धार में वराह मार्च से पहले पुलिस का बड़ा एक्शन: आयोजकों समेत 25-30 लोग हिरासत में, PG कॉलेज ग्राउंड सील; 800-1000 जवान तैनात
अनुमति निरस्त होने के बावजूद मार्च में लोगों के पहुंचने की सूचना पर पुलिस की कार्रवाई, PG कॉलेज ग्राउंड सील और अस्थायी जेल तैयार

धार। धार शहर में मंगलवार, 15 सितंबर को प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी है। प्रशासन की ओर से मार्च की अनुमति निरस्त किए जाने के बावजूद लोगों के जुटने की सूचना के बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी। त्रिमूर्ति चौराहे समेत शहर के अलग-अलग हिस्सों से करीब 25 से 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें मार्च के आयोजक अंशुल शर्मा और आशीष बसु भी शामिल हैं।
मार्च के लिए दोपहर 2 बजे PG कॉलेज से विजय कीर्ति मंदिर तक बाइक रैली निकालने का आह्वान किया गया था। पुलिस-प्रशासन ने किसी भी स्थिति में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए शहर में भारी पुलिस बल तैनात किया है।
PG कॉलेज ग्राउंड पूरी तरह सील
वराह मार्च में शामिल लोगों के PG कॉलेज ग्राउंड में जुटने की संभावना को देखते हुए प्रशासन ने कॉलेज ग्राउंड को पूरी तरह सील कर दिया है। परिसर के आसपास बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात हैं और किसी को भी अंदर जाने की अनुमति नहीं दी जा रही।
किसी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए परिसर में अस्थायी जेल भी तैयार की गई है। हिरासत में लिए जाने वाले लोगों को आवश्यकता पड़ने पर यहां रखा जा सकता है।
800 से 1000 पुलिसकर्मी शहर में तैनात
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर के अनुसार, कानून व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए धार में करीब 800 से 1000 पुलिसकर्मियों की तैनाती की गई है।
शहर के प्रवेश मार्गों के साथ प्रमुख चौराहों और संवेदनशील स्थानों पर थाना प्रभारियों तथा पुलिस अधिकारियों को तैनात किया गया है। पुलिस लगातार शहर में गश्त कर रही है और बाहर से आने वाले लोगों पर भी नजर रखी जा रही है।
CCTV, ड्रोन और ऊंची इमारतों से निगरानी
सुरक्षा व्यवस्था के तहत शहर में लगे CCTV कैमरों से निगरानी की जा रही है। इसके अलावा हाईराइज इमारतों से भी पुलिसकर्मी स्थिति पर नजर रख रहे हैं। जरूरत के मुताबिक ड्रोन के जरिए भी निगरानी की जा रही है।
पुलिस के मुताबिक फिलहाल शहर में कानून व्यवस्था सामान्य है, लेकिन संवेदनशीलता को देखते हुए किसी भी स्थिति से निपटने के लिए अतिरिक्त बल और सुरक्षा संसाधन तैनात किए गए हैं।
त्रिमूर्ति चौराहे पर कार्रवाई, कई लोग हिरासत में
वराह मार्च में शामिल होने के लिए पहुंच रहे लोगों को रोकने के लिए पुलिस ने शहर के प्रमुख चौराहों पर निगरानी बढ़ा दी है। त्रिमूर्ति चौराहे पर भी पुलिस की बड़ी मौजूदगी रही, जहां कई लोगों को हिरासत में लिया गया।
पुलिस के अनुसार, अब तक करीब 25 से 30 लोगों को हिरासत में लिया गया है। इनमें मार्च आयोजन से जुड़े अंशुल शर्मा और आशीष बसु भी शामिल हैं।
लाट मस्जिद यानी विजय मंदिर आज बंद
कानून व्यवस्था को देखते हुए लाट मस्जिद यानी विजय मंदिर को भी मंगलवार को बंद रखा गया है। यह स्थल ASI के संरक्षण में है।
हिंदू समाज इसे विजय मंदिर और मुस्लिम समाज लाट मस्जिद के नाम से संबोधित करता है। यहां मुस्लिम समाज की ओर से नमाज अदा की जाती है, जबकि दशहरा पर्व के दौरान हिंदू समाज की ओर से मिलन समारोह आयोजित किया जाता है।
प्रशासन ने संवेदनशीलता को देखते हुए संरक्षित स्थल को मंगलवार को अस्थायी रूप से बंद रखने का फैसला किया है।
बाहर से आने वालों से धार नहीं आने की अपील
पुलिस और प्रशासन ने बाहर से आने वाले लोगों से धार नहीं आने की अपील की है। इससे पहले शहर में लगाए गए वराह मार्च से संबंधित पोस्टर और बैनर भी प्रशासन ने हटवा दिए थे।
इसी दिन मुस्लिम समाज की ओर से भी वाहन रैली निकालने के लिए आवेदन दिया गया था, लेकिन प्रशासन ने उसकी अनुमति भी निरस्त कर दी है। शहर में पहले से धारा 163 लागू है।
दोपहर 2 बजे प्रस्तावित मार्च पर प्रशासन की नजर
प्रशासन की सबसे ज्यादा निगरानी दोपहर 2 बजे प्रस्तावित वराह मार्च को लेकर है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि बिना अनुमति मार्च निकालने, कानून व्यवस्था प्रभावित करने, संरक्षित इमारत को नुकसान पहुंचाने या किसी अन्य अनधिकृत गतिविधि पर कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल धार शहर में पुलिस बल की तैनाती, प्रमुख मार्गों पर निगरानी और लोगों की आवाजाही पर नजर रखने का सिलसिला जारी है।




