गौवंश पर लंपी वायरस का कहर: 24 घंटे में 17 की मौत, संक्रमित गायों को समय पर गौशाला नहीं पहुंचाने के आरोप
रतवाई आइसोलेशन सेंटर में 13 समेत शहर में 24 घंटे में 17 गौवंश की मौत; गौ-एम्बुलेंस और 5 लाख रुपए की सहायता की मांग

ग्वालियर में गौवंश में लंपी स्किन डिजीज के मामले बढ़ने के बीच मौतों का सिलसिला भी जारी है। पिछले 24 घंटे में 17 गौवंश की मौत होने की जानकारी सामने आई है। इनमें 13 मौतें रतवाई गांव स्थित वृंदावन गौशाला में हुईं, जबकि दो गायों ने शहर के अलग-अलग इलाकों में दम तोड़ा।
बताया गया है कि संक्रमित और गंभीर गौवंश को समय पर आइसोलेशन सेंटर नहीं पहुंचाए जाने से उनकी हालत बिगड़ रही है। अब तक लंपी संक्रमण से 63 गौवंश की मौत होने की बात सामने आई है।
गंभीर गायों को तिरपाल के नीचे रखने का आरोप
रतवाई स्थित वृंदावन गौशाला को संक्रमित गौवंश के उपचार के लिए आइसोलेशन सेंटर बनाया गया है। यहां गंभीर हालत में पहुंचने वाली गायों की देखभाल को लेकर भी सवाल उठ रहे हैं।
जानकारी के अनुसार, गुरुवार को सुबह 9 और शाम को 4 गौवंश की मौत हुई। इसके बाद शुक्रवार को भी दो गायों की मौत की जानकारी सामने आई।
वहीं शहर में पिंटो पार्क और लक्ष्मीगंज मरघट रोड पर भी एक-एक गाय की मौत हुई।
24 घंटे तक रेस्क्यू का इंतजार करने का आरोप
नगर निगम के मदाखलत विभाग की ओर से संक्रमित गौवंश को गौशाला तक पहुंचाने के लिए सात वाहन लगाए जाने की बात कही गई है। हालांकि, स्थानीय स्तर पर आरोप है कि कई संक्रमित गायों को समय पर उठाकर आइसोलेशन सेंटर नहीं पहुंचाया जा रहा।
देर होने के कारण गंभीर रूप से बीमार गौवंश की हालत और बिगड़ने की बात कही जा रही है। इसके चलते गौशाला पहुंचने तक कई पशुओं की स्थिति बेहद नाजुक हो जाती है।
गौ-एम्बुलेंस और 5 लाख रुपए की सहायता की मांग
लंपी स्किन डिजीज से प्रभावित गौवंश के रेस्क्यू और उपचार के लिए श्रीकृष्णायन आदर्श गौशाला, लाल टिपारा के स्वामी ऋषभ देवानंद महाराज ने जिला प्रशासन से सहयोग की मांग की है।
उन्होंने गंभीर और संक्रमित गौवंश को जल्द आइसोलेशन सेंटर तक पहुंचाने के लिए विशेष लिफ्टिंग गौ-एम्बुलेंस उपलब्ध कराने का आग्रह किया है।
इसके अलावा रतवाई स्थित लंपी आइसोलेशन सेंटर में जरूरी सुविधाओं के विकास के लिए रेडक्रॉस सोसायटी के माध्यम से 5 लाख रुपए की सहायता देने की मांग की गई है।
उनका कहना है कि इससे संक्रमित गौवंश के रेस्क्यू, पृथक्करण और उपचार की व्यवस्था को बेहतर किया जा सकेगा।
संक्रमण रोकने के लिए समय पर उपचार जरूरी
लंपी स्किन डिजीज से प्रभावित गौवंश के लिए समय पर पहचान, पृथक्करण और उपचार महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ग्वालियर में बढ़ती मौतों के बीच अब संक्रमित पशुओं के त्वरित रेस्क्यू और आइसोलेशन सेंटर तक पहुंचाने की व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं।




