सिरसा बिजली टावर मुआवजा विवाद में किसानों के समर्थन में कांग्रेस नेता, टंकी पर चार दिन से डटे खेत मालिक
वैदवाला में मुआवजे की मांग को लेकर विरोध तेज; गोकुल सेतिया ने ₹21 हजार की सहायता दी, कुमारी सैलजा और सर्वमित्र कंबोज भी पहुंचे

सिरसा के वैदवाला गांव में बिजली टावरों के लिए अधिकृत जमीन के मुआवजे को लेकर किसानों और प्रशासन के बीच विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है। खेत मालिक भूपेंद्र सिंह और किसान वेद प्रकाश पिछले चार दिनों से गांव के जलघर की टंकी पर चढ़कर बैठे हैं और प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि बिजली लाइन के टावरों के लिए उनकी जमीन का अधिग्रहण किया गया, लेकिन उन्हें मार्केट रेट के अनुसार मुआवजा नहीं मिला है। ग्रामीणों ने विरोध स्वरूप गांव में काले झंडे लगाए हैं और बड़ी संख्या में किसान व ग्रामीण धरने में शामिल हो रहे हैं। किसानों का कहना है कि जब तक उनकी मांग का समाधान नहीं होता, उनका विरोध जारी रहेगा। धरने को राजनीतिक समर्थन भी मिल रहा है। सिरसा विधायक गोकुल सेतिया और रानियां से कांग्रेस उम्मीदवार रहे सर्वमित्र कंबोज ने वैदवाला पहुंचकर किसानों की मांगों का समर्थन किया। विधायक गोकुल सेतिया ने अपने निजी कोष से धरना कमेटी को ₹21 हजार की सहायता भी दी। इससे पहले सांसद कुमारी सैलजा भी किसानों से मुलाकात कर उनकी मांगों का समर्थन कर चुकी हैं। टंकी पर बैठे दोनों किसानों के लिए बेहद सीमित जगह है। वहां गद्दा बिछाकर वे दिन-रात बैठे हुए हैं और पानी, भोजन तथा दवाइयां भी ऊपर रखी गई हैं। परिवार के सदस्य उनकी तबीयत की निगरानी के लिए समय-समय पर टंकी पर पहुंचते हैं। इसी दौरान खेत मालिक भूपेंद्र सिंह ने अपने भतीजे का जन्मदिन भी टंकी पर ही केक काटकर मनाया। किसानों का आरोप है कि पहले प्रशासन ने नई कमेटी बनाकर मुआवजे का पुनर्मूल्यांकन कराने और प्रक्रिया पूरी होने तक काम रोकने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में बिजली की लाइनें खींच दी गईं और मुआवजे का मामला अभी भी लंबित है। अब किसान मुख्यमंत्री से मुलाकात का समय मांग रहे हैं ताकि वे सीधे अपनी मांग रख सकें। प्रशासन की ओर से बातचीत का आश्वासन दिया गया है, लेकिन किसानों को अभी तक ठोस समाधान का इंतजार है।




