
दोस्त की गद्दारी से पकड़ा गया भारत का जासूस, मौत की सजा के बाद भी बच गया — पार्ट-2
नई दिल्ली। ‘स्पाई फाइल्स’ सीरीज में आज कहानी है भारतीय जासूस मोहनलाल भास्कर की, जिन्होंने देश के लिए जासूसी करते हुए पाकिस्तान में गिरफ्तारी, यातना और मौत की सजा तक का सामना किया।
पार्ट-1 में बताया गया था कि पंजाब के रहने वाले मोहनलाल भास्कर ने शिक्षक की नौकरी छोड़कर जासूसी का रास्ता अपनाया था। इसके बाद वह पाकिस्तान पहुंचे और वहां से महत्वपूर्ण सूचनाएं भारत तक पहुंचाने का काम करने लगे।
दोस्त की गद्दारी से खुला राज
मोहनलाल भास्कर की कहानी में सबसे बड़ा मोड़ तब आया, जब उनके ही एक परिचित ने कथित तौर पर उनके साथ धोखा किया। इसी गद्दारी के बाद पाकिस्तानी एजेंसियों को उनके जासूस होने का शक हुआ और उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया।
पूछताछ के दौरान बर्बर यातना
गिरफ्तारी के बाद उनसे पूछताछ की गई। रिपोर्ट के मुताबिक, उन्हें बुरी तरह पीटा गया और शारीरिक यातनाएं दी गईं। हालत इतनी खराब हो गई कि वह करीब 26 घंटे तक बेहोश रहे।
इसके बावजूद उन्होंने भारत से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां देने से बचने की कोशिश की।
सुनाई गई मौत की सजा
मामला अदालत तक पहुंचा और मोहनलाल भास्कर को मौत की सजा सुनाई गई। ऐसा लग रहा था कि उनकी जिंदगी अब खत्म होने वाली है, लेकिन बाद में परिस्थितियां बदलीं और वह मौत की सजा से बचने में कामयाब रहे।
उनकी कहानी भारतीय जासूसी इतिहास के उन अध्यायों में शामिल है, जिसमें एक जासूस को दुश्मन देश में पकड़े जाने के बाद बेहद कठिन परिस्थितियों का सामना करना पड़ा




