राजस्थान में मानसून फिर एक्टिव, दौसा में घर-दुकानें डूबीं; जयपुर में 6 डिग्री गिरा तापमान
महवा में 105 MM बारिश से 2 से ढाई फीट तक जलभराव, खेतों में पानी भरा; कई जिलों में बांधों के गेट खोलकर पानी की निकासी

राजस्थान में मानसून एक बार फिर सक्रिय होने के बाद कई जिलों में भारी बारिश और जलभराव के हालात बन गए हैं। दौसा जिले के महवा में रविवार रात से हुई तेज बारिश के कारण शहर के मुख्य बाजार समेत कई इलाकों में 2 से ढाई फीट तक पानी भर गया, जिससे सड़कें जलमग्न हो गईं और कई दुकानों तथा घरों के अंदर तक पानी पहुंच गया। ग्रामीण क्षेत्रों में खेत भी पानी में डूब गए हैं और खड़ी तथा कटी हुई बाजरे की फसल को नुकसान पहुंचने की जानकारी सामने आई है। महवा में पिछले 24 घंटे में 105 एमएम से अधिक बारिश दर्ज की गई। इससे पहले शनिवार को भी राजस्थान के 10 से ज्यादा जिलों में झमाझम बारिश हुई, जिसमें सवाई माधोपुर के खंडार में करीब 102 एमएम यानी 4 इंच से अधिक पानी बरसा। करौली, भरतपुर और अलवर के कई इलाकों में भी करीब 3 इंच तक बारिश रिकॉर्ड की गई, जबकि अजमेर, बारां, बूंदी, दौसा, धौलपुर, करौली, टोंक, सीकर, कोटा और भीलवाड़ा समेत कई जिलों में 1 से 2 इंच तक बारिश हुई। लगातार बारिश के चलते नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया और सवाई माधोपुर, बारां, बूंदी तथा कोटा जिलों में कई स्थानों पर नदियों पर बनी रपटें पानी में डूब गईं, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन प्रभावित हुआ। कुछ इलाकों में ग्रामीणों को जोखिम उठाकर नदी पार करते हुए भी देखा गया। तेज बारिश का असर बांधों पर भी पड़ा और कई जलाशयों में पानी बढ़ने के बाद गेट खोलकर अतिरिक्त पानी की निकासी करनी पड़ी। भरतपुर के बंध बारैठा बांध के 2 गेट, धौलपुर के पार्वती बांध के 2 गेट, झालावाड़ के कालीसिंध बांध के 3 गेट और कोटा के नवनेरा बांध के 7 गेट खोले गए, जबकि धौलपुर का रामसागर डैम और सवाई माधोपुर का मानसरोवर बांध ओवरफ्लो होकर छलक गया। बारिश के कारण कई जिलों में तापमान में भी उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई और पारा करीब 6 डिग्री तक नीचे आने से दिन के समय भी मौसम में रात जैसी ठंडक महसूस हुई। मौसम विभाग के मुताबिक प्रदेश में बारिश का दौर 8 सितंबर तक जारी रह सकता है और इसके बाद करीब एक सप्ताह तक बारिश की गतिविधियों में कमी आने की संभावना है। मौसम विज्ञान केन्द्र जयपुर के निदेशक राधेश्याम शर्मा के अनुसार वेलमार्क लो-प्रेशर सिस्टम उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान की सीमा के आसपास सक्रिय है, जिसके प्रभाव से जयपुर और भरतपुर संभाग सहित कई क्षेत्रों में मध्यम से तेज तथा कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। लगातार बारिश के कारण जलभराव, फसलों को नुकसान, नदी-नालों के बढ़ते जलस्तर और बांधों से पानी छोड़े जाने के चलते प्रशासन तथा स्थानीय लोगों के सामने भी कई चुनौतियां खड़ी हो गई हैं।




