पटना में भीम आर्मी का राजभवन मार्च, बैरिकेडिंग पर चढ़े कार्यकर्ता
70वीं BPSC परीक्षा की जांच समेत कई मांगें; जेपी गोलंबर पर पुलिस ने रोका, सरकार के खिलाफ नारेबाजी

पटना। आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी की ओर से पटना में अधिकार मार्च निकाला गया। प्रदेश अध्यक्ष जौहर आजाद के नेतृत्व में गांधी मैदान के गेट नंबर-10 से राजभवन तक मार्च प्रस्तावित था। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने जेपी गोलंबर के पास बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया।
प्रदर्शन के दौरान कुछ कार्यकर्ता बैरिकेडिंग पर चढ़ गए और आगे बढ़ने का प्रयास करने लगे। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से पीछे हटने और लौटने की अपील की। स्थिति को देखते हुए जेपी गोलंबर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया।
तीन स्तर की बैरिकेडिंग
प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए जेपी गोलंबर पर तीन स्तर की सुरक्षा व्यवस्था की गई। सबसे आगे बैरिकेडिंग, उसके पीछे पुलिसकर्मी और एक अन्य लेयर में CRPF के जवान तैनात रहे। डाकबंगला चौराहे की ओर भी सुरक्षा बढ़ाई गई।
70वीं BPSC परीक्षा की जांच की मांग
भीम आर्मी और आजाद समाज पार्टी ने 70वीं BPSC परीक्षा की व्यापक जांच कराने की मांग उठाई है। संगठन की ओर से BPSC चेयरमैन के खिलाफ कार्रवाई की मांग भी की गई है।
इसके अलावा बिहार में सरकारी भर्तियों में 85 प्रतिशत डोमिसाइल नीति लागू करने की मांग रखी गई है। संगठन ने BSSC-2 CGL समेत अन्य परीक्षाओं को रद्द करने और दरोगा भर्ती में 1,799 पदों को लेकर न्यायिक जांच की मांग भी उठाई।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने सरकार और शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ नारे लगाए। कुछ प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी उठाई। संगठन के नेताओं का कहना है कि भर्ती परीक्षाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार को जवाब देना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने आगे बढ़ने से रोका
गांधी मैदान से निकला मार्च रामगुलाम चौक होते हुए जेपी गोलंबर पहुंचा। यहां पुलिस ने बैरिकेडिंग लगाकर प्रदर्शनकारियों को आगे जाने से रोक दिया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेडिंग के पास ही नारेबाजी जारी रखी और अपनी मांगों को लेकर विरोध जताया।
अधिकार मार्च को लेकर पटना में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी रही। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों से शांतिपूर्ण तरीके से लौटने की अपील की गई।




