साइबर लिटरेसी- रक्षाबंधन पर साइबर फ्रॉड का रिस्क:ऑनलाइन राखी खरीदते हुए बरतें 9 सावधानियां, जानें किसी भी स्कैम से कैसे बचें 18 घंटे पहले लेखक: शिवाकान्त शुक्ल रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक है। इस दौरान लोग ऑनलाइन राखी, मिठाई और गिफ्ट ऑर्डर करते हैं। बढ़ती ऑनलाइन खरीदारी के साथ साइबर ठग भी एक्टिव हो जाते हैं। वे लोगों को ठगने के लिए नए-नए हथकंडे अपनाते हैं। स्कैमर्स फर्जी शॉपिंग वेबसाइट के जरिए सोशल मीडिया पर भारी डिस्काउंट और एक्सप्रेस डिलीवरी के लुभावने ऑफर दिखाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते हैं। कई मामलों में पेमेंट लेने के बाद सामान डिलीवर नहीं किया जाता, जबकि कुछ लोगों को नकली या खराब क्वालिटी का प्रोडक्ट भेज दिया जाता है। इसलिए आज ‘साइबर लिटरेसी’ में ऑनलाइन राखी और गिफ्ट ऑर्डर के दौरान होने वाले साइबर फ्रॉड पर बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- ऑनलाइन राखी या गिफ्ट खरीदते समय किन बातों का ध्यान रखें? साइबर फ्रॉड से बचने के लिए क्या करें? एक्सपर्ट- राहुल मिश्रा, साइबर सिक्योरिटी एडवाइजर, उत्तर प्रदेश पुलिस सवाल- त्योहारों के दौरान फ्रॉड के मामले क्यों बढ़ जाते हैं? जवाब- पॉइंटर्स से समझिए- त्योहारों में ऑनलाइन खरीदारी बढ़ने से साइबर ठग भी ज्यादा एक्टिव हो जाते हैं। एक्सप्रेस डिलीवरी की चाह में कई लोग वेबसाइट या सेलर की जांच किए बिना ऑर्डर कर देते हैं। भारी डिस्काउंट, फ्री गिफ्ट और लिमिटेड-टाइम ऑफर के झांसे में आकर लोग बिना वेरिफिकेशन के पेमेंट कर देते हैं। व्यस्तता के कारण लोग वेबसाइट का URL, रिव्यू, रेटिंग और रिटर्न पॉलिसी जैसी जरूरी बातें चेक करना भूल जाते हैं। ठग असली ब्रांड जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट और सोशल मीडिया अकाउंट बनाकर लोगों का भरोसा जीतते हैं। UPI, QR कोड और पेमेंट लिंक के बढ़ते इस्तेमाल का फायदा उठाकर ठग फर्जी पेमेंट रिक्वेस्ट भेजते हैं और लोगों से पैसे ठग लेते हैं। सवाल- रक्षाबंधन के आसपास किस तरह के फ्रॉड ज्यादा होते हैं? जवाब- इस दौरान स्कैमर लोगों को ठगने के लिए कई तरह के हथकंडे अपनाते हैं। ग्राफिक में सभी साइबर फ्रॉड देखिए- इन स्कैम के बारे में विस्तार से समझिए- 1. फेक शॉपिंग वेबसाइट ठग असली शॉपिंग वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी साइट बनाते हैं। इस पर आकर्षक ऑफर देते हैं। इससे लोग फंस जाते हैं। ऑर्डर करने के बाद पेमेंट तो हो जाता है, लेकिन न सामान मिलता है और न ही रिफंड। 2. वॉट्सएप पर गिफ्ट स्कैम ठग “रक्षाबंधन पर आपके लिए गिफ्ट आया है” या “राखी गिफ्ट क्लेम करें” जैसे मैसेज वॉट्सएप पर भेजते हैं। इसके साथ फर्जी लिंक अटैच होता है। लिंक पर क्लिक करते ही लोग स्कैम का शिकार हो जाते हैं। 3. फेक कूरियर स्कैम ठग डिलीवरी एजेंट बनकर कॉल या मैसेज भेजते हैं। पता अपडेट करने, डिलीवरी चार्ज या पार्सल रोकने का बहाना बनाते हैं। OTP लेकर या लिंक भेजकर फ्रॉड को अंजाम देते हैं। 4. फेक कैशबैक स्कैम फेस्टिव ऑफर, कैशबैक या रिवॉर्ड का लालच देते हैं। कैशबैक लेने के लिए फर्जी लिंक, QR कोड या UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजते हैं। रिक्वेस्ट अप्रूव करते ही खाते से पैसे कट जाते हैं। 5. फेक कस्टमर केयर सर्च रिजल्ट या सोशल मीडिया पर नकली कस्टमर केयर नंबर दिखाते हैं। रिफंड, ऑर्डर कैंसिल या शिकायत के नाम पर भरोसा जीतते हैं। बैंक डिटेल, OTP, UPI पिन या स्क्रीन शेयरिंग एप से फ्रॉड करते हैं। 6. फेक ट्रैकिंग लिंक ऑर्डर ट्रैकिंग के नाम पर SMS, ईमेल या वॉट्सएप पर लिंक भेजते हैं। लिंक असली वेबसाइट जैसा दिखता है, लेकिन फर्जी होता है। उस पर क्लिक करने से फोन में मालवेयर इंस्टॉल होता है और डेटा चोरी हो जाता है। 7. रिफंड स्कैम रिफंड दिलाने का झांसा देकर स्क्रीन शेयरिंग एप डाउनलोड कराते हैं। या फिर UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट भेजकर उसे अप्रूव करने के लिए कहते हैं। रिक्वेस्ट स्वीकार करते ही या जरूरी परमिशन देते ही खाते से पैसे ऐंठ लेते हैं। सवाल- ऑनलाइन गिफ्ट ऑर्डर करने से पहले कैसे चेक करें कि वेबसाइट असली है या नहीं? फर्जी वेबसाइट कैसे पहचानें? जवाब- कुछ ऐसे संकेत हैं, जिनसे फर्जी वेबसाइट की पहचान की जा सकती है। ग्राफिक में सभी संकेत देखिए-
फर्जी शॉपिंग वेबसाइट, WhatsApp गिफ्ट मैसेज, नकली कूरियर कॉल और कैशबैक के झांसे से बचें; पेमेंट से पहले वेबसाइट और लिंक की पूरी जांच करें

रक्षाबंधन के मौके पर ऑनलाइन राखी, मिठाई और गिफ्ट की खरीदारी बढ़ने के साथ साइबर ठग भी सक्रिय हो जाते हैं। ठग भारी डिस्काउंट, फ्री गिफ्ट, एक्सप्रेस डिलीवरी और लिमिटेड टाइम ऑफर का लालच देकर लोगों को फर्जी वेबसाइट या सोशल मीडिया विज्ञापनों के जरिए अपने जाल में फंसा सकते हैं। कई मामलों में पेमेंट लेने के बाद सामान डिलीवर नहीं किया जाता, जबकि कुछ मामलों में नकली या खराब गुणवत्ता का सामान भेज दिया जाता है। ऑनलाइन खरीदारी करते समय सबसे पहले वेबसाइट का URL ध्यान से जांचें और केवल भरोसेमंद प्लेटफॉर्म या आधिकारिक वेबसाइट से ही सामान खरीदें। सोशल मीडिया पर दिखने वाले हर विज्ञापन को असली न मानें, क्योंकि ठग असली ब्रांड जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट और अकाउंट बना सकते हैं। वेबसाइट की रेटिंग, रिव्यू, रिटर्न पॉलिसी और विक्रेता की जानकारी जरूर जांचें। WhatsApp पर ‘रक्षाबंधन गिफ्ट क्लेम करें’ या ‘आपके लिए गिफ्ट आया है’ जैसे अनजान मैसेज के साथ आए लिंक पर क्लिक न करें। इसी तरह फेक कूरियर स्कैम में ठग डिलीवरी एजेंट बनकर पता अपडेट करने, डिलीवरी चार्ज जमा करने या पार्सल रिलीज कराने के नाम पर OTP और बैंकिंग जानकारी मांग सकते हैं। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, UPI PIN, CVV या बैंक खाते से जुड़ी संवेदनशील जानकारी बिल्कुल न दें। कैशबैक या रिवॉर्ड के नाम पर भेजे गए संदिग्ध QR कोड और UPI कलेक्ट रिक्वेस्ट को स्वीकार करने से भी बचें। फर्जी कस्टमर केयर नंबर से आने वाली कॉल से सावधान रहें और किसी कंपनी का हेल्पलाइन नंबर केवल उसकी आधिकारिक वेबसाइट या ऐप से ही प्राप्त करें। रिफंड के नाम पर कोई व्यक्ति स्क्रीन शेयरिंग ऐप डाउनलोड करने या मोबाइल की स्क्रीन साझा करने को कहे तो ऐसा बिल्कुल न करें। ऑर्डर ट्रैक करने के नाम पर आए संदिग्ध SMS, ईमेल या WhatsApp लिंक पर क्लिक करने से भी बचें, क्योंकि इनके जरिए मालवेयर या डेटा चोरी का खतरा हो सकता है। ऑनलाइन राखी या गिफ्ट खरीदते समय जल्दबाजी में पेमेंट करने के बजाय कुछ मिनट वेबसाइट और सेलर की जांच में लगाना बेहतर है। साइबर फ्रॉड होने की स्थिति में तुरंत बैंक को सूचना दें और 1930 पर शिकायत दर्ज करें।



