वर्ग-1 शिक्षक भर्ती पर सरकार और अभ्यर्थियों में टकराव, पद बढ़ाने को लेकर उठे सवाल; बोले- 2022 में कैसे बढ़े थे?
सरकार का दावा- रिजल्ट के बाद विज्ञापित पदों की संख्या नहीं बढ़ सकती; अभ्यर्थियों का सवाल- 2018 की भर्ती में प्रक्रिया के दौरान 2 हजार पद कैसे जोड़े गए थे?

भोपाल। मध्यप्रदेश में वर्ग-1 यानी उच्च माध्यमिक शिक्षक भर्ती 2023 को लेकर सरकार और भर्ती का इंतजार कर रहे अभ्यर्थियों के बीच विवाद बढ़ता जा रहा है। सरकार की ओर से स्पष्ट किया गया है कि भर्ती का परिणाम घोषित होने के बाद विज्ञापित पदों की संख्या में बढ़ोतरी नहीं की जा सकती। सरकार के अनुसार अब अगली भर्ती 2027 में होगी।
दूसरी ओर, वेटिंग अभ्यर्थी भोपाल में अपनी मांगों को लेकर अनशन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वर्ष 2023 की भर्ती में नए स्वीकृत पदों को शामिल नहीं किया गया, बल्कि वर्ष 2018 की भर्ती के बाद खाली रह गए पदों को ही नई भर्ती में विज्ञापित किया गया।
2018 के बाद करीब 5 हजार से ज्यादा फ्रेश पद बचे थे
अभ्यर्थियों के अनुसार वर्ष 2018 की भर्ती के बाद स्कूल शिक्षा और जनजातीय कार्य विभाग में करीब 5,935 फ्रेश पद खाली रह गए थे।
इनमें कोर्ट में लंबित 848 EWS पदों को अलग करने के बाद करीब 5,087 फ्रेश पद बचते हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि 2023 की भर्ती में दोनों विभागों ने बैकलॉग पदों को हटाकर कुल 5,053 फ्रेश पद विज्ञापित किए।
ग्वालियर के अभ्यर्थी मनोज दण्डोतिया का कहना है कि 2018 के बाद बचे 5,087 पद और 2023 में विज्ञापित 5,053 पदों की संख्या लगभग बराबर है। उनके अनुसार इससे सवाल उठता है कि 2023 की भर्ती में नए स्वीकृत पदों को शामिल क्यों नहीं किया गया।
अभ्यर्थियों का सवाल- चार साल के नए पद कहां गए?
अभ्यर्थी सरकार से यह जानना चाहते हैं कि 2018 के बाद अगले चार वर्षों में उच्च माध्यमिक शिक्षकों के लिए स्वीकृत हुए नए पद भर्ती प्रक्रिया में क्यों शामिल नहीं किए गए।
उनका कहना है कि यदि विभाग में नए पद स्वीकृत हुए थे तो उन्हें 2023 की भर्ती में शामिल किया जाना चाहिए था।
दो साल में 13,434 पद बढ़ने का दावा
अभ्यर्थी आशीष श्रीवास्तव ने राजपत्र में दर्ज आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि 2018 से 1 दिसंबर 2022 तक उच्च माध्यमिक शिक्षक के स्वीकृत पदों की संख्या 34,789 थी।
उनके अनुसार 27 दिसंबर 2024 के राजपत्र में स्वीकृत पदों की संख्या बढ़कर 48,223 हो गई। यानी करीब दो साल के अंतराल में 13,434 पदों की बढ़ोतरी हुई।
अभ्यर्थियों का सवाल है कि यदि इतने पद बाद में स्वीकृत हुए या पदों की संख्या बढ़ी, तो 2023 में आयोजित भर्ती परीक्षा के विज्ञापन में इन पदों को शामिल क्यों नहीं किया गया।
हाईकोर्ट में दिए जवाब का भी हवाला
छिंदवाड़ा की अभ्यर्थी श्रद्धा अग्निहोत्री ने जनजातीय कार्य विभाग की ओर से हाईकोर्ट में दिए गए जवाब का हवाला दिया है।
उनके अनुसार विभाग ने 5 मई 2026 को हाईकोर्ट में दिए जवाब, पत्र क्रमांक 8698, में बताया कि 2023 की भर्ती में वर्ष 2018 से बचे EWS पदों को शामिल किया गया था।
अभ्यर्थियों का कहना है कि यह जवाब उनके इस दावे को मजबूत करता है कि 2023 की भर्ती में नए स्वीकृत पदों को पर्याप्त रूप से शामिल नहीं किया गया।
सरकार के तर्क पर 2018 की भर्ती का उदाहरण
अभ्यर्थी सरकार के इस तर्क पर भी सवाल उठा रहे हैं कि भर्ती का परिणाम घोषित होने के बाद पदों की संख्या नहीं बढ़ाई जा सकती।
मंदसौर के अभ्यर्थी नागू सिंह देवड़ा ने 2018 की शिक्षक भर्ती का उदाहरण देते हुए कहा कि उस समय भर्ती प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त पद जोड़े गए थे।
अभ्यर्थियों के अनुसार 21 मार्च 2023 को विधानसभा में तत्कालीन स्कूल शिक्षा राज्य मंत्री इंदर सिंह परमार ने लिखित जवाब में बताया था कि 2018 की भर्ती प्रक्रिया में 2,000 अतिरिक्त पद जोड़े गए और 29 सितंबर 2022 को नया विज्ञापन जारी किया गया।
इसी उदाहरण को आधार बनाकर अभ्यर्थी सवाल उठा रहे हैं कि यदि पिछली भर्ती में प्रक्रिया के दौरान अतिरिक्त पद जोड़ने की व्यवस्था अपनाई गई थी, तो वर्तमान भर्ती में ऐसा क्यों नहीं किया जा सकता।
अनशन पर बैठे हैं अभ्यर्थी
वर्ग-1 शिक्षक भर्ती के वेटिंग अभ्यर्थी भोपाल में अपनी मांगों को लेकर अनशन कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांग है कि विभाग में उपलब्ध और स्वीकृत रिक्त पदों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल किया जाए।
वहीं सरकार की ओर से अगली भर्ती 2027 में होने की बात कही गई है। ऐसे में अभ्यर्थियों और सरकार के बीच गतिरोध बना हुआ है।
विवाद के प्रमुख आंकड़े
| विषय | आंकड़ा |
|---|---|
| 2018 के बाद बताए गए फ्रेश पद | 5,935 |
| लंबित EWS पद | 848 |
| EWS हटाने के बाद पद | करीब 5,087 |
| 2023 में विज्ञापित फ्रेश पद | 5,053 |
| 2018-2022 स्वीकृत पद | 34,789 |
| 2024 में बताए गए स्वीकृत पद | 48,223 |
| कथित बढ़ोतरी | 13,434 |
| 2018 भर्ती में अतिरिक्त पद | 2,000 |
| अगली भर्ती का सरकार द्वारा बताया वर्ष | 2027 |




