535 करोड़ के पुनर्विकास में पार्किंग और संकरी सीढ़ियों पर सवाल
60-65 हजार से बढ़कर 1.50 लाख यात्रियों की संभावित संख्या के बीच पार्किंग क्षमता और FOB की सीढ़ियों को लेकर प्लानिंग पर सवाल।

ग्वालियर रेलवे स्टेशन के करीब 535 करोड़ रुपए के पुनर्विकास प्रोजेक्ट में यात्रियों की भविष्य की जरूरतों को लेकर रेलवे की प्लानिंग पर सवाल उठ रहे हैं। स्टेशन पर वर्तमान में रोजाना करीब 60 से 65 हजार यात्रियों की आवाजाही है, जबकि अगले 40 वर्षों में यह संख्या बढ़कर करीब 1.50 लाख प्रतिदिन होने का अनुमान है। इसके बावजूद प्लेटफार्म नंबर-1 के बाहर पार्किंग क्षेत्र को लेकर कमी की बात सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार पहले करीब 12 हजार वर्गमीटर पार्किंग क्षेत्र की योजना थी, जिसे घटाकर लगभग 8 हजार वर्गमीटर किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। वहीं पहले करीब 1,500 दोपहिया और 150 चार पहिया वाहनों की पार्किंग होती थी, जबकि नई योजना में 735 दोपहिया और 88 चार पहिया वाहनों की क्षमता बताई गई है। इसी तरह फुट ओवरब्रिज की सीढ़ियों की चौड़ाई कम होने से यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है और एस्केलेटर पर दबाव बढ़ने की बात सामने आई है। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि निर्माण स्थल की भौतिक सीमाओं और पुरानी इमारत को संरक्षित रखने के कारण सीढ़ियों की चौड़ाई प्रभावित हुई है तथा यात्रियों के लिए एस्केलेटर की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। रेलवे ने यह भी स्पष्ट किया है कि स्वीकृत मास्टर प्लान, सुरक्षा मानकों और भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर निर्माण किया जा रहा है तथा नए प्लान में अराइवल-डिपार्चर कॉरिडोर और पिक-अप/ड्रॉप-ऑफ के लिए अलग लेन बनाई जा रही हैं। हालांकि, बढ़ते यात्री और वाहन दबाव को देखते हुए पार्किंग क्षमता तथा पैदल यात्रियों की आवाजाही की व्यवस्था कितनी प्रभावी साबित होगी, यह प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद ही स्पष्ट होगा।




