सिरसा का जवान सुखचैन सिंह जम्मू-कश्मीर में शहीद, आज पैतृक गांव में राजकीय सम्मान से होगा अंतिम संस्कार
राजौरी में 59 इंजीनियरिंग रेजीमेंट में तैनात थे सुखचैन सिंह; शहादत की खबर से कुत्ताबढ़ गांव में शोक की लहर, अंतिम यात्रा में उमड़ेगा जनसैलाब

सिरसा/रानियां। सिरसा जिले के गांव कुत्ताबढ़ निवासी भारतीय सेना के जवान सुखचैन सिंह जम्मू-कश्मीर के राजौरी में शहीद हो गए। देश की रक्षा करते हुए जवान की शहादत की खबर जैसे ही गांव पहुंची, पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई। शुक्रवार को उनका पार्थिव शरीर पैतृक गांव कुत्ताबढ़ लाया जाएगा, जहां दोपहर करीब 12 बजे राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
सुखचैन सिंह जम्मू-कश्मीर के राजौरी क्षेत्र में 59 इंजीनियरिंग रेजीमेंट में तैनात थे। ड्यूटी के दौरान वे शहीद हुए। जवान की शहादत की सूचना मिलने के बाद सैनिक बोर्ड और संबंधित अधिकारियों की ओर से अंतिम संस्कार को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं।
2015 में सेना में भर्ती हुए थे सुखचैन सिंह
सुखचैन सिंह 27 सितंबर 2015 को भारतीय सेना में भर्ती हुए थे। करीब 30 वर्षीय सुखचैन सिंह ऐलनाबाद विधानसभा क्षेत्र के गांव कुत्ताबढ़ के रहने वाले थे। सेना में भर्ती होने के बाद उन्होंने देश की सेवा में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्तमान में उनकी तैनाती राजौरी में थी।
पत्नी और पांच साल के बेटे को छोड़ गए पीछे
शहीद सुखचैन सिंह अपने पीछे पत्नी निर्मल कौर और पांच साल के बेटे को छोड़ गए हैं। उनकी शादी करीब छह वर्ष पहले हुई थी। उनके पिता बलविंदर सिंह का पहले ही निधन हो चुका था। उनकी माता का नाम अमर कौर है।
परिवार में सुखचैन सिंह के दो भाई और एक बहन हैं। तीनों भाई-बहन शादीशुदा हैं। उनके बड़े भाई गांव में शैटरिंग का काम करते हैं। सुखचैन सिंह का परिवार और उनके बड़े भाई का परिवार पिछले काफी समय से गांव कुत्ताबढ़ में रह रहा है।
घर पर जुट रहे रिश्तेदार और ग्रामीण
जवान की शहादत की सूचना मिलते ही उनके घर पर रिश्तेदारों और ग्रामीणों के पहुंचने का सिलसिला शुरू हो गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल है। गांव में भी मातम पसरा हुआ है।
शहीद का पार्थिव शरीर गांव पहुंचने से पहले ग्रामीणों और पंचायत की ओर से अंतिम संस्कार की तैयारियां की जा रही हैं। गर्मी को देखते हुए घर और अंतिम संस्कार स्थल के आसपास टेंट आदि की व्यवस्था की गई है।
राजकीय सम्मान के साथ होगी अंतिम विदाई
सुखचैन सिंह के पार्थिव शरीर को राजौरी से सिरसा लाया जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव कुत्ताबढ़ पहुंचेगा। यहां राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा। अंतिम विदाई में बड़ी संख्या में ग्रामीणों, रिश्तेदारों और क्षेत्र के लोगों के शामिल होने की संभावना है।
देश की रक्षा करते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले जवान सुखचैन सिंह की शहादत पर पूरा क्षेत्र उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहा है।




