सावन के आखिरी सोमवार पर शिवालयों में उमड़ा आस्था का सैलाब: देवघर में 4 किमी कतार, काशी में 1 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने किए दर्शन
देवघर में 4 किमी लंबी कतार, काशी विश्वनाथ में सुबह 7 बजे तक 1.05 लाख भक्तों ने किए दर्शन; महाकाल का चांदी के त्रिशूल-मुकुट से विशेष श्रृंगार

सावन के चौथे और आखिरी सोमवार पर देशभर के प्रमुख शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। काशी विश्वनाथ, बाबा बैद्यनाथ धाम, महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर समेत प्रमुख मंदिरों में रात से ही भक्तों की कतारें लग गईं। बड़ी संख्या में कांवड़िए भी भगवान शिव का जलाभिषेक करने पहुंचे।
देवघर में 4 किलोमीटर लंबी कतार
झारखंड के देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ धाम में मंदिर के कपाट सुबह 3:15 बजे खोले गए। पूजा-अर्चना के बाद 4:10 बजे आम श्रद्धालुओं के लिए दर्शन शुरू हुए। मंदिर परिसर के बाहर करीब 4 किलोमीटर लंबी कतार देखने को मिली।
काशी विश्वनाथ में सुबह से भक्तों की भीड़
वाराणसी के काशी विश्वनाथ मंदिर में सुबह 4 बजे मंगला आरती के बाद कपाट खोले गए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मंदिर में 6 द्वारों से प्रवेश की व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था के तहत ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है।
सुबह 7 बजे तक करीब 1.05 लाख श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर चुके थे। प्रशासन के मुताबिक, आखिरी सोमवार को बड़ी संख्या में भक्तों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए विशेष इंतजाम किए गए।
महाकालेश्वर में चांदी के त्रिशूल और मुकुट से श्रृंगार
मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में सुबह 2:30 बजे भस्म आरती के लिए कपाट खोले गए। भस्म आरती के दौरान बाबा महाकाल का विशेष श्रृंगार किया गया। भगवान को चांदी के त्रिशूल, मुकुट और आभूषणों से सजाया गया। इसके साथ भांग, चंदन और ड्रायफ्रूट से भी श्रृंगार किया गया।
भस्म आरती में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचे।
ओंकारेश्वर में शाम की सवारी में होगी पुष्पवर्षा
मध्य प्रदेश के ओंकारेश्वर में सावन के आखिरी सोमवार को भगवान शिव की पारंपरिक सवारी निकाली जाएगी। इस दौरान हेलिकॉप्टर से पुष्पवर्षा किए जाने की तैयारी है।
भोजेश्वर मंदिर में 6 क्विंटल फूलों से श्रृंगार
भोपाल के पास स्थित भोजेश्वर मंदिर में भी सावन के आखिरी सोमवार पर विशेष सजावट की गई। यहां भगवान शिव का करीब 6 क्विंटल फूलों से श्रृंगार किया गया।
देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भीड़
सावन के आखिरी सोमवार पर गुजरात के सोमनाथ मंदिर, महाराष्ट्र के सिद्धेश्वर महादेव और बाबुलनाथ मंदिर, जम्मू के रणबीरेश्वर मंदिर, राजस्थान के जयपुर स्थित ताड़केश्वर महादेव मंदिर और दिल्ली के प्राचीन शिव मंदिरों में भी श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली।
कई मंदिरों में जलाभिषेक और दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की गई है। सुरक्षा व्यवस्था को देखते हुए पुलिस और प्रशासन की टीमें भी तैनात हैं।




