₹2,000 तक UPI पेमेंट पर कोई चार्ज नहीं लगेगा: सरकार ने साफ की स्थिति; बड़े मर्चेंट पेमेंट पर आगे तय हो सकती है फीस
UPI Charge News: ₹2,000 तक के भुगतान पर फिलहाल कोई शुल्क नहीं; ₹2,000 से ज्यादा के बड़े मर्चेंट पेमेंट पर सरकार आगे तय कर सकती है MDR

नई दिल्ली। UPI पेमेंट पर चार्ज लगने की चर्चाओं के बीच केंद्र सरकार ने स्थिति साफ कर दी है। वित्त मंत्रालय के मुताबिक, ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर सीधे या अप्रत्यक्ष रूप से कोई फीस नहीं लगा सकते। RuPay डेबिट कार्ड से होने वाले पेमेंट को भी इस व्यवस्था में शामिल किया गया है।
दरअसल, संसद ने अगस्त 2026 में टैक्सेशन एंड अदर लॉज (अमेंडमेंट) एक्ट, 2026 पारित किया था। इसके जरिए पेमेंट एंड सेटलमेंट सिस्टम्स एक्ट, 2007 की धारा 10A में बदलाव किया गया। इस संशोधन से सरकार को यह तय करने का अधिकार मिला कि किन डिजिटल पेमेंट पर शुल्क नहीं लगाया जाएगा।
इसके बाद ₹2,000 से ज्यादा के UPI पेमेंट पर फीस लगने की अटकलें शुरू हो गई थीं। वित्त मंत्रालय ने 14 सितंबर को अधिसूचना जारी कर ₹2,000 तक के UPI पेमेंट को चार्ज से मुक्त रखने की स्थिति स्पष्ट कर दी।
₹2,000 UPI की नई पेमेंट लिमिट नहीं
₹2,000 कोई नई UPI पेमेंट लिमिट नहीं है। यूजर UPI के जरिए इससे ज्यादा रकम का ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। ₹2,000 की सीमा सिर्फ उस राशि से जुड़ी है, जिस पर फिलहाल बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर फीस नहीं लगा सकते।
अगर कोई व्यक्ति ₹2,500, ₹5,000 या ₹10,000 का UPI पेमेंट करता है, तो अभी उस पर कोई नई फीस लागू नहीं हुई है। ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर शुल्क लगाने के लिए सरकार को आगे अलग नियम और दरें तय करनी होंगी।
बड़े पेमेंट को लेकर क्यों हो रही चर्चा?
इसकी मुख्य वजह मर्चेंट यानी दुकानदारों और कारोबारियों को किए जाने वाले बड़े UPI पेमेंट हैं।
वित्त वर्ष 2025-26 में दुकानदारों को किए गए UPI पेमेंट में ₹2,000 से ज्यादा के ट्रांजैक्शन की संख्या करीब 4% थी। हालांकि, कुल ट्रांजैक्शन वैल्यू में इनकी हिस्सेदारी करीब दो-तिहाई रही। यानी बड़े पेमेंट की संख्या कम है, लेकिन उनमें जाने वाली रकम काफी ज्यादा है।
क्या बैंक खुद से चार्ज लगाना शुरू कर सकते हैं?
नहीं। सिर्फ इसलिए कि कोई UPI पेमेंट ₹2,000 से ज्यादा का है, बैंक या पेमेंट सिस्टम प्रोवाइडर अपनी तरफ से मनमाने तरीके से शुल्क नहीं लगा सकते।
इसके लिए सरकार की ओर से आगे नियम और दरें तय करना जरूरी होगा।
दोस्तों या परिवार को पैसे भेजने पर क्या होगा?
आम यूजर के लिए राहत की बात यह है कि P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति को किए जाने वाले UPI पेमेंट मुफ्त रहेंगे।
इसलिए किसी दोस्त, रिश्तेदार या परिवार के सदस्य को ₹5,000 या ₹10,000 भेजने पर इस व्यवस्था के तहत कोई नई फीस लागू नहीं हुई है।
दुकानदारों के बड़े पेमेंट पर MDR की चर्चा
फीस को लेकर मुख्य चर्चा बड़े मर्चेंट पेमेंट पर है। अगर भविष्य में सरकार इसकी अनुमति देती है तो तय सीमा से अधिक के कुछ मर्चेंट UPI पेमेंट पर MDR यानी Merchant Discount Rate लागू किया जा सकता है।
MDR वह शुल्क है जो डिजिटल पेमेंट स्वीकार करने की सुविधा के बदले मर्चेंट से लिया जाता है। कार्ड पेमेंट में इस तरह का शुल्क पहले से मौजूद है।
हालांकि, UPI के लिए MDR की दर अभी तय नहीं हुई है। सरकार के मुताबिक, अगर ऐसा शुल्क लागू किया जाता है तो इसकी दर बहुत मामूली रखी जा सकती है और डेबिट या क्रेडिट कार्ड पर लगने वाले MDR से काफी कम हो सकती है।
क्या MDR का पैसा ग्राहक से लिया जाएगा?
अभी ऐसा कोई नया नियम लागू नहीं हुआ है। MDR मुख्य रूप से मर्चेंट यानी दुकानदार या कारोबारी से जुड़े शुल्क के रूप में चर्चा में है।
ग्राहक से सीधे कोई अतिरिक्त चार्ज लिया जाएगा या नहीं, यह भविष्य में बनाई जाने वाली व्यवस्था और नियमों से स्पष्ट होगा।
UPI को मजबूत बनाए रखने के लिए कानून में बदलाव
सरकार का कहना है कि UPI का इस्तेमाल लगातार बढ़ रहा है। पेमेंट नेटवर्क को सुरक्षित रखने, साइबर फ्रॉड से निपटने, तकनीकी ढांचे को अपग्रेड करने और सिस्टम को मजबूत बनाए रखने के लिए लगातार खर्च होता है।
कानून में किया गया बदलाव इसी लंबे समय की जरूरत से जोड़कर देखा जा रहा है।
सरकार ने यह स्पष्ट किया है कि आम यूजर के लिए UPI को मुफ्त रखने की नीति जारी रहेगी। प्रस्तावित बदलाव का उद्देश्य UPI इकोसिस्टम को लंबे समय तक मजबूत और टिकाऊ बनाए रखना है।
आम यूजर पर क्या असर पड़ेगा?
रोजमर्रा के छोटे UPI पेमेंट करने वालों पर फिलहाल इसका कोई सीधा असर नहीं पड़ेगा। ₹2,000 तक के पेमेंट पर शुल्क नहीं लगाया जा सकता।
₹2,000 से ज्यादा के मर्चेंट पेमेंट करने वाले यूजर्स को आगे आने वाले नियमों पर नजर रखनी होगी। फिलहाल इस राशि से अधिक के पेमेंट पर भी कोई नई फीस लागू नहीं हुई है।
अभी क्या याद रखें?
- ₹2,000 तक के UPI पेमेंट पर फीस नहीं लग सकती।
- ₹2,000 कोई नई UPI पेमेंट लिमिट नहीं है।
- ₹2,000 से ज्यादा के पेमेंट पर अभी कोई नई फीस लागू नहीं हुई है।
- P2P यानी व्यक्ति से व्यक्ति के बीच UPI पेमेंट मुफ्त रहेंगे।
- भविष्य में बड़े मर्चेंट पेमेंट पर MDR लागू करने की व्यवस्था बनाई जा सकती है।
- MDR की दर अभी तय नहीं हुई है।
- ग्राहक से सीधे शुल्क लिया जाएगा या नहीं, यह आगे की व्यवस्था से स्पष्ट होगा।
UPI कैसे काम करता है?
UPI यानी Unified Payments Interface के जरिए बैंक अकाउंट से डिजिटल पेमेंट किया जाता है। इसके लिए यूजर को UPI ID या वर्चुअल पेमेंट एड्रेस की जरूरत होती है, जिसे बैंक अकाउंट से लिंक किया जाता है।
इससे पेमेंट करते समय बैंक अकाउंट नंबर, बैंक का नाम या IFSC कोड बार-बार याद रखने की जरूरत नहीं पड़ती। UPI ID, मोबाइल नंबर या उपलब्ध अन्य UPI विकल्पों के जरिए भुगतान किया जा सकता है।
UPI का इस्तेमाल सिर्फ पैसे भेजने के लिए ही नहीं, बल्कि यूटिलिटी बिल, ऑनलाइन शॉपिंग, दुकानों पर खरीदारी और कई अन्य डिजिटल भुगतान के लिए भी किया जाता है।
भारत में UPI का नेटवर्क कितना बड़ा है?
जुलाई 2026 तक देश में 741 बैंक UPI से जुड़े थे। जुलाई 2026 में करीब 2,366 करोड़ UPI ट्रांजैक्शन हुए, जिनकी कुल वैल्यू लगभग ₹29.88 लाख करोड़ रही।
वित्त वर्ष 2025-26 में देश के कुल डिजिटल पेमेंट में UPI की हिस्सेदारी करीब 84% रही। इससे पता चलता है कि UPI छोटे दुकानदारों से लेकर ऑनलाइन खरीदारी और बड़े डिजिटल पेमेंट तक देश के प्रमुख भुगतान माध्यमों में शामिल हो चुका है।
संबंधित खबर
फोन-पे से बिना PIN डाले होंगे UPI पेमेंट: फिंगरप्रिंट और Face ID से कर सकेंगे ₹5,000 तक का भुगतान
डिजिटल पेमेंट कंपनी PhonePe ने UPI ट्रांजैक्शन के लिए बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन से जुड़ा फीचर पेश किया है। इसके जरिए चुनिंदा परिस्थितियों में यूजर्स को हर बार 4 या 6 अंकों का UPI PIN डालने की जरूरत नहीं होगी।




