सचिन पायलट का चन्नी गुट को संदेश: पंजाब कांग्रेस में फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन नहीं
सीएम चेहरे पर भी स्थिति स्पष्ट; बोले- विपक्ष में रहते कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व में चुनाव लड़ती है, बहुमत के बाद तय होगा मुख्यमंत्री

लुधियाना, 12 सितंबर। पंजाब कांग्रेस में जारी अंदरूनी खींचतान के बीच नए प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने नेतृत्व परिवर्तन और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर पार्टी की स्थिति स्पष्ट कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, जयपुर में पंजाब कांग्रेस के नेताओं के साथ चर्चा के दौरान पायलट ने संकेत दिया कि फिलहाल प्रदेश कांग्रेस के नेतृत्व में बदलाव की कोई योजना नहीं है।
पार्टी के भीतर पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी के समर्थक लंबे समय से प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के नेतृत्व को लेकर असहमति जताते रहे हैं। इसी बीच चन्नी को आगामी विधानसभा चुनाव के लिए मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने की मांग भी उठती रही है। हालांकि पायलट के बयान से संकेत मिलता है कि हाईकमान फिलहाल इन मांगों को स्वीकार करने के मूड में नहीं है।
सीएम चेहरे पर पायलट ने क्या कहा?
सचिन पायलट के अनुसार, जिन राज्यों में कांग्रेस विपक्ष में होती है, वहां पार्टी आम तौर पर पहले से मुख्यमंत्री का चेहरा घोषित नहीं करती। उन्होंने कहा कि पंजाब में भी सभी नेता मिलकर चुनाव लड़ेंगे और बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री का फैसला किया जाएगा।
इससे साफ संकेत मिलता है कि फिलहाल कांग्रेस किसी एक नेता को मुख्यमंत्री पद का चेहरा घोषित करने से बच रही है। इससे चन्नी को सीएम फेस बनाने की मांग कर रहे नेताओं को झटका लग सकता है।
पायलट के संदेश में पांच अहम बातें
1. फिलहाल नेतृत्व परिवर्तन नहीं
पंजाब कांग्रेस में प्रदेश अध्यक्ष बदलने की चर्चाओं के बीच पायलट ने मौजूदा नेतृत्व के साथ आगे बढ़ने का संकेत दिया है। चन्नी गुट की ओर से समय-समय पर नेतृत्व परिवर्तन की मांग सामने आती रही है, हालांकि इसके प्रमुख नेताओं ने इसे हमेशा सार्वजनिक रूप से स्पष्ट शब्दों में नहीं रखा।
2. कोई नेता खुद को सीएम फेस न माने
पंजाब में अगले विधानसभा चुनाव को लेकर मुख्यमंत्री चेहरे की चर्चा लगातार होती रही है। पायलट ने स्पष्ट किया कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव लड़ती है। इसलिए किसी नेता को अभी से खुद को मुख्यमंत्री पद का चेहरा मानकर नहीं चलना चाहिए।
3. बहुमत के बाद होगा मुख्यमंत्री का फैसला
पायलट के अनुसार चुनाव में कांग्रेस को बहुमत मिलने के बाद मुख्यमंत्री के चयन का फैसला पार्टी नेतृत्व करेगा। इससे चन्नी के साथ-साथ राजा वड़िंग, सुखजिंदर सिंह रंधावा और प्रताप बाजवा जैसे संभावित दावेदारों के लिए भी मुख्यमंत्री पद की संभावना खुली रह सकती है।
4. पंजाब में चुनाव अभियान को लेकर भी हाईकमान की भूमिका
पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी को कैंपेनिंग कमेटी का चेयरमैन बनाया है। हालांकि उनके खेमे की गतिविधियों और पार्टी के भीतर चल रही खींचतान के बीच चुनाव अभियान की कमान को लेकर भी चर्चा जारी है। पायलट ने संकेत दिया है कि पंजाब में कांग्रेस के चुनाव अभियान में राहुल गांधी की प्रमुख भूमिका रहेगी।
5. पार्टी लाइन से बाहर जाने वाले नेताओं पर नजर
पायलट ने पंजाब कांग्रेस के प्रमुख नेताओं के साथ अलग-अलग मुलाकातें की हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इन बैठकों में नेताओं को संगठनात्मक अनुशासन और हाईकमान की रणनीति के अनुरूप काम करने का संदेश दिया गया है। पार्टी लाइन से अलग गतिविधियों को लेकर भी हाईकमान की नजर रहने की बात सामने आई है।
चन्नी गुट की गतिविधियां अब भी जारी
पंजाब कांग्रेस के भीतर राजा वड़िंग और चन्नी समर्थक नेताओं के बीच दूरी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। हाल के दिनों में चन्नी समर्थक नेताओं की अलग-अलग बैठकें भी हुई हैं।
संगरूर में गुलजार सिंह की आत्महत्या के मामले में चन्नी और उनके समर्थक नेताओं के राज्यपाल से मिलने को लेकर भी पार्टी के भीतर अलग-अलग गतिविधियां देखने को मिलीं। कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक हाईकमान पंजाब के नेताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहा है।
निर्दिष्ट मंच पर साथ आने को लेकर असमंजस
चन्नी गुट और राजा वड़िंग के बीच सार्वजनिक मंच साझा करने को लेकर भी स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। इससे पहले पार्टी की बैठकों में दोनों पक्षों के बीच मतभेद सामने आते रहे हैं। अब सचिन पायलट के पंजाब प्रभारी बनने के बाद यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि दोनों गुट संगठनात्मक कार्यक्रमों में किस तरह साथ आते हैं।
फिलहाल पायलट के संदेश से यह संकेत जरूर मिला है कि कांग्रेस हाईकमान पंजाब में नेतृत्व परिवर्तन और पहले से मुख्यमंत्री चेहरा घोषित करने के बजाय सामूहिक नेतृत्व के साथ चुनाव मैदान में उतरने की रणनीति पर आगे बढ़ रहा है।




