झारखंड में भारी बारिश का अलर्ट, पलामू-गढ़वा समेत 4 जिलों में आज बरसेंगे बादल
डैमों के फाटक खोले गए, नदियां उफान पर; गढ़वा में 3 सितंबर तक स्कूल बंद, 3% बारिश की कमी के बावजूद मानसून कोटा पूरा होने की उम्मीद

झारखंड में बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव क्षेत्र के असर से लगातार बारिश हो रही है, जिससे कई जिलों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। रांची समेत राज्य के कई हिस्सों में नाले और नदियां उफान पर हैं, निचले इलाकों में पानी भर गया है और डैमों का जलस्तर बढ़ने के बाद उनके फाटक खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है। मंगलवार को चांडिल डैम के सभी 13 फाटक खोल दिए गए, जबकि रांची के कांके और गेतलसूद डैम का एक-एक फाटक खोला गया। बोकारो के तेनुघाट डैम के भी आठ रेडियल और एक अंडर स्लूज गेट से पानी छोड़ा गया। जमशेदपुर में खरकई नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके कारण निचले इलाके जलमग्न हो गए हैं। पिछले 24 घंटे में डुमरिया में सबसे अधिक 217 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। मौसम विभाग ने आज पलामू, गढ़वा, चतरा और लातेहार के कुछ इलाकों में भारी बारिश की संभावना जताई है। लगातार बारिश और नदियों के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए गढ़वा जिले में 2 और 3 सितंबर को सभी स्कूल बंद रखने का फैसला लिया गया है। पलामू में सोन नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जबकि कई ग्रामीण रास्तों पर पानी का तेज बहाव होने से आवागमन प्रभावित हुआ है। मोहम्मदगंज और कोशियारा रेलवे स्टेशन के बीच आहर का बांध टूटने से रेलवे ट्रैक पर भी पानी भर गया। रामगढ़ के रजरप्पा में भैरवी नदी का जलस्तर बढ़ने से नदी किनारे की कई दुकानें पानी में डूब गईं और पानी मां छिन्नमस्तिका मंदिर के वीआईपी गेट तक पहुंच गया। लातेहार और आसपास के क्षेत्रों में लगातार बारिश के कारण कई मकानों के क्षतिग्रस्त होने की भी सूचना है, जबकि लोहरदगा में खेतों में लगी सब्जियों की फसल को नुकसान पहुंचा है। मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी से लगातार नमी मिलने के कारण बारिश का दौर बना हुआ है, हालांकि मौजूदा सिस्टम का प्रभाव 3 सितंबर से कम होने की संभावना है। इसके बाद 4 से 8 सितंबर के बीच मानसूनी गतिविधियों में कुछ कमी आ सकती है। इस बीच झारखंड में 1 सितंबर तक मानसून की कुल बारिश सामान्य से करीब 3 प्रतिशत कम रही है। जून से सितंबर तक राज्य में सामान्य मानसूनी बारिश 1022 मिमी मानी जाती है और मानसून का कोटा पूरा करने के लिए सितंबर में करीब 237 मिमी बारिश की जरूरत है। मौसम विभाग को उम्मीद है कि सितंबर में सामान्य बारिश होने पर मानसून का कुल कोटा पूरा हो सकता है। लगातार बारिश से धान की रोपनी को भी फायदा हुआ है और राज्य के कई हिस्सों में खेती की स्थिति पहले के अनुमान से बेहतर हुई है। आने वाले दिनों में खासकर पलामू प्रमंडल में अच्छी बारिश की संभावना जताई गई है, जबकि 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की भी संभावना है।



