चित्रकूट में बांध फूटा, सतना में स्कूल बंद; 41 जिलों में बारिश से बिगड़े हालात
8 जिलों में बाढ़ जैसे हालात, नदियां उफान पर; सतना में रास्ते और रेलवे ट्रैक डूबे, ग्वालियर में आज हल्की बारिश की संभावना

मध्यप्रदेश में लगातार हो रही बारिश के चलते कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पूर्वी मध्यप्रदेश समेत प्रदेश के 41 जिलों में बारिश दर्ज की गई, जबकि चित्रकूट, सतना, शहडोल, सिंगरौली, रीवा और शुजालपुर समेत कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। चित्रकूट में मंदाकिनी और सेमरावल नदियां उफान पर हैं और गोरगी बांध फूटने के बाद आसपास के कई इलाकों में पानी भर गया है, जिसके चलते कुछ स्थानों पर नावों की मदद से आवाजाही करनी पड़ी। सतना में भारी बारिश के कारण गांवों को शहर से जोड़ने वाले करीब एक दर्जन रास्ते बंद हो गए और रेलवे ट्रैक तक पानी में डूब गया, जिसके चलते प्रशासन ने 1 सितंबर तक स्कूलों में छुट्टी घोषित की है। शहडोल में बाणसागर बांध के छह गेट खोले जाने के बाद निचले इलाकों में अलर्ट जारी किया गया है। सिंगरौली में रपटे से गुजरते समय बाइक सवार दंपती हादसे का शिकार हुए, जिसमें पत्नी बह गई, जबकि पति को बचा लिया गया। रीवा में तमस नदी का जलस्तर बढ़ने से कई रास्तों पर आवागमन प्रभावित हुआ है, वहीं शुजालपुर में लगातार बारिश के कारण शहर और कस्बों में जलभराव से बाढ़ जैसे हालात बने हुए हैं। इसी बीच सेमरिया थाना क्षेत्र में बसामन मामा के पास एक युवक के तमस नदी में छलांग लगाने की घटना भी सामने आई। 23 वर्षीय जितेंद्र उर्फ मोहित यादव पुल की रेलिंग पर खड़ा था और फिर नदी में कूद गया। मौके पर मौजूद लोग घटना का वीडियो बनाते रहे। युवक के नदी में कूदने की वजह अभी सामने नहीं आई है और उसकी तलाश जारी है। दूसरी ओर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने चित्रकूट पहुंचकर बाढ़ प्रभावित लोगों से मुलाकात की और उन्हें कपड़े व खाद्यान्न सामग्री वितरित की। ग्वालियर में रविवार को दिनभर बादल छाए रहे, हालांकि बारिश नहीं हुई। मौसम विभाग ने सोमवार को ग्वालियर में हल्की बारिश की संभावना जताई है, जबकि पूर्वी मध्यप्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की जरूरत है।




