शहर की प्यास बुझाने तिघरा में बढ़ाया जा रहा पानी, 732 फीट तक पहुंचाने का लक्ष्य
अपर ककैटो से ककैटो के लिए छोड़ा गया पानी; पेहसारी से तिघरा में शिफ्टिंग की रफ्तार बढ़ेगी, गर्मियों के संभावित पेयजल संकट से निपटने की तैयारी तेज

ग्वालियर की पेयजल जरूरतों के लिए महत्वपूर्ण तिघरा बांध में पानी बढ़ाने की कवायद तेज कर दी गई है। जल संसाधन विभाग ने सोमवार सुबह अपर ककैटो बांध से ककैटो के लिए पानी छोड़ना शुरू किया, जिसके बाद ककैटो का जलस्तर बढ़ने पर पेहसारी बांध से तिघरा में पानी शिफ्ट करने की रफ्तार बढ़ाई जाएगी। विभाग का लक्ष्य तिघरा बांध का जलस्तर 732 फीट या उससे ऊपर पहुंचाना है, ताकि शहर की पेयजल जरूरत लंबे समय तक पूरी की जा सके और आगामी गर्मियों में पानी की कमी का खतरा कम हो। फिलहाल तिघरा का जलस्तर करीब 728 फीट बताया जा रहा है। पेहसारी से तिघरा में पानी पहुंचाने की प्रक्रिया 21 अगस्त से शुरू हो चुकी है, लेकिन बांधों में उपलब्ध पानी और बारिश की स्थिति को देखते हुए अभी इसकी रफ्तार नियंत्रित रखी गई है। अपर ककैटो से पानी छोड़े जाने के बाद ककैटो का जलस्तर बढ़ने का इंतजार है और इसके बाद पेहसारी से तिघरा की ओर पानी भेजने की गति बढ़ाने की योजना है। विभाग का मानना है कि बारिश के दौरान पानी की शिफ्टिंग करने से नुकसान भी कम हो सकता है, क्योंकि गीली मिट्टी और कम धूप के कारण पानी के रास्ते में होने वाला नुकसान अपेक्षाकृत कम रहने की उम्मीद है। इसी वजह से उपलब्ध पानी का अधिकतम हिस्सा तिघरा तक पहुंचाने की कोशिश की जा रही है। अधिकारियों का उद्देश्य तिघरा में पर्याप्त जल भंडारण करना है, ताकि अगले साल गर्मियों में शहर की पेयजल आपूर्ति प्रभावित न हो। जल संसाधन विभाग के अनुसार यदि बारिश के बाद बांधों में पानी की आवक कम रहती है तो भविष्य में पेयजल संकट की स्थिति बन सकती है, इसलिए अभी से जल प्रबंधन पर जोर दिया जा रहा है। खास बात यह है कि तिघरा से शहर की जलापूर्ति के लिए करीब तीन साल पहले एक मैनेजमेंट प्लान तैयार किया गया था, जिसमें सर्दियों के दौरान पानी की मांग कम होने पर एक दिन छोड़कर पानी सप्लाई करने और बचाए गए पानी को गर्मियों में उपयोग करने की योजना बनाई गई थी। विभागीय आकलन के मुताबिक यदि पिछले साल इस योजना को लागू किया जाता तो करीब तीन महीने का पानी बचाया जा सकता था। अब मौजूदा परिस्थितियों में आसपास के बांधों से पानी तिघरा तक पहुंचाने और जलस्तर को 732 फीट या उससे अधिक करने पर प्राथमिकता दी जा रही है, ताकि ग्वालियर शहर की आने वाली पेयजल जरूरतों के लिए पर्याप्त जल उपलब्ध रहे।




