पूर्व CM भजनलाल की बेटी रोशनी बिश्नोई की बढ़ी मुश्किलें, कोर्ट में भगोड़ा घोषित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ी
गुरुग्राम कोर्ट ने 6 अक्टूबर तक व्यक्तिगत पेशी का दिया अंतिम मौका; जालसाजी केस में पुलिस ने सार्वजनिक उद्घोषणा की तामील रिपोर्ट पेश की, सुनवाई से पहले कुलदीप बिश्नोई विदेश रवाना

हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय भजनलाल की बेटी रोशनी बिश्नोई के खिलाफ दर्ज जालसाजी और धोखाधड़ी के मामले में गुरुग्राम की अदालत ने सख्ती बढ़ा दी है। शनिवार 5 सितंबर को हुई सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से रोशनी बिश्नोई के खिलाफ सार्वजनिक उद्घोषणा की प्रक्रिया पूरी किए जाने की तामील रिपोर्ट अदालत में पेश की गई। इसके बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट सचिन कुमार सिंह की अदालत ने रोशनी बिश्नोई को 6 अक्टूबर 2026 तक व्यक्तिगत रूप से अदालत में पेश होने का अंतिम अवसर दिया है। अदालत के निर्देश के मुताबिक यदि वह निर्धारित तारीख तक पेश नहीं होती हैं तो उनके खिलाफ आगे कानूनन भगोड़ा घोषित करने और संपत्ति कुर्क करने की प्रक्रिया शुरू हो सकती है। सुनवाई के दौरान राज्य अपराध शाखा की ओर से भी लिखित जवाब अदालत में दाखिल किया गया, जिस पर अदालत 21 सितंबर को विचार करेगी। इस मामले की सुनवाई से ठीक पहले भाजपा नेता और भजनलाल के बेटे कुलदीप बिश्नोई के विदेश रवाना होने की भी चर्चा है। कुलदीप बिश्नोई हर वर्ष हिसार में आयोजित होने वाले जन्माष्टमी कार्यक्रम में प्रमुख रूप से शामिल होते रहे हैं, लेकिन इस बार वह कार्यक्रम में मौजूद नहीं रहे। कार्यक्रम में मंत्री अरविंद शर्मा ने मंच से बताया कि कुलदीप बिश्नोई जरूरी काम के चलते विदेश गए हैं। कार्यक्रम के बैनर पर उनका फोटो प्रमुखता से लगाया गया था, जबकि उनकी गैरमौजूदगी में उनके भाई और बेटे ने कार्यक्रम में हिस्सा लिया। रोशनी बिश्नोई के खिलाफ अदालत में चल रही कार्रवाई और कुलदीप बिश्नोई के विदेश जाने की टाइमिंग को लेकर स्थानीय राजनीतिक हलकों में तरह-तरह की चर्चाएं जरूर हुई हैं, हालांकि उनके विदेश दौरे का आधिकारिक कारण जरूरी काम बताया गया है और इसे अदालत की कार्रवाई से जोड़कर देखना महज अटकल होगी। इस मामले में पुलिस के अनुसार गुरुग्राम के सेक्टर-14 थाने में शिकायतकर्ता धर्मवीर बिश्नोई की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि रोशनी बिश्नोई और उनके पति अनूप बिश्नोई ने मृत व्यक्तियों के नाम पर कथित तौर पर फर्जी दस्तावेज, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस तैयार कराए और इन दस्तावेजों के आधार पर सेक्टर 23 और 23ए में स्थित महंगे प्लॉटों की खरीद-फरोख्त में धोखाधड़ी की गई। पुलिस ने मामले में IPC की धाराओं 419, 420, 467, 468, 471, 204 और 120B के तहत केस दर्ज किया है। जांच एजेंसियों की ओर से अब आरोपों से जुड़े दस्तावेजों, संपत्ति लेनदेन और कथित फर्जी पहचान दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अदालत में शनिवार को पुलिस ने बताया कि रोशनी बिश्नोई के खिलाफ सार्वजनिक उद्घोषणा का नोटिस उनके बताए गए पते और अदालत परिसर में नियमानुसार चस्पा किया जा चुका है। अदालत ने इस प्रक्रिया को रिकॉर्ड पर लेते हुए उन्हें अगली निर्धारित तारीख पर पेश होने का निर्देश दिया। दूसरी ओर, इस मामले के सार्वजनिक होने के बाद कुलदीप बिश्नोई द्वारा अपनी बहन रोशनी बिश्नोई के साथ रक्षाबंधन के मौके पर सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट और तस्वीरों को हटाए जाने की बात भी सामने आई थी। इससे पहले दोनों भाई-बहन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर मौजूद थीं, लेकिन एफआईआर सामने आने के बाद पोस्ट हटाए जाने को लेकर भी राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर चर्चाएं हुईं। फिलहाल मामले में अदालत की अगली महत्वपूर्ण तारीख 21 सितंबर है, जब राज्य अपराध शाखा की ओर से दाखिल जवाब पर विचार किया जाएगा, जबकि रोशनी बिश्नोई को 6 अक्टूबर तक व्यक्तिगत रूप से पेश होना होगा। यदि वह अदालत के निर्देश का पालन नहीं करती हैं तो उनके खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की संभावना बढ़ जाएगी। इस पूरे प्रकरण में लगाए गए आरोप अभी न्यायिक जांच के अधीन हैं और दोष सिद्ध होने तक किसी भी आरोपी को दोषी नहीं माना जा सकता। आने वाले दिनों में अदालत की कार्यवाही और जांच एजेंसी द्वारा पेश किए जाने वाले दस्तावेज इस मामले की दिशा तय करेंगे।




