मध्यप्रदेश में 1.21 लाख मेधावी विद्यार्थियों के खातों में पहुंचे ₹25-25 हजार, CM ने बांटे 10 लैपटॉप
12वीं में 75% से अधिक अंक लाने वाले 1,21,804 विद्यार्थियों को लैपटॉप खरीदने के लिए ₹304 करोड़ से ज्यादा जारी; CM बोले- सफलता सिर पर न चढ़ने दें, असफलता से सीखकर आगे बढ़ें

भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सभागार में मंगलवार को आयोजित प्रतिभाशाली विद्यार्थी प्रोत्साहन योजना के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश के मेधावी विद्यार्थियों को बड़ी सौगात दी। मुख्यमंत्री ने 12वीं कक्षा में 75 प्रतिशत से अधिक अंक हासिल करने वाले 1 लाख 21 हजार 804 विद्यार्थियों के बैंक खातों में लैपटॉप खरीदने के लिए 25-25 हजार रुपए की राशि ट्रांसफर की। इस योजना के तहत सरकार ने कुल 304 करोड़ रुपए से अधिक की राशि जारी की, जबकि कार्यक्रम के दौरान मंच से 10 विद्यार्थियों को स्वयं मुख्यमंत्री ने लैपटॉप भी प्रदान किए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से संवाद किया और उनके भविष्य के लक्ष्य जाने। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए ज्ञान और कौशल दोनों जरूरी हैं और विद्यार्थियों को बड़े लक्ष्य तय कर उन्हें हासिल करने के लिए लगातार मेहनत करनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सफलता और असफलता दोनों को लेकर महत्वपूर्ण संदेश देते हुए कहा कि अच्छे अंक हासिल करना निश्चित रूप से उपलब्धि है, लेकिन सफलता को कभी सिर पर नहीं चढ़ने देना चाहिए। जीवन में असफलता आए तो उसे दिल पर लेने के बजाय अपनी गलतियों से सीखकर आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने पत्थर और मूर्तिकार का उदाहरण देते हुए कहा कि जिस पत्थर को छेनी और हथौड़े की चोट सहनी पड़ती है, वही आगे चलकर सुंदर मूर्ति बनता है। इसी तरह जीवन की कठिन परिस्थितियां भी व्यक्ति को मजबूत बनाती हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने अपने संघर्ष के दिनों को भी याद किया और कहा कि एक समय ऐसा था जब वह गणतंत्र दिवस और स्वतंत्रता दिवस पर मिलने वाले लड्डू के लिए भी तरसते थे, जबकि आज विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए लैपटॉप जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। कार्यक्रम में कई ऐसे विद्यार्थियों से भी मुख्यमंत्री ने बातचीत की, जिन्होंने 12वीं की पढ़ाई के साथ NEET, JEE मेन्स और CUET जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता हासिल की है। 97.2 प्रतिशत अंक हासिल करने वाले धीरेंद्र सिंह बुंदेला ने UPSC की तैयारी करने और भविष्य में राजनीति में आने की इच्छा जताई। इस पर मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को पढ़े-लिखे और योग्य राजनेताओं की जरूरत है। वहीं ओम चौकसे ने बताया कि उसने 12वीं के साथ NEET, JEE मेन्स और CUET भी पास किया है और डॉक्टर बनने का सपना है। तन्वी ने भी पहली कोशिश में NEET पास कर मेडिकल कॉलेज में प्रवेश हासिल करने की जानकारी दी। अरिमा इमरान ने डॉक्टर बनकर गरीबों की सेवा करने की इच्छा जताई, जबकि अभिषेक ने इसरो का वैज्ञानिक बनने का लक्ष्य बताया। 95 प्रतिशत अंक हासिल करने वाली हिमांशी पाठक ने कहा कि वह एंटरप्रेन्योर बनना चाहती हैं। उनका लक्ष्य नौकरी पाने के बजाय भविष्य में दूसरों को रोजगार देने वाली बनना है। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों से कहा कि देश को सिर्फ डॉक्टर, इंजीनियर और वकील ही नहीं, बल्कि अच्छे किसान और योग्य राजनेता भी चाहिए। उन्होंने कहा कि खेती के बिना समाज आगे नहीं बढ़ सकता, क्योंकि किसान देश के लिए अन्न पैदा करता है। इसी तरह राजनीति में शिक्षित और योग्य युवाओं के आने से बेहतर जनप्रतिनिधि और मजबूत नेतृत्व तैयार हो सकता है। मुख्यमंत्री ने बताया कि मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप देने की योजना की शुरुआत महज 473 विद्यार्थियों से हुई थी और पिछले वर्ष करीब 92 हजार विद्यार्थियों को इसका लाभ मिला, जबकि इस वर्ष यह संख्या बढ़कर 1,21,804 हो गई है। उन्होंने कहा कि लैपटॉप विद्यार्थियों के लिए सिर्फ एक उपकरण नहीं, बल्कि डिजिटल लर्निंग, ई-लाइब्रेरी और ऑनलाइन अध्ययन सामग्री तक पहुंच का माध्यम बनेगा। स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह ने भी सरकारी स्कूलों के प्रति बढ़ते भरोसे का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पिछले तीन वर्षों में सरकारी स्कूलों में प्रवेश दर बढ़ी है और ड्रॉपआउट दर शून्य हुई है। मंत्री के अनुसार अब तक करीब 6.5 लाख विद्यार्थियों को ₹1,620 करोड़ लैपटॉप खरीदने के लिए दिए जा चुके हैं। उन्होंने यह भी बताया कि प्रदेश में करीब 70 से 72 हजार अतिथि शिक्षक सेवाएं दे रहे हैं और सरकार करीब 18 हजार रिक्त शिक्षक पदों पर भर्ती के लिए प्रतिबद्ध है।




