हरियाणा में दूध के दाम ₹100 किलो करने की तैयारी: पशुपालकों ने मांगी ₹2-3 की बढ़ोतरी, गांवों में भी बढ़े रेट के प्रस्ताव
पशु आहार, चारा और ट्रांसपोर्ट महंगा होने से बढ़ी लागत; दूध महंगा हुआ तो दही-पनीर से लेकर मिठाइयों तक पर पड़ सकता है असर

हिसार। महाराष्ट्र के बाद अब हरियाणा में भी दूध की कीमत बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन (DFA) ने वीटा के अलग-अलग प्लांटों में ज्ञापन सौंपकर दूध के खरीद रेट में 2 से 3 रुपए प्रति किलो की बढ़ोतरी की मांग की है। पशुपालकों का कहना है कि पशु आहार, तूड़ी, खल-बिनौला और अन्य जरूरी सामान महंगे होने से डेयरी कारोबार की लागत लगातार बढ़ रही है।
इसी बीच प्रदेश के कई गांवों में पशुपालकों ने खुद दूध के दाम बढ़ाने को लेकर बैठकें शुरू कर दी हैं। कुछ गांवों में भैंस का दूध 100 रुपए प्रति किलो और गाय का दूध 80 रुपए प्रति किलो बेचने का फैसला लिया गया है।
राजथल से शुरू हुई 100 रुपए किलो की मुहिम
हांसी जिले के नारनौंद क्षेत्र के गांव राजथल से भैंस के दूध को 100 रुपए किलो करने की मुहिम शुरू होने की बात सामने आई है। यहां पशुपालकों ने 4 सितंबर से भैंस का दूध 100 रुपए किलो और गाय का दूध 80 रुपए किलो बेचने का फैसला लिया है।
इसके अलावा देसी घी के दाम में भी बढ़ोतरी करने की बात कही गई है। राजथल के साथ भैणीअमीपुर और मिर्चपुर में भी पशुपालकों ने दूध के रेट बढ़ाने को लेकर बैठक की है।
गांव की सरपंच रेणु ने स्पष्ट किया कि दूध के दाम बढ़ाने का फैसला पशुपालकों ने लिया है और पंचायत की इसमें कोई भूमिका नहीं है।
कैथल के धनौरी में 1 सितंबर से 100 रुपए किलो
कैथल के धनौरी गांव में पशुपालकों ने 1 सितंबर से दूध 100 रुपए प्रति किलो बेचने का फैसला लिया है। पशुपालकों का कहना है कि खल-बिनौला और पशु आहार की कीमत बढ़ने के कारण दूध बेचकर पहले जैसी आमदनी नहीं बच रही।
जींद के सिरसा खेड़ी में भी बढ़ेंगे रेट
जींद जिले की जुलाना तहसील के सिरसा खेड़ी गांव में भी पशुपालकों ने 1 सितंबर से दूध का रेट 100 रुपए प्रति किलो तय करने का फैसला लिया है।
बैठक में यह भी तय किया गया है कि अगर कोई पशुपालक निर्धारित रेट से कम कीमत पर दूध बेचता है तो उस पर 5,100 रुपए जुर्माना लगाया जाएगा।
पिहोवा में 10 सितंबर को महापंचायत
कुरुक्षेत्र के पिहोवा में किसानों और पशुपालकों ने रेस्ट हाउस में बैठक कर 10 सितंबर को महापंचायत बुलाने का निर्णय लिया है। इस महापंचायत में दूध के दाम बढ़ाने को लेकर अंतिम फैसला लिए जाने की बात कही गई है।
पशुपालकों का कहना है कि महंगाई के कारण पशुओं को पालने की लागत लगातार बढ़ रही है और मौजूदा दूध के रेट में कारोबार करना मुश्किल हो रहा है।
फिलहाल 70-80 रुपए किलो तक बिक रहा भैंस का दूध
हरियाणा के कई क्षेत्रों में फिलहाल भैंस का दूध करीब 70 से 80 रुपए प्रति किलो और गाय का दूध 50 से 60 रुपए प्रति किलो के आसपास बिक रहा है। ऐसे में 100 रुपए किलो का प्रस्ताव मौजूदा खुदरा कीमतों के मुकाबले बड़ा बदलाव होगा।
हालांकि गांव-गांव में लिए जा रहे फैसले स्थानीय पशुपालकों की बैठकों पर आधारित हैं। पूरे प्रदेश में एक समान खुदरा कीमत लागू होने की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है।
चारा और ट्रांसपोर्ट महंगा होने का हवाला
पशुपालकों के मुताबिक पिछले कुछ समय में हरा चारा, तूड़ी, चुनी, खल और बिनौला जैसी चीजों की कीमत बढ़ी है। इसके साथ ही पशुओं की देखभाल, इलाज, तबेले के संचालन और दूध की ढुलाई का खर्च भी बढ़ा है।
डेयरी फार्मर्स एसोसिएशन इसी बढ़ी हुई लागत को आधार बनाकर वीटा से दूध के खरीद रेट में 2 से 3 रुपए प्रति किलो बढ़ोतरी की मांग कर रही है।
दूध महंगा हुआ तो दही-पनीर और मिठाइयों पर भी असर
दूध की कीमत बढ़ने का असर केवल दूध तक सीमित नहीं रह सकता। दूध से बनने वाले दही, पनीर, घी, मक्खन और अन्य डेयरी उत्पादों की लागत भी बढ़ सकती है।
त्योहारी सीजन में इसका असर मिठाई कारोबार पर भी पड़ने की संभावना है। मिठाई की दुकानों, बेकरी और दूध आधारित खाद्य पदार्थ बनाने वाले कारोबारियों की उत्पादन लागत बढ़ने पर ग्राहकों को भी ज्यादा कीमत चुकानी पड़ सकती है।
फिलहाल नजर इस बात पर है कि पशुपालकों की मांग पर वीटा और संबंधित संस्थाएं क्या फैसला लेती हैं और अलग-अलग गांवों में प्रस्तावित 100 रुपए किलो की कीमत कितनी व्यापक रूप से लागू होती है।




