ईशा कोप्पिकर बोलीं- बप्पा ने कई इच्छाएं पूरी नहीं कीं: अब समझ आता है, शायद मेरे जीवन के लक्ष्य के लिए जरूरी था
गणेश चतुर्थी पर अभिनेत्री ने साझा की बप्पा से जुड़ी यादें; बोलीं- हर इच्छा पूरी होना जरूरी नहीं, भगवान जानते हैं हमारे लिए क्या सही है

मुंबई। गणेश चतुर्थी 2026 के मौके पर अभिनेत्री ईशा कोप्पिकर के घर भी गणपति बप्पा विराजे हैं। इस दौरान उन्होंने गणपति उत्सव की तैयारियों, बचपन की यादों, बप्पा के प्रति अपनी आस्था और अध्यात्म को लेकर खुलकर बातचीत की।
ईशा ने बताया कि इस बार उन्होंने अपने घर पर साउथ इंडियन टेंपल थीम पर गणपति डेकोरेशन कराया है। उनके मुताबिक, वह करीब डेढ़ महीने पहले से ही इसकी तैयारियों में जुट गई थीं।
साउथ इंडियन मंदिर की थीम पर सजाया घर
ईशा ने बताया कि पिछले दो वर्षों से वह गणपति डेकोरेशन में फूलों पर ज्यादा ध्यान दे रही थीं, लेकिन इस बार कुछ अलग करने का मन हुआ। इसलिए उन्होंने साउथ इंडियन मंदिरों की तर्ज पर गोल्डन थीम में सजावट कराई।
इस बार उनके घर टिटवाला के गणपति विराजे हैं। पिछले साल उन्होंने दगड़ूशेठ के गणपति की स्थापना की थी। ईशा हर साल गणपति की सजावट में कुछ न कुछ बदलाव करती हैं।
उन्होंने बताया कि इस साल जुलाई के आखिर में ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। ईशा का कहना है कि जब किसी से बहुत प्यार होता है तो उसके लिए किया जाने वाला काम मेहनत नहीं लगता, बल्कि सब कुछ अपने आप होता चला जाता है।
बचपन में पढ़ाई छोड़ गणपति की तैयारियों में जुट जाती थीं
ईशा ने अपने बचपन की गणपति से जुड़ी यादें भी साझा कीं। उन्होंने बताया कि उनकी कॉलोनी में सार्वजनिक गणपति की स्थापना होती थी और पूरे 10 दिन उत्सव का माहौल रहता था।
बप्पा के लिए करीब दो महीने पहले से नाटक, डांस शो और अन्य कार्यक्रमों की तैयारियां शुरू हो जाती थीं। ईशा के मुताबिक, स्कूल से लौटने के बाद वह बैग रखकर सीधे गणपति की तैयारियों में जुट जाती थीं।
इस दौरान घरवाले भी उन्हें ज्यादा नहीं रोकते थे। गणपति विसर्जन के बाद उन्हें आसपास का माहौल काफी खाली-खाली लगता था और बप्पा के जाने का गहरा खालीपन महसूस होता था।
डेढ़ दिन से बढ़ाकर तीन दिन किया गणपति उत्सव
ईशा ने बताया कि पहले उनके घर गणपति डेढ़ दिन के लिए विराजते थे, लेकिन अब उन्होंने यह अवधि बढ़ाकर तीन दिन कर दी है।
उनके मुताबिक, डेढ़ दिन में रिश्तेदारों और परिचितों के लिए अलग-अलग घरों में जाकर बप्पा के दर्शन करना मुश्किल होता था। इसी वजह से उन्होंने तीन दिन तक गणपति उत्सव मनाने का फैसला किया।
उन्होंने बताया कि उनके स्टाफ के लोग भी गणेशोत्सव की तैयारियों में काफी मदद करते हैं।
‘पहले बप्पा से इच्छाओं की पूरी लिस्ट मांगती थी’
बप्पा के प्रति अपनी आस्था के बारे में ईशा ने बताया कि पहले वह अपनी इच्छाओं की पूरी लिस्ट बनाकर मंदिर जाती थीं। वह लालबागचा राजा और सिद्धिविनायक के दर्शन करने भी पहुंचती थीं।
हालांकि, अब उनके लिए चीजें बदल गई हैं। ईशा ने बताया कि जैसे ही वह बप्पा के सामने जाती हैं, वह अपनी सारी इच्छाएं भूल जाती हैं। बप्पा को देखते ही उनकी आंखों में आंसू आ जाते हैं और वह सिर्फ प्रणाम करके लौट आती हैं।
ईशा का कहना है कि उन्हें महसूस होता है कि बप्पा हमेशा उनके आसपास हैं और उनका साथ दे रहे हैं।
‘बप्पा ने कई चीजें नहीं दीं, अब समझ आता है क्यों’
ईशा ने कहा कि जिंदगी के अलग-अलग पड़ाव पर इंसान की जरूरतें और इच्छाएं बदलती रहती हैं। जो चीज 10 साल पहले बेहद जरूरी लगती थी, जरूरी नहीं कि आज भी उतनी ही महत्वपूर्ण हो।
उन्होंने बताया कि उन्होंने जिंदगी में बप्पा से बहुत कुछ मांगा, लेकिन कई इच्छाएं पूरी नहीं हुईं। हालांकि, अब उन्हें लगता है कि इसके पीछे भी कोई वजह थी।
ईशा के मुताबिक, अगर बप्पा उनकी हर इच्छा पूरी कर देते तो शायद वह अपने जीवन के असली लक्ष्य से भटक जातीं। उनका मानना है कि भगवान जानते हैं कि इंसान को जिंदगी में क्या बनना है और किस रास्ते पर जाना है।
ईशा ने कहा- बचपन से ही अध्यात्म से जुड़ना जरूरी
ईशा अध्यात्म को लेकर भी गंभीर नजर आईं। उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को छोटी उम्र से ही अध्यात्म के प्रति जागरूक करना चाहिए।
उनके मुताबिक, भगवान के बारे में सिर्फ बुढ़ापे में सोचना सही नहीं है। इंसान जितनी कम उम्र में अपने भीतर की आवाज और अध्यात्म को समझना शुरू करता है, उसके लिए उतना ही बेहतर होता है।
बेटी रियाना ने मांगा पढ़ाई में अच्छा करने का आशीर्वाद
बातचीत के दौरान ईशा की बेटी रियाना भी उनके साथ मौजूद थीं। जब उनसे पूछा गया कि उन्होंने बप्पा से क्या मांगा, तो उन्होंने पढ़ाई में अच्छा करने का आशीर्वाद मांगा।
ईशा ने बताया कि रियाना पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी काफी एक्टिव हैं। वह 100 और 200 मीटर दौड़ में हिस्सा लेती हैं और स्कूल की ओर से इंटर-स्कूल प्रतियोगिताओं में भी भाग लेती हैं।
रियाना ने बप्पा से पढ़ाई के साथ-साथ खेलों में भी अच्छा प्रदर्शन करने की प्रार्थना की है।




