पेट्रोल स्कूटी से बढ़ा ई-स्कूटी का क्रेज: 95% टॉपर्स ने चुना इलेक्ट्रिक वाहन, सिर्फ 5% ने मांगी पेट्रोल स्कूटी
ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी और श्योपुर के 436 टॉपर्स में 414 ने चुनी इलेक्ट्रिक स्कूटी; ई-स्कूटी के लिए 1.20 लाख रुपए की सहायता

सरकारी स्कूलों के हायर सेकंडरी टॉपर्स के बीच इलेक्ट्रिक स्कूटी की मांग तेजी से बढ़ती दिखाई दे रही है। ग्वालियर-चंबल अंचल के ग्वालियर, भिंड, शिवपुरी और श्योपुर जिलों के 436 पात्र विद्यार्थियों में से 414 ने ई-स्कूटी का विकल्प चुना है। वहीं सिर्फ 22 विद्यार्थियों ने पेट्रोल स्कूटी की मांग की।
आंकड़ों के अनुसार करीब 95 प्रतिशत विद्यार्थियों की पसंद इलेक्ट्रिक स्कूटी रही, जबकि लगभग 5 प्रतिशत ने पेट्रोल स्कूटी चुनी।
भिंड में सबसे ज्यादा ई-स्कूटी की मांग
चारों जिलों में भिंड के विद्यार्थियों में इलेक्ट्रिक स्कूटी के प्रति सबसे ज्यादा रुझान सामने आया। यहां 136 पात्र विद्यार्थियों में से 134 ने ई-स्कूटी और केवल 2 ने पेट्रोल स्कूटी का विकल्प चुना।
ग्वालियर में 102 विद्यार्थियों में से 95 ने ई-स्कूटी और 7 ने पेट्रोल स्कूटी चुनी। शिवपुरी में 130 में से 125 विद्यार्थियों ने इलेक्ट्रिक और 5 ने पेट्रोल स्कूटी की मांग की।
श्योपुर में 68 पात्र विद्यार्थियों में से 60 ने ई-स्कूटी, जबकि 8 विद्यार्थियों ने पेट्रोल स्कूटी चुनी।
| जिला | कुल पात्र विद्यार्थी | ई-स्कूटी | पेट्रोल स्कूटी |
|---|---|---|---|
| ग्वालियर | 102 | 95 | 7 |
| भिंड | 136 | 134 | 2 |
| शिवपुरी | 130 | 125 | 5 |
| श्योपुर | 68 | 60 | 8 |
| कुल | 436 | 414 | 22 |
मध्य प्रदेश की EV रैंकिंग में भी सुधार
नीति आयोग के इंडियन इलेक्ट्रिक मोबिलिटी इंडेक्स-2025 के अनुसार मध्य प्रदेश एक साल में 16 पायदान ऊपर चढ़कर देश में 7वें स्थान पर पहुंचा है। 17 बड़े राज्यों में मध्य प्रदेश को चौथे स्थान पर बताया गया है।
महाराष्ट्र, कर्नाटक और तमिलनाडु उससे आगे हैं। इंदौर, भोपाल, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन को मॉडल ईवी सिटी के रूप में विकसित करने की पहल का भी उल्लेख किया गया है।
ग्वालियर-चंबल में 828 विद्यार्थी योजना के पात्र
संयुक्त संचालक शिक्षा हरिओम चतुर्वेदी के अनुसार ग्वालियर-चंबल अंचल के आठ जिलों में कुल 828 विद्यार्थी इस योजना के लिए पात्र हैं। विद्यार्थियों के ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने के लिए शिविर लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
ग्वालियर में अब 102 विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलेगा, जिनमें 52 छात्राएं शामिल हैं।
ई-स्कूटी के लिए मिलेंगे 1.20 लाख रुपए
सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले और पहली बार में हायर सेकंडरी परीक्षा में सर्वाधिक अंक हासिल करने वाले विद्यार्थियों को सरकार स्कूटी खरीदने के लिए राशि देती है। सहशिक्षा वाले स्कूल से एक छात्र और एक छात्रा का चयन किए जाने का प्रावधान बताया गया है।
ई-स्कूटी का विकल्प चुनने वाले विद्यार्थियों को 1.20 लाख रुपए दिए जाएंगे।
ग्वालियर में पहले 103 विद्यार्थी पात्र थे, लेकिन एक विद्यार्थी के 70 प्रतिशत से कम अंक होने के कारण उसका नाम पात्र सूची से हटा दिया गया।


