पटना में 478 संपत्तिधारकों से 31.04 लाख रुपए प्रॉपर्टी टैक्स वसूला: 116 नई संपत्तियों का असेसमेंट, 5 में गड़बड़ी मिलने पर पेनाल्टी
नगर निगम के अभियान में अलग-अलग अंचलों में हुई कार्रवाई; नूतन राजधानी से सबसे ज्यादा 11 लाख रुपए टैक्स वसूला, 29 संपत्तियों का पुनर्मूल्यांकन

पटना। पटना नगर निगम की ओर से शहर के अलग-अलग अंचलों में प्रॉपर्टी टैक्स कलेक्शन और संपत्तियों के कर निर्धारण को लेकर अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान 478 संपत्तिधारकों से कुल 31.04 लाख रुपए प्रॉपर्टी टैक्स की वसूली की गई। वहीं, अभियान के दौरान 116 नई संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट भी किया गया।
नगर निगम की टीमों ने विभिन्न अंचलों में संपत्तियों का निरीक्षण करने के साथ टैक्स से जुड़े रिकॉर्ड की भी जांच की। इस दौरान पहले से दर्ज विवरण और मौके पर संपत्ति की वास्तविक स्थिति का मिलान किया गया।
नूतन राजधानी अंचल से सबसे ज्यादा 11 लाख रुपए वसूले
नगर निगम के अनुसार, अलग-अलग अंचलों में हुई टैक्स वसूली इस प्रकार रही—
- पाटलिपुत्र अंचल: 136 संपत्तिधारकों से 8.46 लाख रुपए
- कंकड़बाग अंचल: 91 संपत्तियों से 4.05 लाख रुपए
- नूतन राजधानी अंचल: 79 संपत्तियों से 11 लाख रुपए
- अजीमाबाद अंचल: 78 संपत्तियों से 2.69 लाख रुपए
- बांकीपुर अंचल: 62 संपत्तियों से 4 लाख रुपए
- पटना सिटी अंचल: 32 संपत्तियों से 77 हजार रुपए
इस तरह अभियान के दौरान कुल 31.04 लाख रुपए की संपत्ति कर वसूली की गई।
116 नई संपत्तियों का हुआ टैक्स असेसमेंट
अभियान के दौरान नई संपत्तियों को टैक्स के दायरे में लाने के लिए उनका कर निर्धारण भी किया गया। नूतन राजधानी अंचल में सबसे अधिक 32 नई संपत्तियों का टैक्स असेसमेंट हुआ।
इसके अलावा कंकड़बाग में 26, पाटलिपुत्र में 24, अजीमाबाद में 21, बांकीपुर में 7 और पटना सिटी में 6 नई संपत्तियों का कर निर्धारण किया गया।
29 संपत्तियों का दोबारा किया गया मूल्यांकन
नगर निगम की टीमों ने अभियान के दौरान 29 संपत्तियों के निर्धारित टैक्स का पुनर्मूल्यांकन भी किया। स्थल निरीक्षण के दौरान 5 संपत्तियों की वास्तविक स्थिति और नगर निगम के रिकॉर्ड में दर्ज टैक्स विवरण में अंतर पाया गया।
इसके बाद इन संपत्तियों का दोबारा टैक्स असेसमेंट किया गया और नियमों के अनुसार पेनाल्टी भी लगाई गई।
निर्माण या विस्तार होने पर टैक्स रिकॉर्ड अपडेट कराएं
पटना नगर निगम ने संपत्तिधारकों से अपील की है कि मूल कर निर्धारण के बाद यदि उनकी संपत्ति में नया निर्माण, विस्तार या किसी अन्य प्रकार का बदलाव हुआ है तो इसकी जानकारी नगर निगम को दें।
निगम ने लोगों से स्वयं पुनर्मूल्यांकन कराने और ऑनलाइन कर विवरण को अपडेट करने की अपील की है, ताकि संपत्ति का टैक्स वास्तविक स्थिति के अनुसार निर्धारित किया जा सके।




