जरूरत की खबर- बच्चे की लंबाई नहीं बढ़ रही: डॉक्टर से जानें कौन-से न्यूट्रिएंट्स जरूरी, कंप्लीट हेल्दी डाइट गाइड; ये 9 चीजें न दें
बच्चे की हाइट में जेनेटिक्स के साथ पोषण, नींद और लाइफस्टाइल भी अहम; प्रोटीन, कैल्शियम-विटामिन D और आयरन जरूरी, हाइट बढ़ाने वाली दवाओं से सावधान

भारत में बच्चों की ग्रोथ को लेकर माता-पिता अक्सर चिंतित रहते हैं। नेशनल फैमिली हेल्थ सर्वे (NFHS-5) के मुताबिक, भारत में 5 साल से कम उम्र के करीब 35.5% बच्चे स्टंटेड हैं। यानी उम्र के हिसाब से उनकी लंबाई कम है।
अक्सर माना जाता है कि बच्चे की हाइट सिर्फ जेनेटिक्स पर निर्भर करती है। हालांकि, बच्चे की ग्रोथ में पोषण, नींद, फिजिकल एक्टिविटी और स्वास्थ्य संबंधी स्थितियां भी अहम भूमिका निभाती हैं।
इसलिए यह समझना जरूरी है कि बच्चे की लंबाई बढ़ने के दौरान किन पोषक तत्वों की जरूरत होती है, किस तरह की डाइट देनी चाहिए और किन परिस्थितियों में डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
एक्सपर्ट: डॉ. आकांक्षा पारिख, कंसल्टेंट, पीडियाट्रिक एंडोक्रोनोलॉजी, कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी हॉस्पिटल, मुंबई।
बच्चे की लंबाई किन चीजों पर निर्भर करती है?
बच्चे की ग्रोथ कई फैक्टर्स पर निर्भर करती है। इनमें जेनेटिक्स, न्यूट्रिशन, नींद, फिजिकल एक्टिविटी और हेल्थ कंडीशंस शामिल हैं।
इन सभी फैक्टर्स का बच्चे की ग्रोथ पर अलग-अलग असर पड़ता है।
हाइट में जेनेटिक्स की कितनी भूमिका?
लंबाई तय करने में जेनेटिक्स की अहम भूमिका होती है। व्यक्ति की लंबाई का करीब 60-80% हिस्सा जेनेटिक फैक्टर्स से प्रभावित होता है।
माता-पिता से मिले हजारों जीन हड्डियों की ग्रोथ, ग्रोथ प्लेट्स के एक्टिव रहने की अवधि और शरीर की ग्रोथ स्पीड को प्रभावित करते हैं।
हालांकि करीब 20-40% हाइट ग्रोथ पर्यावरण, पोषण और लाइफस्टाइल जैसे फैक्टर्स से प्रभावित हो सकती है।
बच्चे की हाइट बढ़ने की सही उम्र क्या है?
बच्चे की लंबाई बचपन से किशोरावस्था तक बढ़ती है। हालांकि सबसे तेज ग्रोथ आमतौर पर प्यूबर्टी के दौरान होती है।
आमतौर पर लड़कियों में करीब 9-15 साल और लड़कों में 12-17 साल के बीच ग्रोथ स्पर्ट आता है। इस दौरान कुछ बच्चे हर साल औसतन 3-4 इंच तक बढ़ सकते हैं।
प्यूबर्टी के बाद हाइट क्यों रुक जाती है?
प्यूबर्टी के बाद हड्डियों की ग्रोथ प्लेट्स धीरे-धीरे सख्त होकर आपस में जुड़ जाती हैं। एक बार ग्रोथ प्लेट्स बंद हो जाएं तो लंबाई बढ़ना लगभग बंद हो जाता है।
लड़के और लड़कियों की हाइट बढ़ने की उम्र में अंतर
लड़कियों में तेजी से लंबाई बढ़ने का दौर आमतौर पर 9-15 साल के बीच आता है, जबकि लड़कों में यह अवधि सामान्यतः 12-17 साल के बीच होती है।
लड़कियों में पीरियड शुरू होने के बाद भी कुछ लंबाई बढ़ सकती है, लेकिन इसकी रफ्तार कम हो जाती है।
ज्यादातर मामलों में लड़कियां 14-16 साल और लड़के 16-18 साल की उम्र तक अपनी अंतिम लंबाई के करीब पहुंच जाते हैं। हालांकि हर बच्चे की ग्रोथ अलग होती है।
हाइट ग्रोथ के लिए कौन-से न्यूट्रिएंट्स जरूरी?
बच्चों की अच्छी ग्रोथ के लिए संतुलित और पौष्टिक आहार जरूरी है। पोषण की कमी सिर्फ लंबाई ही नहीं, बल्कि बच्चे की ओवरऑल ग्रोथ को भी प्रभावित कर सकती है।
1. प्रोटीन
प्रोटीन शरीर की ग्रोथ और टिश्यू रिपेयर के लिए जरूरी है। यह मांसपेशियों, हड्डियों और नए सेल्स के निर्माण में मदद करता है।
बच्चों की बढ़ती उम्र में पर्याप्त प्रोटीन मिलने से शरीर का सही विकास होने में मदद मिलती है।
2. कैल्शियम और विटामिन D
कैल्शियम हड्डियों और दांतों को मजबूत बनाने में मदद करता है। वहीं, विटामिन D शरीर में कैल्शियम के सही अवशोषण में मदद करता है।
इनकी कमी से हड्डियां कमजोर हो सकती हैं और ग्रोथ प्रभावित हो सकती है।
3. आयरन
आयरन हीमोग्लोबिन के जरिए शरीर के अलग-अलग हिस्सों तक ऑक्सीजन पहुंचाने में मदद करता है। इसकी कमी से एनीमिया, कमजोरी, थकान और भूख कम लगने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
इसका असर बच्चों की ओवरऑल ग्रोथ पर भी पड़ सकता है।
बच्चे की डाइट में क्या शामिल करें?
बच्चों की डाइट में दालें, दूध, मौसमी फल और हरी सब्जियां शामिल करनी चाहिए।
शाकाहारी बच्चों के लिए दालें, राजमा, सोयाबीन, पनीर, दूध, दही, रागी, फल, हरी पत्तेदार सब्जियां, ड्राई फ्रूट्स और साबुत अनाज अच्छे विकल्प हैं।
हालांकि कोई एक फूड, सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खा बच्चे की लंबाई बढ़ने की गारंटी नहीं देता।
बच्चों को कौन-सी चीजें कम या बिल्कुल नहीं देनी चाहिए?
जंक फूड, ज्यादा शुगर और अल्ट्राप्रोसेस्ड फूड को बच्चों की डाइट में कम से कम रखना चाहिए। इनका अधिक सेवन बच्चे की ओवरऑल हेल्थ और ग्रोथ पर नकारात्मक असर डाल सकता है।
इसलिए बच्चों को संतुलित और पोषक आहार देना ज्यादा जरूरी है।
कौन-सी एक्सरसाइज हाइट बढ़ाने में मदद करती है?
कोई भी एक्सरसाइज सीधे बच्चे की लंबाई बढ़ाने की गारंटी नहीं देती। बच्चे को सिर्फ हाइट बढ़ाने के उद्देश्य से फिजिकल एक्टिविटी के लिए मजबूर करना सही नहीं है।
हालांकि एक्सरसाइज बच्चों की ओवरऑल हेल्थ के लिए बेहद जरूरी है। बच्चे को रनिंग, जॉगिंग, स्विमिंग, साइकिलिंग, स्किपिंग, स्ट्रेचिंग, योग, आउटडोर गेम्स, बास्केटबॉल और हैंगिंग एक्सरसाइज कराई जा सकती हैं।
हाइट से जुड़े 4 बड़े मिथक
मिथक 1: हाइट सिर्फ जेनेटिक्स से तय होती है।
सच्चाई: जेनेटिक्स महत्वपूर्ण है, लेकिन पोषण और हेल्दी लाइफस्टाइल भी बच्चे की ग्रोथ को प्रभावित करते हैं।
मिथक 2: दवा या पाउडर से लंबाई बढ़ सकती है।
सच्चाई: अगर ग्रोथ प्लेट्स बंद हो चुकी हैं तो कोई दवा, पाउडर, सप्लीमेंट या घरेलू नुस्खा लंबाई नहीं बढ़ा सकता।
मिथक 3: लटकने से लंबाई बढ़ती है।
सच्चाई: हैंगिंग ओवरऑल फिटनेस के लिए की जा सकती है, लेकिन इससे लंबाई बढ़ने का प्रमाण नहीं है।
मिथक 4: ज्यादा खाना खाने से हाइट ज्यादा बढ़ेगी।
सच्चाई: ज्यादा खाना नहीं, बल्कि संतुलित और पौष्टिक आहार जरूरी है।
क्या मोटापे से बच्चे की ग्रोथ प्रभावित हो सकती है?
बच्चे का ज्यादा वजन हार्मोनल बैलेंस को प्रभावित कर सकता है और ओवरऑल ग्रोथ पर असर डाल सकता है। मोटापे के कारण बच्चों में प्यूबर्टी जल्दी आने का जोखिम भी बढ़ सकता है, जिससे अंतिम हाइट प्रभावित हो सकती है।
कब डॉक्टर को दिखाना चाहिए?
अगर बच्चे की लंबाई उम्र के हिसाब से बहुत कम लग रही हो या लंबे समय तक उसकी ग्रोथ धीमी बनी रहे तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।
बिना चिकित्सकीय सलाह के हाइट बढ़ाने वाली दवाओं या सप्लीमेंट का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
क्या बाजार में मिलने वाली हाइट बढ़ाने की दवाएं काम करती हैं?
ऐसी दवाओं के प्रभाव का कोई ठोस सबूत नहीं है। बिना डॉक्टर की सलाह के इनका इस्तेमाल नुकसानदायक भी हो सकता है।
जरूरी बात
बच्चे की लंबाई पर जेनेटिक्स का बड़ा असर होता है, लेकिन पर्याप्त पोषण, अच्छी नींद, नियमित शारीरिक गतिविधि और अच्छी सेहत भी महत्वपूर्ण हैं। किसी एक फूड, एक्सरसाइज या सप्लीमेंट से हाइट बढ़ाने की गारंटी नहीं होती।




