झारखंड कांग्रेस में बढ़ी अंदरूनी कलह
वित्त मंत्री राधाकृष्ण किशोर ने प्रदेश अध्यक्ष को लिखा पत्र, बोले- खुद के बैठने की जगह नहीं, इतनी बड़ी कमेटी किसे खुश करने के लिए बनाई

Indian National Congress की झारखंड इकाई में अंदरूनी खींचतान अब खुलकर सामने आने लगी है। राज्य के वित्त मंत्री Radhakrishna Kishore ने लगातार तीसरे दिन पार्टी नेतृत्व को पत्र लिखते हुए प्रदेश कांग्रेस की नई कमेटी के गठन और उसके आकार पर सवाल उठाए हैं।
प्रदेश अध्यक्ष पर सीधे उठाए सवाल
पहले दो पत्र प्रदेश प्रभारी को भेजने के बाद इस बार वित्त मंत्री ने Keshav Mahto Kamlesh को सीधे पत्र लिखा। उन्होंने पूछा कि आखिर इतनी बड़ी कमेटी बनाने की जरूरत क्यों पड़ी।
राधाकृष्ण किशोर ने अन्य राज्यों की विधानसभा सीटों और वहां की प्रदेश कांग्रेस कमेटियों का उदाहरण देते हुए कहा कि झारखंड में जरूरत से ज्यादा लंबी टीम बनाई गई है।
“बोइंग 737 जैसी कमेटी” बताकर कसा तंज
वित्त मंत्री ने कांग्रेस भवन की व्यवस्थाओं पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश अध्यक्ष खुद 8×8 के कमरे में बैठते हैं, ऐसे में 314 पदाधिकारियों के बैठने की व्यवस्था कहां होगी।
उन्होंने नई कमेटी की तुलना “बोइंग 737” से करते हुए सवाल उठाया कि क्या कुछ बड़े नेताओं को खुश करने के लिए इतनी बड़ी कमेटी बनाई गई है।
नेताओं के परिजनों को जगह देने पर भी सवाल
राधाकृष्ण किशोर ने यह भी पूछा कि किन नेताओं के परिजनों को संगठन में जगह दी गई है, इसकी जानकारी कार्यकर्ताओं को सार्वजनिक रूप से दी जानी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस सरकार में साझेदार होने के बावजूद प्रदेश नेतृत्व मुख्यमंत्री से नया कार्यालय भवन तक नहीं दिला पाया।
कांग्रेस का जवाब- नई कमेटी पहले से छोटी
प्रदेश कांग्रेस उपाध्यक्ष एवं मीडिया चेयरमैन Satish Paul Munjani ने वित्त मंत्री के आरोपों का जवाब देते हुए कहा कि नई कमेटी 314 नहीं बल्कि 269 सदस्यीय है।
उन्होंने कहा कि पिछली कमेटी 280 सदस्यों की थी, इसलिए नई टीम उससे छोटी है। साथ ही इस बार सभी सदस्यों को जिम्मेदारियां भी दी गई हैं।
पार्टी में बढ़ी हलचल
वित्त मंत्री के लगातार पत्रों से झारखंड कांग्रेस में नई बहस शुरू हो गई है। हालांकि कई मंत्री और विधायक खुलकर टिप्पणी करने से बच रहे हैं, लेकिन अंदरखाने कुछ नेता राधाकृष्ण किशोर द्वारा उठाए गए मुद्दों को गंभीर बता रहे हैं।
हाल के दिनों में वित्त मंत्री ने एससी आयोग, क्षेत्रीय भाषाओं और हजारीबाग दुष्कर्म मामले को लेकर भी प्रदेश नेतृत्व की कार्यशैली पर सवाल उठाए थे। अब पार्टी के भीतर यह विवाद “कमेटी वार” का रूप लेता नजर आ रहा है।
#HamareMath #GiriReporter #MandiDabwali #BhagwaHindustan #BhagwaHindusthan



