गुजरात सचिवालय के बेसमेंट में आग से हड़कंप, बंगाल में इमरजेंसी के दौरान जेल गए लोगों को ₹10 हजार पेंशन; नासिक में रेलवे रूट पर प्रदर्शन
गुजरात सचिवालय के बेसमेंट में आग से हड़कंप, बंगाल में इमरजेंसी के दौरान जेल गए लोगों को ₹10 हजार पेंशन; नासिक में रेलवे रूट पर प्रदर्शन

गुजरात के गांधीनगर स्थित सचिवालय के ब्लॉक नंबर-9 के बेसमेंट में आग लगने से कुछ समय के लिए हड़कंप मच गया। आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीमें मौके पर पहुंचीं और मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया। बेसमेंट में धुआं ज्यादा भर जाने के कारण दमकल कर्मियों ने कूलिंग ऑपरेशन जारी रखा, ताकि अंदर मौजूद गर्म हिस्सों से दोबारा आग न भड़के। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है और संबंधित विभाग मामले की जांच कर रहा है। इसी बीच पश्चिम बंगाल से एक बड़ा राजनीतिक ऐलान सामने आया है। मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने इमरजेंसी के दौरान जेल गए 325 लोगों के लिए हर महीने 10 हजार रुपए पेंशन देने की घोषणा की है। राज्य सचिवालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि इन लोगों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए कठिन परिस्थितियों का सामना किया था। इन लोगों की पहचान ‘पश्चिमबंग लोकतंत्र सेनानी सम्मान’ के तहत किए जाने की बात कही गई है। केंद्र की भाजपा सरकार 25 जून, 1975 को लगी इमरजेंसी की याद में इस दिन को ‘संविधान हत्या दिवस’ के रूप में मनाती है। वहीं केरल में राजनीतिक टिप्पणीकार और यूट्यूबर टीजी मोहनदास को जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों को लेकर कथित आपत्तिजनक और हिंसक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस हिरासत में लिए जाने की खबर है। आरोप है कि उन्होंने अपने यूट्यूब वीडियो में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ गोली चलाने जैसी बात कही थी। तिरुवनंतपुरम साइबर पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज किया है। RSS ने भी बयान से दूरी बनाते हुए कहा है कि मोहनदास संगठन में किसी पद पर नहीं हैं और उनकी टिप्पणी निंदनीय है। दूसरी ओर महाराष्ट्र के नासिक में नासिक-पुणे सेमी-हाई-स्पीड रेलवे लाइन के प्रस्तावित रूट में बदलाव के विरोध में हजारों लोग सड़कों पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों की मांग है कि रेलवे लाइन के लिए पुराना और छोटा रूट ही रखा जाए। प्रदर्शन के दौरान चक्का जाम के कारण हाईवे पर यातायात प्रभावित हुआ। आंदोलन की अगुवाई कर रहे विधान परिषद सदस्य सत्यजीत तांबे को पुलिस ने हिरासत में लिया। बताया जा रहा है कि पुणे के पास जायंट मीटरवेव रेडियो टेलीस्कोप यानी GMRT के सिग्नलों में संभावित बाधा की आशंका के चलते नारायणगांव-संगमनेर वाले सीधे रूट को बदलने का प्रस्ताव सामने आया है। इसके स्थान पर अहिल्यानगर और शिरडी होकर नया रूट प्रस्तावित किया गया है, जिसका स्थानीय स्तर पर विरोध हो रहा है। इस तरह एक ही दिन गुजरात में सचिवालय की आग, पश्चिम बंगाल में इमरजेंसी सेनानियों के लिए पेंशन, केरल में विवादित बयान का मामला और महाराष्ट्र में रेलवे रूट को लेकर प्रदर्शन जैसी अलग-अलग घटनाएं चर्चा में बनी हुई हैं।




