अमेरिकी मिडटर्म चुनाव में ट्रम्प के सामने बड़ी चुनौती: रिपब्लिकन हारने पर कांग्रेस में बढ़ेगा विरोध, महंगाई-इमिग्रेशन और ईरान युद्ध बनेंगे मुद्दे
रिपब्लिकन हारने पर कांग्रेस में बढ़ेगा विरोध, महंगाई-इमिग्रेशन और ईरान युद्ध बनेंगे मुद्दे

अमेरिका में नवंबर में होने वाले मिडटर्म चुनाव राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए उनके दूसरे कार्यकाल का बड़ा राजनीतिक इम्तिहान साबित हो सकते हैं। उपलब्ध सर्वे के मुताबिक रिपब्लिकन पार्टी के चुनाव हारने की संभावना करीब 65% तक बताई जा रही है, हालांकि चुनाव अभी बाकी है और मौजूदा अनुमान बदल सकते हैं। मिडटर्म चुनाव में राष्ट्रपति का चुनाव नहीं होता, बल्कि अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधि सभा और सीनेट की सीटों के साथ कई राज्यों और स्थानीय सरकारों के महत्वपूर्ण पदों के लिए मतदान होता है। अगर रिपब्लिकन पार्टी कांग्रेस में अपना बहुमत खो देती है तो ट्रम्प राष्ट्रपति पद पर बने रहेंगे, लेकिन उनके लिए अपनी नीतियों और बड़े फैसलों को आगे बढ़ाना पहले की तुलना में मुश्किल हो सकता है। कांग्रेस में डेमोक्रेटिक पार्टी की ताकत बढ़ने पर टैरिफ, इमिग्रेशन, वीजा और विदेश नीति से जुड़े फैसलों को लेकर राष्ट्रपति प्रशासन को ज्यादा राजनीतिक विरोध का सामना करना पड़ सकता है। ट्रम्प के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में महंगाई भी शामिल है। सर्वे में बड़ी संख्या में अमेरिकी मतदाताओं ने अर्थव्यवस्था और बढ़ती कीमतों को अपनी प्रमुख चिंता बताया है। रोजमर्रा के सामान, खासकर किराने की कीमतों में बढ़ोतरी और भविष्य की आर्थिक स्थिति को लेकर लोगों की चिंता चुनावी नतीजों पर असर डाल सकती है। ट्रम्प की इमिग्रेशन नीति भी एक महत्वपूर्ण चुनावी मुद्दा बन चुकी है। अवैध प्रवासियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और डिपोर्टेशन की नीति उनके राजनीतिक एजेंडे का प्रमुख हिस्सा रही है, लेकिन सर्वे में इस नीति को लेकर विरोध भी सामने आया है। यदि स्वतंत्र और उपनगरीय मतदाताओं के बीच यह असंतोष बढ़ता है तो रिपब्लिकन उम्मीदवारों के लिए इसका असर पड़ सकता है। दूसरी ओर ईरान के साथ चल रहा युद्ध भी अमेरिकी राजनीति में आर्थिक और विदेश नीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। संघर्ष लंबा खिंचने पर तेल की कीमतों में बढ़ोतरी से पेट्रोल, परिवहन और अन्य वस्तुओं की लागत बढ़ सकती है, जिसका सीधा असर अमेरिकी परिवारों पर पड़ेगा। यही कारण है कि ट्रम्प प्रशासन के लिए ईरान पर सैन्य दबाव बनाए रखने के साथ-साथ घरेलू अर्थव्यवस्था को संभालना भी बड़ी चुनौती है। यदि रिपब्लिकन पार्टी दोनों सदनों में अपना बहुमत खो देती है तो ट्रम्प को कांग्रेस के साथ अधिक तालमेल बनाकर काम करना पड़ सकता है। कांग्रेस बजट, कानून, सैन्य कार्रवाई की फंडिंग और प्रशासनिक नीतियों पर महत्वपूर्ण नियंत्रण रखती है। हालांकि यह कहना कि चुनाव हारते ही ट्रम्प की हर नीति रुक जाएगी या तत्काल महाभियोग हो जाएगा, सही नहीं होगा। महाभियोग की प्रक्रिया राजनीतिक रूप से संभव जरूर है, लेकिन उसके लिए प्रतिनिधि सभा और सीनेट में अलग-अलग संवैधानिक प्रक्रियाएं और राजनीतिक समर्थन जरूरी होता है। इसलिए मिडटर्म चुनाव का असली महत्व यह होगा कि क्या अमेरिकी मतदाता ट्रम्प की नीतियों को समर्थन देते हैं या कांग्रेस में ऐसा संतुलन बनाते हैं जो राष्ट्रपति की शक्तियों पर अधिक राजनीतिक निगरानी और रोक-टोक पैदा करे। नवंबर का चुनाव इसी लिहाज से ट्रम्प के दूसरे कार्यकाल की दिशा तय करने वाला महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकता है।


