भोपाल में लापता 13 साल की बच्ची की खाई में मिली थी लाश: पुलिस ने रेप के बाद हत्या का केस बनाया, CBI जांच में दोनों आरोपी क्लीनचिट
मनुआभान टेकरी से 100 फीट नीचे मिला था 13 साल की नित्या का शव, पुलिस ने दो युवकों को आरोपी बनाया था; CBI जांच में दोनों को क्लीनचिट

भोपाल। मध्य प्रदेश की चर्चित नित्या शर्मा हत्याकांड की जांच ने पुलिस से लेकर CBI तक कई सवाल खड़े किए थे। 30 अप्रैल 2019 को 13 साल की नित्या अपनी बुआ के साथ भोपाल की मनुआभान टेकरी घूमने गई थी। शाम के समय वह अचानक लापता हो गई।
परिवार और पुलिस ने रातभर उसकी तलाश की। कुछ समय बाद टेकरी से करीब 100 फीट नीचे एक खाईनुमा जगह में बच्ची का खून से लथपथ शव मिला।
शुरुआती जांच में पुलिस ने दो युवकों को आरोपी बनाया और दावा किया कि बच्ची के साथ यौन हिंसा के बाद उसकी हत्या की गई। दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। बाद में DNA जांच में भी एक आरोपी से संबंधित रिपोर्ट सामने आई, लेकिन परिवार ने जांच पर सवाल उठाते हुए CBI जांच की मांग की। इसके बाद मामले की तस्वीर बदल गई।
30 अप्रैल 2019 को सनसेट देखने गई थी नित्या
मनुआभान टेकरी भोपाल के लालघाटी इलाके के पास स्थित प्रमुख पर्यटन स्थलों में से एक है। यहां से भोपाल शहर और बड़े तालाब का नजारा दिखाई देता है।
30 अप्रैल 2019 की शाम 13 साल की नित्या अपनी बुआ के साथ टेकरी पहुंची थी। वह आठवीं कक्षा में पढ़ती थी।
कुछ देर बाद वह अचानक नजर नहीं आई। बुआ और परिवार ने आसपास उसकी तलाश शुरू की, लेकिन बच्ची का कोई पता नहीं चला।
रात 8 बजे पुलिस को दी गई सूचना
नित्या के लापता होने की सूचना रात करीब 8 बजे कोहेफिजा थाने में दी गई। पुलिस टीम मौके पर पहुंची और टेकरी तथा आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की।
रातभर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, लेकिन बच्ची नहीं मिली।
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि नित्या अकेली टेकरी पर नहीं आई थी। उसके साथ उसकी बुआ और बुआ का दोस्त अविनाश साहू भी मौजूद था।
इसके बाद पुलिस ने अविनाश की भूमिका और उसकी गतिविधियों की जांच शुरू की।
CCTV फुटेज से सामने आया अहम सुराग
पुलिस ने टेकरी और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में शाम करीब 4 बजे नित्या, उसकी बुआ और अविनाश स्कूटी से टेकरी की ओर जाते दिखाई दिए।
लेकिन शाम करीब 6:30 बजे के बाद की फुटेज में बुआ और अविनाश वापस आते दिखाई दिए। नित्या उनके साथ नहीं थी।
पुलिस के अनुसार, अविनाश से पूछताछ में उसके बयान बदलते रहे। इससे जांचकर्ताओं का शक और गहरा गया।
100 फीट नीचे मिला शव
तलाशी के दौरान पुलिस टीम टेकरी के एक हिस्से में करीब 100 फीट नीचे स्थित खाईनुमा जगह तक पहुंची। वहां नित्या का शव मिला।
शव की हालत देखकर पुलिस ने मामले को गंभीरता से जांचना शुरू किया। सिर पर गंभीर चोट के निशान थे।
शुरुआत में बच्ची के दुर्घटनावश नीचे गिरने की संभावना भी देखी जा सकती थी, लेकिन पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद जांच का एंगल बदल गया।
पोस्टमॉर्टम में यौन हिंसा के साक्ष्य
पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के अनुसार नित्या के सिर पर गंभीर चोट थी। मौत सिर में लगी चोट से हुए शॉक और हेमरेज के कारण बताई गई।
मेडिकल जांच में शरीर पर यौन हिंसा के साक्ष्य भी मिलने की बात सामने आई। इसके बाद पुलिस ने इसे महज दुर्घटना मानने के बजाय हत्या और यौन अपराध के एंगल से जांच आगे बढ़ाई।
पुलिस ने दो युवकों को बनाया आरोपी
जांच के दौरान पुलिस को अविनाश के दोस्त जस्टिन राज के बारे में भी जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, जस्टिन भी उस दिन टेकरी पर पहुंचा था।
इसके बाद पुलिस ने अविनाश साहू और जस्टिन राज को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस ने दोनों पर नित्या के साथ दुष्कर्म और उसकी पहचान छिपाने के लिए हत्या करने का आरोप लगाया। पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, वारदात के बाद बच्ची का शव करीब 100 फीट नीचे खाईनुमा जगह पर फेंका गया था।
घटनास्थल से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए गए और बच्ची के साथ दोनों आरोपियों के नमूने भी लिए गए।
DNA रिपोर्ट के बाद परिवार ने उठाए सवाल
DNA रिपोर्ट आने में करीब एक साल का समय लगा। रिपोर्ट कोर्ट में पेश की गई। इसमें एक आरोपी का DNA पॉजिटिव पाए जाने की बात सामने आई, जबकि दूसरे आरोपी से जुड़े DNA को लेकर सवाल खड़े हुए।
इसके बाद नित्या के पिता ने पुलिस की जांच पर ही सवाल उठाना शुरू कर दिया। उनका आरोप था कि जांच के शुरुआती चरण में लापरवाही हुई, जिसके कारण मामले की सच्चाई सामने नहीं आ सकी।
मामले की जांच कर रहे थाना प्रभारी को भी पहले हटाया जा चुका था।
परिवार पुलिस की जांच से संतुष्ट नहीं था और उसने मामले की जांच CBI से कराने की मांग की।
CBI को सौंपी गई जांच
परिवार की मांग के बाद मध्य प्रदेश सरकार ने मामले की जांच CBI को सौंपने का फैसला किया।
CBI ने पुलिस की जांच में सामने आए हर तथ्य और साक्ष्य को दोबारा जांचना शुरू किया। जांच एजेंसी ने आरोपियों के खिलाफ उपलब्ध साक्ष्यों और घटनाक्रम की कड़ियों को नए सिरे से परखा।
CBI जांच में पुलिस की कहानी बदल गई
CBI की जांच के बाद मामले में बड़ा मोड़ आया। पुलिस द्वारा आरोपी बनाए गए अविनाश साहू और जस्टिन राज को CBI ने क्लीनचिट दे दी।
CBI की जांच में दोनों के खिलाफ आरोप साबित करने के लिए पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिलने की बात सामने आई।
इस तरह जिन दोनों युवकों को पुलिस ने नित्या के दुष्कर्म और हत्या के मामले में गिरफ्तार कर जेल भेजा था, CBI की जांच के बाद उनकी भूमिका पर सवाल अलग दिशा में चले गए।
अब सबसे बड़ा सवाल- नित्या की हत्या किसने की?
CBI जांच के बाद मामले में कई अहम सवाल सामने आए:
- नित्या की हत्या आखिर किसने की?
- उसके साथ यौन हिंसा किसने की?
- अगर अविनाश और जस्टिन के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य नहीं मिले तो असली आरोपी कौन था?
- पुलिस की शुरुआती जांच में कहां चूक हुई?
- DNA और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्यों की वास्तविक स्थिति क्या थी?
इन सवालों के जवाब जानने के लिए मामले की आगे की जांच महत्वपूर्ण रही।




