ग्वालियर में डेंगू के 94 मरीज मिले: मुरार और हजार बिस्तर अस्पताल में बनाए आइसोलेशन वार्ड
जनवरी से अब तक 94 डेंगू केस; चिकनगुनिया और मौसमी बुखार के मामले भी सामने आए, 7 स्वाइन फ्लू मरीजों में 5 का इलाज जारी

ग्वालियर। बारिश के बाद जगह-जगह जमा पानी और बदलते मौसम के बीच ग्वालियर जिले में डेंगू और अन्य मौसमी बीमारियों का खतरा बढ़ रहा है। स्वास्थ्य विभाग के हालिया आंकड़ों के अनुसार, जनवरी से अब तक जिले में डेंगू के 94 मरीज पॉजिटिव मिले हैं।
डेंगू के बढ़ते मामलों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने अस्पतालों में अतिरिक्त व्यवस्थाएं की हैं। हजार बिस्तर अस्पताल में 5 और मुरार जिला अस्पताल में 2 आइसोलेशन वार्ड तैयार किए गए हैं।
स्वाइन फ्लू के 7 मरीज भी मिले
स्वास्थ्य विभाग के अनुसार जिले में अब तक 7 स्वाइन फ्लू मरीजों की रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इनमें से 2 मरीज उपचार के बाद स्वस्थ होकर घर लौट चुके हैं। वहीं 5 मरीजों का अस्पताल के आइसोलेशन वार्ड में इलाज चल रहा है।
डॉक्टरों की टीम इन मरीजों की विशेष निगरानी कर रही है।
घर-घर जाकर लार्वा की जांच
मच्छरों से होने वाली बीमारियों की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य और मलेरिया विभाग की 20 से अधिक विशेष टीमें शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में डोर-टू-डोर सर्वे कर रही हैं।
टीमें घरों में कूलर, पानी की टंकियों, गमलों और अन्य स्थानों पर जमा पानी की जांच कर रही हैं। जहां एडीज मच्छर के लार्वा मिल रहे हैं, वहां उन्हें नष्ट करने के साथ एंटी-लार्वा केमिकल का छिड़काव किया जा रहा है।
अस्पतालों में जांच और प्लेटलेट्स की व्यवस्था
डेंगू के संदिग्ध मरीजों के लिए ELISA जांच की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने ब्लड बैंकों में प्लेटलेट्स और जरूरी दवाओं का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए हैं।
जयारोग्य अस्पताल (JAH), मुरार जिला अस्पताल और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों पर भी डेंगू मरीजों के लिए बेड आरक्षित किए गए हैं।
फॉगिंग के साथ जागरूकता अभियान
नगर निगम के सहयोग से प्रभावित क्षेत्रों में फॉगिंग कराई जा रही है। स्वास्थ्य विभाग लोगों को घर और आसपास पानी जमा नहीं होने देने के लिए जागरूक कर रहा है।
हर सप्ताह मनाएं ‘ड्राई डे’
स्वास्थ्य विशेषज्ञों और जिला मलेरिया अधिकारी ने लोगों से हर सप्ताह ‘ड्राई डे’ मनाने की अपील की है। इस दौरान कूलर, पानी की टंकियों और पुराने बर्तनों की सफाई करने की सलाह दी गई है।
तेज बुखार, सिरदर्द या जोड़ों में दर्द जैसे लक्षण दिखाई देने पर बिना डॉक्टर की सलाह के दवा लेने से बचने और नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर जांच कराने की अपील की गई है।



