DGP बोले- अपराध रोकथाम में Y-CLG सदस्य बनें सक्रिय भागीदार, पुलिस के साथ मिलकर करें काम
महिला सुरक्षा, नशा और साइबर अपराध के खिलाफ जागरूकता पर जोर; राजस्थान में 73,184 यूथ-CLG सदस्य पुलिस से जुड़े

जयपुर में पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा ने अपराध रोकथाम और जनसुरक्षा को मजबूत करने के लिए यूथ-सीएलजी (Y-CLG) सदस्यों से सक्रिय भागीदारी निभाने का आह्वान किया है। डीजीपी ने शनिवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए प्रदेशभर के पुलिस अधिकारियों और पुलिस से जुड़े Y-CLG सदस्यों से सीधा संवाद करते हुए उन्हें पुलिस और आमजन के बीच महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान को देश का सबसे सुरक्षित राज्य बनाने के लक्ष्य में समाज की सक्रिय भागीदारी बेहद जरूरी है और यूथ-CLG सदस्य अपने क्षेत्रों में सक्रिय रहकर पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर सकते हैं। डीजीपी ने सदस्यों से अपराध की आशंका वाली गतिविधियों की जानकारी पुलिस तक पहुंचाने के साथ-साथ महिला एवं बालिका सुरक्षा, नशे की रोकथाम, साइबर अपराध और रोड सेफ्टी को लेकर आमजन के बीच जागरूकता अभियान चलाने की अपील की। उन्होंने कहा कि स्थानीय स्तर पर लोगों के सुझाव और समय पर मिलने वाली सूचनाएं अपराधियों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करने में पुलिस के लिए मददगार साबित हो सकती हैं। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान महिला एवं बालिका सुरक्षा को विशेष प्राथमिकता देते हुए डीजीपी ने कहा कि Y-CLG सदस्य पुलिस के साथ मिलकर महिलाओं और बालिकाओं के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करने में सकारात्मक भूमिका निभाएं। उन्होंने युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृत्ति को रोकने के लिए भी सदस्यों को आगे आने का आह्वान किया और कहा कि नशे के कारोबार से जुड़ी संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पुलिस तक पहुंचाने के साथ युवाओं तथा आमजन को नशे के दुष्परिणामों के प्रति जागरूक करना जरूरी है। इसी तरह साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए लोगों को ऑनलाइन ठगी, साइबर धोखाधड़ी और अन्य डिजिटल अपराधों से बचाव के उपायों की जानकारी देने पर भी जोर दिया गया। डीजीपी ने पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में Y-CLG सदस्यों के साथ लगातार संवाद और समन्वय बनाए रखें तथा उन्हें जनसुरक्षा और अपराध रोकथाम से जुड़े कार्यों में सक्रिय रूप से शामिल करें। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस की ओर से जारी की जाने वाली उपयोगी और जनहितकारी सूचनाओं को ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने में Y-CLG प्रभावी माध्यम बन सकता है, जिससे सही जानकारी का तेजी से प्रसार होगा और लोगों को भ्रामक या नुकसानदायक सूचनाओं से बचाने में भी मदद मिलेगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस लता मनोज कुमार और उपमहानिरीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप भी मौजूद रहे। अतिरिक्त महानिदेशक सामुदायिक पुलिसिंग ने बताया कि वर्तमान में राजस्थान में 73,184 यूथ-CLG सदस्य पुलिस से जुड़े हुए हैं और उनके सहयोग से किए जा रहे कार्यों तथा योगदान की एक माह बाद समीक्षा की जाएगी। डीजीपी ने विश्वास जताया कि पुलिस और समाज के बीच Y-CLG के माध्यम से मजबूत समन्वय स्थापित होने से अपराध रोकथाम, जनजागरूकता और सुरक्षा व्यवस्था को और प्रभावी बनाया जा सकेगा तथा सुरक्षित राजस्थान के संकल्प को मजबूती मिलेगी।




