव जैसे हालात बन गए हैं, जबकि उत्तर प्रदेश में गंगा-यमुना समेत कई नदियों के जलस्तर में बढ़ोतरी से नदी किनारे बसे इलाकों में चिंता बढ़ गई है। मध्य प्रदेश के भोपाल, रायसेन, उज्जैन और देवास समेत कई क्षेत्रों में तेज बारिश का दौर जारी है और कई निचले इलाकों में पानी भरने से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। रायसेन और मंडला-डिंडोरी क्षेत्र में भारी बारिश के बाद नदियों के जलस्तर में वृद्धि की खबरें भी सामने आई हैं और कुछ इलाकों में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। राजस्थान में भी बारिश ने कई शहरों की तस्वीर बदल दी है। बाड़मेर और बीकानेर जैसे पश्चिमी राजस्थान के इलाकों में सड़कों पर पानी भरने से यातायात प्रभावित हुआ है, जबकि बांधों और जलाशयों में पानी बढ़ने से प्रशासन को सतर्क रहना पड़ रहा है। मौसम विभाग ने राजस्थान के कई जिलों में आने वाले दिनों में भारी से अति-भारी बारिश की संभावना जताई है, जिससे पहले से जलभराव वाले इलाकों में मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। उत्तर प्रदेश में भी नदियों के बढ़ते जलस्तर ने चिंता बढ़ाई है। गंगा और यमुना के साथ अन्य नदियों के उफान पर आने से नदी किनारे के गांवों और निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा बना हुआ है। फर्रुखाबाद और बिजनौर जैसे क्षेत्रों में गंगा का पानी सड़क मार्गों तक पहुंचने की स्थिति ने स्थानीय लोगों की परेशानी बढ़ा दी है, जबकि वाराणसी में गंगा का जलस्तर बढ़ने से घाटों के आसपास के रास्ते प्रभावित हुए हैं। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती लोगों को सुरक्षित रखना और प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन तथा राहत व्यवस्था बनाए रखना है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों में मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना जताई है। ऐसे में निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सावधानी बरतने, जलभराव वाली सड़कों और उफनती नदियों के पास जाने से बचने तथा स्थानीय प्रशासन की एडवाइजरी का पालन करने की जरूरत है।




