18 साल पुराने हिरण शिकार मामले में चार दोषियों को 3-3 साल की सजा
दो महिलाओं समेत चार आरोपियों पर 40 हजार रुपए जुर्माना

Bikaner में 18 साल पुराने हिरण शिकार मामले में अदालत ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 40-40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं कराने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थैले में मिला था हिरण का मांस और छुरी
मामला कोलायत थाना क्षेत्र के बीठनोक गांव का है। न्यायिक मजिस्ट्रेट पारूल पारीक की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार 22 जून 2008 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
पुलिस ने मामले में भगवानाराम उर्फ ईश्वरराम, पृथ्वी उर्फ ज्ञानिया, गुन्नीदेवी और विमला देवी को आरोपी बनाया था। कार्रवाई के दौरान गुन्नी देवी और विमला देवी के पास से एक थैले में हिरण का मांस और छुरी बरामद हुई थी।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोष सिद्ध
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोप साबित करने में सफल रहा। इसके आधार पर चारों आरोपियों को दोषी माना गया।
हालांकि अदालत ने आरोपियों को आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट ने नरमी बरतने से किया इनकार
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की मांग करते हुए कहा कि आरोपी गरीब परिवार से हैं और लंबे समय से मुकदमे का सामना कर रहे हैं। लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए परिवीक्षा का लाभ देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि आरोपियों द्वारा पहले से काटी गई पुलिस और न्यायिक हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
Bikaner में 18 साल पुराने हिरण शिकार मामले में अदालत ने दो महिलाओं समेत चार आरोपियों को तीन-तीन साल की सजा सुनाई है। कोर्ट ने सभी दोषियों पर 40-40 हजार रुपए का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना जमा नहीं कराने पर अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी।
थैले में मिला था हिरण का मांस और छुरी
मामला कोलायत थाना क्षेत्र के बीठनोक गांव का है। न्यायिक मजिस्ट्रेट पारूल पारीक की अदालत में मामले की सुनवाई हुई। कोर्ट रिकॉर्ड के अनुसार 22 जून 2008 को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी, जिसके बाद कार्रवाई की गई।
पुलिस ने मामले में भगवानाराम उर्फ ईश्वरराम, पृथ्वी उर्फ ज्ञानिया, गुन्नीदेवी और विमला देवी को आरोपी बनाया था। कार्रवाई के दौरान गुन्नी देवी और विमला देवी के पास से एक थैले में हिरण का मांस और छुरी बरामद हुई थी।
वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत दोष सिद्ध
अदालत ने अपने फैसले में कहा कि अभियोजन पक्ष वन्यजीव संरक्षण अधिनियम के तहत आरोप साबित करने में सफल रहा। इसके आधार पर चारों आरोपियों को दोषी माना गया।
हालांकि अदालत ने आरोपियों को आर्म्स एक्ट से जुड़े मामले में दोषमुक्त कर दिया।
कोर्ट ने नरमी बरतने से किया इनकार
सुनवाई के दौरान बचाव पक्ष ने अदालत से नरमी बरतने की मांग करते हुए कहा कि आरोपी गरीब परिवार से हैं और लंबे समय से मुकदमे का सामना कर रहे हैं। लेकिन अदालत ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए परिवीक्षा का लाभ देने से इनकार कर दिया।
कोर्ट ने यह भी आदेश दिया कि आरोपियों द्वारा पहले से काटी गई पुलिस और न्यायिक हिरासत की अवधि को सजा में समायोजित किया जाएगा।
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